{"_id":"5c02ec4dbdec2241c937078a","slug":"101543695437-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात सूत्री मांगों के लिए राज्य आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात सूत्री मांगों के लिए राज्य आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
चिह्नीकरण समेत सात सूत्री मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने शनिवार को शहीद स्मारक स्थल पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच से जुडे़ आंदोलनकारी शनिवार को अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडेय के नेतृत्व में कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास एकत्र हुए थे। इस दौरान आंदोलनकारियों ने 10 प्रतिशत आरक्षण, चिह्नीकरण समेत सात सूत्री मांगों के जल्द समाधान के लिए सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारियों ने मांगों को पूरा करने में सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। राज्य आंदोलनकारी समूचे उत्तराखंड को आरक्षित करने और मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे के दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। नंदा बल्लभ पांडेय ने कहा कि मांगें जल्द नहीं पूरी होने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने पर बैठने वालों में प्रेमा देवी, राजकुमारी बछेती, कमला बहुखंडी, कलावती बहुखंडी, देवेश्वरी भट्ट, विक्रमा बिष्ट, प्रदीप भट्ट, मंतरा राणा, अनिता रावत, मोहन भट्ट, कादंबरी नौटियाल आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन
चिह्नीकरण समेत सात सूत्री मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने शनिवार को शहीद स्मारक स्थल पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच से जुडे़ आंदोलनकारी शनिवार को अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडेय के नेतृत्व में कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास एकत्र हुए थे। इस दौरान आंदोलनकारियों ने 10 प्रतिशत आरक्षण, चिह्नीकरण समेत सात सूत्री मांगों के जल्द समाधान के लिए सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारियों ने मांगों को पूरा करने में सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। राज्य आंदोलनकारी समूचे उत्तराखंड को आरक्षित करने और मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहे के दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। नंदा बल्लभ पांडेय ने कहा कि मांगें जल्द नहीं पूरी होने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने पर बैठने वालों में प्रेमा देवी, राजकुमारी बछेती, कमला बहुखंडी, कलावती बहुखंडी, देवेश्वरी भट्ट, विक्रमा बिष्ट, प्रदीप भट्ट, मंतरा राणा, अनिता रावत, मोहन भट्ट, कादंबरी नौटियाल आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन