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सीनियर सिटीजनों को समझा जा रहा बोझ
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:53 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन के नगर निगम सभागार में आयोजित प्रथम कार्यकर्ता अधिवेशन में पेंशनरों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को उठाया। पेंशनरों ने कहा कि उनके लिए सेंटर गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम शुरू की गई है, लेकिन डिस्पेंसरी में न पर्याप्त डाक्टर हैं न दवाएं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को बोझ समझा जा रहा है।
नगर निगम सभागार में आयोजित अधिवेशन में पेंशनरों ने कहा कि जिले में 27 हजार पेंशनर्स हैं। जबकि यहां मात्र दो डिस्पेंसरी हैं इसमें भी न पर्याप्त डाक्टर हैं न दवाएं। जबकि जिन अस्पतालों को पैनल में रखा गया है उन अस्पतालों में भी केवल बिल बनाने के लिए उन्हें भर्ती कर दिया जाता है। कुछ पेंशनरों ने पैनल में शामिल दून के बड़े अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें घुटने में दर्द था। पैनल के एक अस्पताल ने भर्ती होते ही डेढ़ लाख रुपये विभिन्न जांचों का बिल बना दिया। जांच के बाद बताया कि ऑपरेशन होगा। किसी तरह अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज होकर दूसरे अस्पताल में दिखाया तो डाक्टर ने बताया कि ऑपरेशन की जरूरत नही है। दवा से वे कुछ दिन बाद ठीक हो गए। सम्मेलन में पेंशनरों ने पैनल के अस्पतालों में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक हरबंस कपूर एवं विधायक गणेश जोशी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष एमआर गुप्ता, पूर्व आईजी एसएस कोठियाल, एसोसिएशन के संयोजक केएस बंगारी, माधो सिंह रावत, एलएन बलूनी, पीपी जुगरान आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन के नगर निगम सभागार में आयोजित प्रथम कार्यकर्ता अधिवेशन में पेंशनरों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को उठाया। पेंशनरों ने कहा कि उनके लिए सेंटर गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम शुरू की गई है, लेकिन डिस्पेंसरी में न पर्याप्त डाक्टर हैं न दवाएं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को बोझ समझा जा रहा है।
नगर निगम सभागार में आयोजित अधिवेशन में पेंशनरों ने कहा कि जिले में 27 हजार पेंशनर्स हैं। जबकि यहां मात्र दो डिस्पेंसरी हैं इसमें भी न पर्याप्त डाक्टर हैं न दवाएं। जबकि जिन अस्पतालों को पैनल में रखा गया है उन अस्पतालों में भी केवल बिल बनाने के लिए उन्हें भर्ती कर दिया जाता है। कुछ पेंशनरों ने पैनल में शामिल दून के बड़े अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें घुटने में दर्द था। पैनल के एक अस्पताल ने भर्ती होते ही डेढ़ लाख रुपये विभिन्न जांचों का बिल बना दिया। जांच के बाद बताया कि ऑपरेशन होगा। किसी तरह अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज होकर दूसरे अस्पताल में दिखाया तो डाक्टर ने बताया कि ऑपरेशन की जरूरत नही है। दवा से वे कुछ दिन बाद ठीक हो गए। सम्मेलन में पेंशनरों ने पैनल के अस्पतालों में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक हरबंस कपूर एवं विधायक गणेश जोशी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष एमआर गुप्ता, पूर्व आईजी एसएस कोठियाल, एसोसिएशन के संयोजक केएस बंगारी, माधो सिंह रावत, एलएन बलूनी, पीपी जुगरान आदि मौजूद रहे।
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