{"_id":"5cdc700bbdec22077d5be7fd","slug":"101557950475-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे लेखपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे लेखपाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
26 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे लेखपाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। साढ़े तीन महीनों से दाखिल-खारिज का बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर शासन ने 25 मई तक शासनादेश में बदलाव नहीं किया तो वह 26 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं कार्य बहिष्कार के चलते चार जिलों में दाखिल-खारिज के करीब 12 हजार मामले लंबित हैं। ऐसे में जमीन खरीद चुके लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व के कार्यों में एसआईटी और पुलिस के दखल से खफा प्रदेश के चार जिलों नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून के लेखपाल चार फरवरी से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में जमीन खरीदने वाले लोग परेशान हैं। उन्होंने भूमि की रजिस्ट्री तो करा ली लेकिन दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है। रमेश, नीरज, सचिन सहित कई लोगों के मुताबिक प्लॉट लेने के बाद उन्होंने मकान बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन बैंक बगैर दाखिल-खारिज हुए लोन देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कई लोग अपना घर बनाने के सपने को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
उधर, उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष तारा चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि एसआईटी या पुलिस की ओर से राजस्व कार्यों में दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 25 मई तक शासनादेश में बदलाव नहीं हुआ तो संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। साढ़े तीन महीनों से दाखिल-खारिज का बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर शासन ने 25 मई तक शासनादेश में बदलाव नहीं किया तो वह 26 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं कार्य बहिष्कार के चलते चार जिलों में दाखिल-खारिज के करीब 12 हजार मामले लंबित हैं। ऐसे में जमीन खरीद चुके लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व के कार्यों में एसआईटी और पुलिस के दखल से खफा प्रदेश के चार जिलों नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून के लेखपाल चार फरवरी से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में जमीन खरीदने वाले लोग परेशान हैं। उन्होंने भूमि की रजिस्ट्री तो करा ली लेकिन दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है। रमेश, नीरज, सचिन सहित कई लोगों के मुताबिक प्लॉट लेने के बाद उन्होंने मकान बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन बैंक बगैर दाखिल-खारिज हुए लोन देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कई लोग अपना घर बनाने के सपने को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष तारा चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि एसआईटी या पुलिस की ओर से राजस्व कार्यों में दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 25 मई तक शासनादेश में बदलाव नहीं हुआ तो संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
विज्ञापन