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आश्वासन के बावजूद मांगें पूरी न होने पर भड़के शिक्षक, निदेशालय में किया धरना-प्रदर्शन
Updated Tue, 08 May 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
अपनी 18 सूत्री मांगों पर कार्रवाई ना होने से नाराज राजकीय शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। शिक्षकों का आरोप है कि अधिकतर मामलों में सरकार से वार्ता के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने सरकार पर कोरे आश्वासन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त 2017, एक जनवरी 2018 और एक व दो फरवरी को सरकार से बातचीत हुई थी। जिसमें सरकार की ओर समस्याओं के समाधान के बाबत आश्वस्त किया गया, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। तदर्थ पदोन्नति के मामले में लिखित सहमति के बावजूद भी आदेश जारी नहीं किए जा सके हैं। जबकि नवंबर-दिसंबर 2017 में तदर्थ प्रोन्नत शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापना की जा चुकी है।
शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला ने कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को किसी तरह की समस्या ना हो इसलिए छुट्टी के दिन दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। इसके बावजूद अब भी सरकार ने कोई पहल नहीं की, तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन राजकीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल, कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी, शिव सिंह नेगी, रविंद्र सिंह राणा, जिलाध्यक्ष सुभाष झिल्डियाल, नागेंद्र पुरोहित, राकेश रमोला, उत्तम शर्मा, रविंद्र रोड, श्याम सिंह, लक्ष्मण सिंह रावत समेत सभी जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
1-शिक्षक तदर्थ पदोन्नति शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी करने।
2-शेष विषयों की काउंसिलिंग शुरू करने।
3-शिक्षकों को एसीपी का लाभ देने।
4-सातवें वेतनमान के बाद वरिष्ठ-कनिष्ठ वेतन निर्धारण में उत्पन्न विसंगति को दूर करने।
5-तदर्थ विनियमित शिक्षक बंधुओं को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन प्रोन्नत वेतनमान देने।
6-वर्ष-2018 की कोटिकरण की अनियमितताओं का स्थलीय निरीक्षण कर जांच करने।
7-कोटिकरण की विसंगतियों को दूर करते हुए पुरानी सेवाओं का लाभ देने।
8-अंतर मंडलीय स्थानांतरण का प्रावधान करने।
9-50 वर्ष की महिलाओं, विधवा, परित्यक्ता, एनसीसी व एनएसएस के प्रभारियों को अनिवार्य स्थानांतरण में छूट देने।
10-सहायक अध्यापक एलटी में समायोजित प्राथमिक शिक्षकों को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत करने।
11-सहायक अध्यापक एलटी का मंडलीय कैडर समाप्त करने और एलटी का चयन वेतनमान 5400 व प्रवक्ता का वेतनमान 7600 करने आदि।
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अपनी 18 सूत्री मांगों पर कार्रवाई ना होने से नाराज राजकीय शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। शिक्षकों का आरोप है कि अधिकतर मामलों में सरकार से वार्ता के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने सरकार पर कोरे आश्वासन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त 2017, एक जनवरी 2018 और एक व दो फरवरी को सरकार से बातचीत हुई थी। जिसमें सरकार की ओर समस्याओं के समाधान के बाबत आश्वस्त किया गया, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। तदर्थ पदोन्नति के मामले में लिखित सहमति के बावजूद भी आदेश जारी नहीं किए जा सके हैं। जबकि नवंबर-दिसंबर 2017 में तदर्थ प्रोन्नत शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापना की जा चुकी है।
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शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला ने कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को किसी तरह की समस्या ना हो इसलिए छुट्टी के दिन दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। इसके बावजूद अब भी सरकार ने कोई पहल नहीं की, तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन राजकीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल, कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी, शिव सिंह नेगी, रविंद्र सिंह राणा, जिलाध्यक्ष सुभाष झिल्डियाल, नागेंद्र पुरोहित, राकेश रमोला, उत्तम शर्मा, रविंद्र रोड, श्याम सिंह, लक्ष्मण सिंह रावत समेत सभी जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
1-शिक्षक तदर्थ पदोन्नति शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी करने।
2-शेष विषयों की काउंसिलिंग शुरू करने।
3-शिक्षकों को एसीपी का लाभ देने।
4-सातवें वेतनमान के बाद वरिष्ठ-कनिष्ठ वेतन निर्धारण में उत्पन्न विसंगति को दूर करने।
5-तदर्थ विनियमित शिक्षक बंधुओं को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन प्रोन्नत वेतनमान देने।
6-वर्ष-2018 की कोटिकरण की अनियमितताओं का स्थलीय निरीक्षण कर जांच करने।
7-कोटिकरण की विसंगतियों को दूर करते हुए पुरानी सेवाओं का लाभ देने।
8-अंतर मंडलीय स्थानांतरण का प्रावधान करने।
9-50 वर्ष की महिलाओं, विधवा, परित्यक्ता, एनसीसी व एनएसएस के प्रभारियों को अनिवार्य स्थानांतरण में छूट देने।
10-सहायक अध्यापक एलटी में समायोजित प्राथमिक शिक्षकों को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत करने।
11-सहायक अध्यापक एलटी का मंडलीय कैडर समाप्त करने और एलटी का चयन वेतनमान 5400 व प्रवक्ता का वेतनमान 7600 करने आदि।