{"_id":"5abc00e54f1c1be3298b479f","slug":"111522270437-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोटो- सिटी में वैद्य बालेंदु के नाम से है, यह खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोटो- सिटी में वैद्य बालेंदु के नाम से है, यह खबर
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ज्योतिष और आयुर्वेद में खास रिश्ता है। इस रिश्ते को 32 वर्षों से आगे बढ़ा रहे पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश को इस वर्ष अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में ‘आयुर्वेद विभूषण’ के सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान आयुर्वेद की दुनिया में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
पद्मश्री वैद्य बालेंदु आयुर्वेद की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय नाम है। वह वैज्ञानिक पकड़ के साथ आयुर्वेदिक फिजिशियन के तौर पर जाने जाते हैं। अपने 32 वर्षों की सेवा के दौरान वैद्य बालेंदु ने एक्यूट प्रो माइलॉसिटिक ल्यूकेमिया, क्रोनिक पेनक्रियाटिटिस, माइग्रेन, न्यूट्रीशिनल एनिमिया, एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस और परसिस्टेंट एलर्जिक हिनिटिस की प्रभावशाली आयुर्वेदिक दवाईयां ईजाद की। इनसे हजारों मरीजों का जीवन सुधर गया। उनकी लगन का ही नतीजा है कि भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके 28 शोध प्रकाशित हो चुके हैं। वर्ष 1999 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजे गए वैद्य बालेंदु को सबसे कम आयु में यह सम्मान हासिल करने का गौरव भी प्राप्त है। आयुर्वेद को ज्योतिष से जोड़ते हुए वह न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वैद्य बालेंदु इसी वर्ष 17 व 18 सितंबर को अमेरिका में होने वाली अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में ‘इनोवेशन इन रिसर्च एंड द ट्रीटमेंट ऑफ हैपाटोबिलियरी एंड पेनक्रियाटिक डिसीज’ विषय पर अपनी बात रखने के लिए अमेरिका जाएंगे।
विज्ञापन
ज्योतिष और आयुर्वेद में खास रिश्ता है। इस रिश्ते को 32 वर्षों से आगे बढ़ा रहे पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश को इस वर्ष अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में ‘आयुर्वेद विभूषण’ के सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान आयुर्वेद की दुनिया में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
पद्मश्री वैद्य बालेंदु आयुर्वेद की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय नाम है। वह वैज्ञानिक पकड़ के साथ आयुर्वेदिक फिजिशियन के तौर पर जाने जाते हैं। अपने 32 वर्षों की सेवा के दौरान वैद्य बालेंदु ने एक्यूट प्रो माइलॉसिटिक ल्यूकेमिया, क्रोनिक पेनक्रियाटिटिस, माइग्रेन, न्यूट्रीशिनल एनिमिया, एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस और परसिस्टेंट एलर्जिक हिनिटिस की प्रभावशाली आयुर्वेदिक दवाईयां ईजाद की। इनसे हजारों मरीजों का जीवन सुधर गया। उनकी लगन का ही नतीजा है कि भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके 28 शोध प्रकाशित हो चुके हैं। वर्ष 1999 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजे गए वैद्य बालेंदु को सबसे कम आयु में यह सम्मान हासिल करने का गौरव भी प्राप्त है। आयुर्वेद को ज्योतिष से जोड़ते हुए वह न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वैद्य बालेंदु इसी वर्ष 17 व 18 सितंबर को अमेरिका में होने वाली अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में ‘इनोवेशन इन रिसर्च एंड द ट्रीटमेंट ऑफ हैपाटोबिलियरी एंड पेनक्रियाटिक डिसीज’ विषय पर अपनी बात रखने के लिए अमेरिका जाएंगे।
विज्ञापन