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भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़े लोग, हुआ भव्य स्वागत
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
श्री भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ शनिवार को बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ की 21वीं रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। किशननगर चौक स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर (भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर) के पास महिला मंडली ने रथयात्रा का भव्य स्वागत किया।
दीपलोक स्थित श्री राम मंदिर से श्री जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ कैंट विधायक हरबंस कपूर ने किया। इस मौके पर विधायक हरबंस कपूर ने रथयात्रा के लिए झाडू़ लगाकर रास्ता साफ किया और स्वच्छता के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के लोगों को एकजुटता का संदेश दिया। विधायक ने कहा कि स्वच्छता में ही भगवान का वास होता है। इससे पहले भगवान जगन्नाथ को सुबह 7:30 बजे मंगल स्नान करवाया गया। इसके बाद विधि विधान से शृंगार किया गया। इसके बाद जयकारों के साथ रथयात्रा सुबह 10 बजे शुरू हुई। रथयात्रा में भगवान सुदर्शन, भगवान बलभद्र, सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ के रथ शामिल रहे। रथयात्रा में कई कीर्तन मंडलियां भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थीं। रथयात्रा दीपलोक से शुरू होकर किशन नगर चौक पहुंची। कु छ देर रुकने के बाद बिंदाल पुल, कनाट प्लेस, घंटाघर, पलटन बाजार, धामावाला से दोबारा तिलक रोड, चकराता रोड से होते हुए श्री राम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। श्री राधा कृष्ण मंदिर में पहुंच कर प्रतिमाओं को दोबारा सिंहासन पर आरोहण कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं का महाप्रसाद वितरित किया गया। रथयात्रा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, श्री राम मंदिर समिति के संस्थापक नारायण दास, आरके सिंघल, सरंक्षक एलडी अहूजा, अध्यक्ष प्रवेश मग्गू, उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, सचिव एसपी सिंह, उपसचिव अनिल बग्गा, कोषाध्यक्ष महेश शर्मा शामिल रहे।
श्रीराधा कृष्ण मंदिर में उपहारों से किया स्वागत
श्री भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जैसे ही लौटी तो किशन नगर चौक स्थित श्री राधा कृ ष्ण मंदिर (उनकी मौसी का घर) में मौसी के रूप में महिला मंडली ने कई उपहारों के साथ उनका स्वागत करती हैं। इस दौरान मंदिर में मौजूद महिला श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ को मुकुट और माता लक्ष्मी के लिए साड़ी भेंट करती हैं।
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बिन बताए जाने पर माता लक्ष्मी हुईं नाराज
मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को बिना बताएं मौसी के घर चले जाते हैं तो वो उनसे नाराज हो जाती हैं। मौसी के घर 11 दिन बिताने के बाद जब अपने घर जाते हैं तो माता लक्ष्मी दरवाजा नहीं खोलती हैं। तभी भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को मौसी के घर से लाई साड़ी व अन्य उपहार भेंट करते हैं तो माता लक्ष्मी तुरंत दरवाजे खोल देती हैं।
इन्हें प्राप्त हुआ सारथी बनने का सौभाग्य
इस वर्ष भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ पर सारथी बनने का सौभाग्य सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस ने निदेशक कमलकांत गर्ग का प्राप्त हुआ। जिन्हें सुबह से ही नंदीघोष रथ में प्रभु के चरणों में विराजमान होकर रथयात्रा के सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
बारिश भी नहीं डिगा पाई आस्था
रथयात्रा के दौरान र्हुई तेज बारिश भक्तजनों की आस्था नहीं डिगा पाई। रथयात्रा घंटाघर के पास पहुंचने पर तेज बारिश होने लगी। इसके बावजूद यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पैदल चलते रहे। हालांकि बीच में शामिल हुए कुछ श्रद्धालु छाता और बरसाती पहनकर पहुंचे थे।
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श्री भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ शनिवार को बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ की 21वीं रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। किशननगर चौक स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर (भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर) के पास महिला मंडली ने रथयात्रा का भव्य स्वागत किया।
दीपलोक स्थित श्री राम मंदिर से श्री जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ कैंट विधायक हरबंस कपूर ने किया। इस मौके पर विधायक हरबंस कपूर ने रथयात्रा के लिए झाडू़ लगाकर रास्ता साफ किया और स्वच्छता के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के लोगों को एकजुटता का संदेश दिया। विधायक ने कहा कि स्वच्छता में ही भगवान का वास होता है। इससे पहले भगवान जगन्नाथ को सुबह 7:30 बजे मंगल स्नान करवाया गया। इसके बाद विधि विधान से शृंगार किया गया। इसके बाद जयकारों के साथ रथयात्रा सुबह 10 बजे शुरू हुई। रथयात्रा में भगवान सुदर्शन, भगवान बलभद्र, सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ के रथ शामिल रहे। रथयात्रा में कई कीर्तन मंडलियां भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थीं। रथयात्रा दीपलोक से शुरू होकर किशन नगर चौक पहुंची। कु छ देर रुकने के बाद बिंदाल पुल, कनाट प्लेस, घंटाघर, पलटन बाजार, धामावाला से दोबारा तिलक रोड, चकराता रोड से होते हुए श्री राम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। श्री राधा कृष्ण मंदिर में पहुंच कर प्रतिमाओं को दोबारा सिंहासन पर आरोहण कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं का महाप्रसाद वितरित किया गया। रथयात्रा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, श्री राम मंदिर समिति के संस्थापक नारायण दास, आरके सिंघल, सरंक्षक एलडी अहूजा, अध्यक्ष प्रवेश मग्गू, उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, सचिव एसपी सिंह, उपसचिव अनिल बग्गा, कोषाध्यक्ष महेश शर्मा शामिल रहे।
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श्रीराधा कृष्ण मंदिर में उपहारों से किया स्वागत
श्री भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जैसे ही लौटी तो किशन नगर चौक स्थित श्री राधा कृ ष्ण मंदिर (उनकी मौसी का घर) में मौसी के रूप में महिला मंडली ने कई उपहारों के साथ उनका स्वागत करती हैं। इस दौरान मंदिर में मौजूद महिला श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ को मुकुट और माता लक्ष्मी के लिए साड़ी भेंट करती हैं।
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बिन बताए जाने पर माता लक्ष्मी हुईं नाराज
मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को बिना बताएं मौसी के घर चले जाते हैं तो वो उनसे नाराज हो जाती हैं। मौसी के घर 11 दिन बिताने के बाद जब अपने घर जाते हैं तो माता लक्ष्मी दरवाजा नहीं खोलती हैं। तभी भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को मौसी के घर से लाई साड़ी व अन्य उपहार भेंट करते हैं तो माता लक्ष्मी तुरंत दरवाजे खोल देती हैं।
इन्हें प्राप्त हुआ सारथी बनने का सौभाग्य
इस वर्ष भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ पर सारथी बनने का सौभाग्य सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस ने निदेशक कमलकांत गर्ग का प्राप्त हुआ। जिन्हें सुबह से ही नंदीघोष रथ में प्रभु के चरणों में विराजमान होकर रथयात्रा के सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
बारिश भी नहीं डिगा पाई आस्था
रथयात्रा के दौरान र्हुई तेज बारिश भक्तजनों की आस्था नहीं डिगा पाई। रथयात्रा घंटाघर के पास पहुंचने पर तेज बारिश होने लगी। इसके बावजूद यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पैदल चलते रहे। हालांकि बीच में शामिल हुए कुछ श्रद्धालु छाता और बरसाती पहनकर पहुंचे थे।