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जल संरक्षण के लिए जन सहयोग जरूरी
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:31 AM IST
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जल संरक्षण के लिए जन सहयोग जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
विश्व जल दिवस पर गति फाउंडेशन की ओर से वसंत विहार क्लब में आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि भारतीय वन्य जीव संस्थान की प्रोफेसर डा. रुचि बडोला ने कहा कि समुदाय की भागीदारी के बगैर जल स्रोतों का संरक्षण संभव नहीं है। इसके लिए लोगों को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि पेयजल स्रोतों के लिए केवल सरकार पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। जब तक लोग आगे नहीं आएंगे कुछ नहीं किया जा सकता। लोग पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आएं। उदिशा सकलानी ने वेस्ट वाटर को री-साइकिल कर इसके इस्तेमाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में लोग पानी को इसी तरह से बचा रहे हैं।
कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए बनी नीतियों एवं कानून में आवश्यक संशोधन पर भी जोर दिया गया। गति फाउंडेशन के ऋषभ श्रीवास्तव ने वर्षा जल के संरक्षण और इसके इस्तेमाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी की बर्बादी को न रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। कार्यक्रम में पूर्व आईएएस विभापुरी दास, एसके दास, गति फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल, प्रेरणा रतूड़ी, डीआईटी, आईएमएस, ग्राफीक एरा विवि के छात्र आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
विश्व जल दिवस पर गति फाउंडेशन की ओर से वसंत विहार क्लब में आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि भारतीय वन्य जीव संस्थान की प्रोफेसर डा. रुचि बडोला ने कहा कि समुदाय की भागीदारी के बगैर जल स्रोतों का संरक्षण संभव नहीं है। इसके लिए लोगों को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि पेयजल स्रोतों के लिए केवल सरकार पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। जब तक लोग आगे नहीं आएंगे कुछ नहीं किया जा सकता। लोग पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आएं। उदिशा सकलानी ने वेस्ट वाटर को री-साइकिल कर इसके इस्तेमाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में लोग पानी को इसी तरह से बचा रहे हैं।
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कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए बनी नीतियों एवं कानून में आवश्यक संशोधन पर भी जोर दिया गया। गति फाउंडेशन के ऋषभ श्रीवास्तव ने वर्षा जल के संरक्षण और इसके इस्तेमाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी की बर्बादी को न रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। कार्यक्रम में पूर्व आईएएस विभापुरी दास, एसके दास, गति फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल, प्रेरणा रतूड़ी, डीआईटी, आईएमएस, ग्राफीक एरा विवि के छात्र आदि मौजूद रहे।
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