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श्रीकोट गंगानाली को अतिक्रमण मुक्त किया जाए

Tue, 04 Jul 2017 10:23 PM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:23 PM IST
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श्रीकोट गंगानाली को अतिक्रमण मुक्त किया जाए
श्रीनगर। अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में भी श्रीकोट गंगानाली में अतिक्रमण का मुद्दा उठा। स्थानीय निवासियों ने गदेरों को अतिक्रमण से मुक्त कराकर सीसी मार्ग निर्माण की मांग की।
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तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस/जनता दरबार में 54 शिकायतें दर्ज की गईं। जनता दरबार में डीएम पौड़ी सुशील कुमार को आना था, लेकिन वह नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति में एडीएम शर्मा ने जनता दरबार में समस्याएं सुनीं।
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कार्यक्रम में सर्वप्रथम ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगानाली में अतिक्रमण और बरसाती नालों की समस्या उठी। ग्राम प्रधान श्रीकोट राजेश्वरी रावत ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों का चालान करने के बजाय सीधे बेदखली की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोनिवि गलियों को पक्का कर रहा है, लेकिन पहाड़ी से आ रहे बरसाती पानी के कारण मलबा इन गलियों में आ रहा है। उन्होंने सिंचाई विभाग से नालों के ट्रीटमेंट की मांग की।
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डुंगरीपंथ (दिखोल्यूं) निवासी विजय राम भट्ट ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि आरएंडआर पॉलिसी के तहत परियोजना संचालन कर रही कंपनी ने विद्यालय भवन का निर्माण कराया। उन्होंने भवन निर्माण के लिए भूमि दान दी। जिस पर कंपनी ने उनको निर्माण का ठेका दे दिया। वर्ष 2014 में निर्माण कार्य पूर्ण हो गया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ।

सफाई अभियान चला रहे डा. बीपी नैथानी ने शहर को कूड़ा-कचरा और अतिक्रमण से मुक्त करने की मांग की। नगर पालिका सभासद गीता शुक्ला और विजय लक्ष्मी रतूड़ी ने बरसाती पानी के भक्तियाना बस्ती में घुसने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि लोनिवि एनएच खंड ने पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के नाले बस्ती के ऊपर छोड़ दिए हैं। इस पर एडीएम ने एसडीएम और लोनिवि एनएच खंड के ईई को संयुक्त निरीक्षण के आदेश दिए। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत ने कन्या धन योजना के लिए आय प्रमाण पत्र की बाध्यता 1750 रुपये रखे जाने पर ऐतराज जताया।
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