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अल्ट्रासाउंड केंद्रों का होगा ‘स्टिंग ऑपरेशन’
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
चोरी छिपे अल्ट्रासाउंड के जरिये भ्रूण लिंग परीक्षण करने और कराने वालों को स्वास्थ्य विभाग अब स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से चिह्नित करेगा। इसके बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक और ऐसे परिवारों के खिलाफ गर्भधारण पूर्व एवं प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पीसीपीएनडीटी एक्ट की राज्य नोडल अधिकारी डॉक्टर सरोज नैथानी ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी कर अपने-अपने जिलों में विभागीय टीम गठित कर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का स्टिंग ऑपरेशन करने को कहा है।
भ्रूण लिंग परीक्षण कर एक्ट का उल्लंघन करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नकेल कसने के लिए विभाग समय-समय पर अभियान चलाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से संचालक बच निकलते हैं। कई बार जांच बेहद गोपनीय होने से विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। अपर निदेशक एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट की नोडल प्रभारी डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि पिछले दो दशक के आंकड़ों पर गौर करें तो शून्य से लेकर छह साल तक के लिंगानुपात में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे यह साबित होता है कि राज्य में भ्रूण का लिंग परीक्षण बदस्तूर जारी है। ऐसे में एक्ट का उल्लंघन करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों को चिह्नित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्टिंग ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया है। अपर निदेशक ने सभी सीएमओ को अल्ट्रासाउंड केंद्रों का गोपनीय तरीके से स्टिंग कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि स्टिंग ऑपरेशन के लिए अधिकारियों के साथ एएनएम और आशा कार्यकत्रियों की एक गोपनीय टीम गठित की जाए। उन परिवारों को भी चिह्नित किया जाए जो भ्रूण का लिंग परीक्षण कराने के लिए डॉक्टरों पर दबाव डालते हैं।
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स्टिंग ऑपरेशन कर गोपनीय जानकारी मुहैया कराने वाली विभागीय टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन कर भ्रूण का लिंग परीक्षण करने वाले डॉक्टरों एवं परीक्षण कराने वाली महिलाओं और उनके परिजनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. सरोज नैथानी, अपर निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी एक्ट
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चोरी छिपे अल्ट्रासाउंड के जरिये भ्रूण लिंग परीक्षण करने और कराने वालों को स्वास्थ्य विभाग अब स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से चिह्नित करेगा। इसके बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक और ऐसे परिवारों के खिलाफ गर्भधारण पूर्व एवं प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पीसीपीएनडीटी एक्ट की राज्य नोडल अधिकारी डॉक्टर सरोज नैथानी ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी कर अपने-अपने जिलों में विभागीय टीम गठित कर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का स्टिंग ऑपरेशन करने को कहा है।
भ्रूण लिंग परीक्षण कर एक्ट का उल्लंघन करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नकेल कसने के लिए विभाग समय-समय पर अभियान चलाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से संचालक बच निकलते हैं। कई बार जांच बेहद गोपनीय होने से विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। अपर निदेशक एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट की नोडल प्रभारी डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि पिछले दो दशक के आंकड़ों पर गौर करें तो शून्य से लेकर छह साल तक के लिंगानुपात में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे यह साबित होता है कि राज्य में भ्रूण का लिंग परीक्षण बदस्तूर जारी है। ऐसे में एक्ट का उल्लंघन करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों को चिह्नित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्टिंग ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया है। अपर निदेशक ने सभी सीएमओ को अल्ट्रासाउंड केंद्रों का गोपनीय तरीके से स्टिंग कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि स्टिंग ऑपरेशन के लिए अधिकारियों के साथ एएनएम और आशा कार्यकत्रियों की एक गोपनीय टीम गठित की जाए। उन परिवारों को भी चिह्नित किया जाए जो भ्रूण का लिंग परीक्षण कराने के लिए डॉक्टरों पर दबाव डालते हैं।
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स्टिंग ऑपरेशन कर गोपनीय जानकारी मुहैया कराने वाली विभागीय टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन कर भ्रूण का लिंग परीक्षण करने वाले डॉक्टरों एवं परीक्षण कराने वाली महिलाओं और उनके परिजनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. सरोज नैथानी, अपर निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी एक्ट