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छात्र संघर्ष समिति ने की कॉलेज में तालाबंदी
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:48 AM IST
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छात्र संघर्ष समिति ने की कॉलेज में तालाबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन के विरोध में छात्रों ने बृहस्पतिवार को राजधानी के तीन कॉलेज बंद करा दिए गए। सभी छात्र संगठनों ने एकजुट होकर छात्र संघर्ष समिति बनाई है। उन्होंने मांग की है कि सरकार लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन के बजाय कॉलेजों के हालात सुधारने के लिए समिति का गठन करे। छात्र संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को भी सभी कॉलेज बंद रखे जाएंगे।
बृहस्पतिवार को छात्र संघर्ष समिति के आह्वान पर डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्र नेताओं ने तालाबंदी कर दी। इस वजह से कॉलेजों की रूटीन प्रक्रिया बाधित हो गई। छात्र नेताओं ने अपने-अपने कॉलेज के प्राचार्यों को ज्ञापन देकर कॉलेजों के हालात सुधारने और सेमेस्टर सिस्टम बंद करने की मांग की।
उन्होंने मांग की है कि जब तक सरकार लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन की प्रक्रिया बंद कर कॉलेजों के विकास को समिति का गठन नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस क्रम में शुक्रवार को भी कॉलेजों में तालाबंदी का आह्वान किया गया है। डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना को ज्ञापन दिया गया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल कुमार व एनएसयूआई नेता हिमांशु रावत ने कहा कि सरकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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डीबीएस पीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष योगेश घाघट के नेतृत्व में तालाबंदी की गई जबकि एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में तालाबंदी की गई। सभी कॉलेजों में छात्रों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर 21 को प्रदर्शन
सुबह तालाबंदी करने के बाद दोपहर में छात्र संघर्ष समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक में तय किया गया कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों में परिवर्तन के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। इस कड़ी में शुक्रवार को कॉलेज बंद रखने के बाद शनिवार को सभी कॉलेजों के छात्र नेता जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को भी ज्ञापन दिया जाएगा। छात्र संगठनों का कहना है कि अभी दाखिला प्रक्रिया भी चल रही है, इसलिए शुक्रवार के बाद कॉलेजों में केवल धरना दिया जाएगा, तालाबंदी नहीं की जाएगी। बैठक में एबीवीपी नेता शुभम सिमल्टी, जितेंद्र बिष्ट, निखिल शर्मा, सुमित कुमार, दयाल बिष्ट, ऋतिक नौटियाल, एनएसयूआई नेता हिमांशु रावत, अंजली चमोली, विजेंद्र बिष्ट, आर्यन नेता आदित्य बिष्ट, संजय चंद्र, ऋषभ, संदीप कुकरेती, सत्यम के सचिन नैथानी, दिवाकर ग्रुप के अभिषेक शर्मा, सचिन त्रिवेदी, दिव्या चौहान, शुभम राठौर, निश्चय ग्रुप से कृष्णा कुमार के अलावा वासु शर्मा, राहुल चौहान, हिमानी भंडारी, अजय कुमार सैनी, सूरज खत्री आदि छात्र नेता मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन के विरोध में छात्रों ने बृहस्पतिवार को राजधानी के तीन कॉलेज बंद करा दिए गए। सभी छात्र संगठनों ने एकजुट होकर छात्र संघर्ष समिति बनाई है। उन्होंने मांग की है कि सरकार लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन के बजाय कॉलेजों के हालात सुधारने के लिए समिति का गठन करे। छात्र संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को भी सभी कॉलेज बंद रखे जाएंगे।
बृहस्पतिवार को छात्र संघर्ष समिति के आह्वान पर डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्र नेताओं ने तालाबंदी कर दी। इस वजह से कॉलेजों की रूटीन प्रक्रिया बाधित हो गई। छात्र नेताओं ने अपने-अपने कॉलेज के प्राचार्यों को ज्ञापन देकर कॉलेजों के हालात सुधारने और सेमेस्टर सिस्टम बंद करने की मांग की।
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उन्होंने मांग की है कि जब तक सरकार लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन की प्रक्रिया बंद कर कॉलेजों के विकास को समिति का गठन नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस क्रम में शुक्रवार को भी कॉलेजों में तालाबंदी का आह्वान किया गया है। डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना को ज्ञापन दिया गया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल कुमार व एनएसयूआई नेता हिमांशु रावत ने कहा कि सरकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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डीबीएस पीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष योगेश घाघट के नेतृत्व में तालाबंदी की गई जबकि एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में तालाबंदी की गई। सभी कॉलेजों में छात्रों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर 21 को प्रदर्शन
सुबह तालाबंदी करने के बाद दोपहर में छात्र संघर्ष समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक में तय किया गया कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों में परिवर्तन के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। इस कड़ी में शुक्रवार को कॉलेज बंद रखने के बाद शनिवार को सभी कॉलेजों के छात्र नेता जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को भी ज्ञापन दिया जाएगा। छात्र संगठनों का कहना है कि अभी दाखिला प्रक्रिया भी चल रही है, इसलिए शुक्रवार के बाद कॉलेजों में केवल धरना दिया जाएगा, तालाबंदी नहीं की जाएगी। बैठक में एबीवीपी नेता शुभम सिमल्टी, जितेंद्र बिष्ट, निखिल शर्मा, सुमित कुमार, दयाल बिष्ट, ऋतिक नौटियाल, एनएसयूआई नेता हिमांशु रावत, अंजली चमोली, विजेंद्र बिष्ट, आर्यन नेता आदित्य बिष्ट, संजय चंद्र, ऋषभ, संदीप कुकरेती, सत्यम के सचिन नैथानी, दिवाकर ग्रुप के अभिषेक शर्मा, सचिन त्रिवेदी, दिव्या चौहान, शुभम राठौर, निश्चय ग्रुप से कृष्णा कुमार के अलावा वासु शर्मा, राहुल चौहान, हिमानी भंडारी, अजय कुमार सैनी, सूरज खत्री आदि छात्र नेता मौजूद रहे।