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सेना से कराएंगे बिजलीघरों का संचालन!
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:57 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
पे-मैट्रिक्स (वेतन तालिका) और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्लान) में बदलाव किए जाने के खिलाफ ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों की पांच जनवरी से संभावित हड़ताल को देखते हुए सरकार ने दूसरे विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। पहले चरण में पालीटेक्निक और आईटीआई के 25 छात्रों को ज्वाइन भी करा दिया है। सरकार ने बिजली की आपूर्ति बनाए रखने के लिए दूसरे राज्यों से संपर्क करने और बड़े स्टेशनों को चलाने के लिए सेना की मदद लेने का विकल्प पर सुरक्षित रखा है। ऊर्जा सचिव ने इन सभी विकल्पों पर विचार करने को बुधवार को तीनों ऊर्जा निगमों के एमडी की बैठक बुलाई है।
पे-मैट्रिक्स और एसीपी में बदलाव किए जाने के खिलाफ बिजली कर्मचारी आंदोलित हैं। इससे प्रदेश भर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो रही है। सूत्रों के मुताबिक ऊर्जा निगम प्रबंधन ने पालीटेक्निक और आईटीआई के 25 छात्रों को ज्वाइन करा दिया है। इन्हें टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर जिलों में इसी सप्ताह तैनाती दे दी जाएगी। छात्रों को पॉवर सब स्टेशन संचालन, सप्लाई सिस्टम को सामान्य करने का एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने संविदा कर्मचारियों से भी संपर्क साधा है। संविदा कर्मचारियों को भी वार्ता के लिए बुलाया गया है। संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि ने बताया कि चार जनवरी को सचिवालय कूच में संविदा कर्मी भी शामिल होंगे। सरकार ने ठेकेदारों से भी मेन पावर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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कोट
उत्तराखंड को किसी भी दशा में हड़ताली प्रदेश नहीं बनने दिया जाएगा। शासन ऊर्जा कर्मियों की मांग पर विचार करने को तैयार है। पे मैट्रिक्स में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा गया है। लेकिन ऊर्जा कर्मी मानने को तैयार नहीं हैं। सरकार आम जनता की सुविधा को देखते हुए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।
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- राधिका झा, सचिव ऊर्जा
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पे-मैट्रिक्स (वेतन तालिका) और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्लान) में बदलाव किए जाने के खिलाफ ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों की पांच जनवरी से संभावित हड़ताल को देखते हुए सरकार ने दूसरे विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। पहले चरण में पालीटेक्निक और आईटीआई के 25 छात्रों को ज्वाइन भी करा दिया है। सरकार ने बिजली की आपूर्ति बनाए रखने के लिए दूसरे राज्यों से संपर्क करने और बड़े स्टेशनों को चलाने के लिए सेना की मदद लेने का विकल्प पर सुरक्षित रखा है। ऊर्जा सचिव ने इन सभी विकल्पों पर विचार करने को बुधवार को तीनों ऊर्जा निगमों के एमडी की बैठक बुलाई है।
पे-मैट्रिक्स और एसीपी में बदलाव किए जाने के खिलाफ बिजली कर्मचारी आंदोलित हैं। इससे प्रदेश भर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो रही है। सूत्रों के मुताबिक ऊर्जा निगम प्रबंधन ने पालीटेक्निक और आईटीआई के 25 छात्रों को ज्वाइन करा दिया है। इन्हें टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर जिलों में इसी सप्ताह तैनाती दे दी जाएगी। छात्रों को पॉवर सब स्टेशन संचालन, सप्लाई सिस्टम को सामान्य करने का एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने संविदा कर्मचारियों से भी संपर्क साधा है। संविदा कर्मचारियों को भी वार्ता के लिए बुलाया गया है। संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि ने बताया कि चार जनवरी को सचिवालय कूच में संविदा कर्मी भी शामिल होंगे। सरकार ने ठेकेदारों से भी मेन पावर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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कोट
उत्तराखंड को किसी भी दशा में हड़ताली प्रदेश नहीं बनने दिया जाएगा। शासन ऊर्जा कर्मियों की मांग पर विचार करने को तैयार है। पे मैट्रिक्स में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा गया है। लेकिन ऊर्जा कर्मी मानने को तैयार नहीं हैं। सरकार आम जनता की सुविधा को देखते हुए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।
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- राधिका झा, सचिव ऊर्जा