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मीट की दुकानों पर बंदी की तलवार

Mon, 12 Jun 2017 11:28 PM IST
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:28 PM IST
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मीट की दुकानों पर बंदी की तलवार
रुड़की/मंगलौर।
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शहर से देहात तक अवैध रूप से सैकड़ों मीट की दुकानें संचालित की जा रही हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों से लाइसेंस रिन्यूवल नहीं होने के बावजूद दुकानों का संचालन किया जा रहा है। मनमानी तरीके से नई-नई दुकानें भी खोली जा रही हैं। स्थिति यह है कि रुड़की नगर निगम में स्लाटर हाउस नहीं है। इसके अलावा मंगलौर नगर पालिका, लक्सर पालिका और भगवानपुर, कलियर सहित अन्य नगर पंचायतों में भी स्लाटर हाउस नहीं है, जबकि इसके बिना मीट की दुकानों का लाइसेंस रिन्यूवल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अवैध रूप से संचालित मीट की दुकानों पर बंदी की तलवार लटक रही है।
रुड़की नगर निगम की ओर से वर्षों पहले करीब 25 मीट की दुकानों को लाइसेंस जारी किया गया था, लेकिन 2014-15 में एनजीटी की ओर से इनके लिए मानक निर्धारित किए गए। साथ ही इसके लिए क्षेत्र में स्लाटर हाउस को जरूरी करार दिया। इसके बाद नगर निगम की ओर से मीट की दुकानों के लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो सके। यही कारण है कि दुकानदारों की ओर से अनाधिकृत तरीके से दुकानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। रुड़की शहर में सती मोहल्ला, मच्छी मोहल्ला में दर्जनों मीट की दुकानें संचालित की जा रही हैं।
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दूसरी ओर मंगलौर नगर पालिका क्षेत्र में ही 50 से अधिक मीट की दुकानें हैं। नए वित्त वर्ष में इन दुकानों के लाइसेंस रिन्यूवल किए जाने थे, लेकिन एक भी दुकान के लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं हो पाया है। इसके बाद से सभी दुकानों पर अवैध रूप से मीट बेचा जा रहा है। रविवार को पुलिस ने मीट विक्रेताओं को बिना लाइसेंस मीट बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे में अब लाइसेंस नहीं होने से अब मीट दुकानों के बंद होने के आसार बन गए हैं।
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लाइसेंस बनाने व रिन्यूवल करने का अधिकार अब खाद्य सुरक्षा विभाग के पास है। नगर पालिका और पुलिस की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद ही खाद्य सुरक्षा विभाग नए लाइसेंस जारी करता है या पुराने लाइसेंसों का रिन्यूवल करता है। फिलहाल मंगलौर नगर पालिका, लक्सर नगर पालिका और आसपास की किसी नगर पंचायतों के पास स्लाटर हाउस नही हैं जो अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक है। ऐसे में पालिका की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी अजहर अली का कहना है कि तय मानकों के पूरा करने पर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। स्लाटर हाउस मौजूद नहीं होने की वजह से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता। दूसरी ओर मंगलौर नगर पुलिस चौकी प्रभारी दीपक कठैत का कहना है कि लाइसेंस के बिना किसी को भी मीट नहीं बेचने दिया जाएगा।
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