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डॉ. आंबेडकर व्यक्ति नहीं विचारधारा : कौशिक
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
देश के नौजवान ही हमारी शक्ति हैं और उन्हें देश के लिए संघर्ष करने वालों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को व्यक्ति नहीं, बल्कि विचारधारा के रूप में देखना चाहिए। यह बात शनिवार को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने आंबेडकर जयंती पर समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में कही। इससे पहले गोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब अंबेडकर को नमन कर उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि कहा कि समाज के अनेक वर्ग नहीं चाहते हैं कि देश में सामाजिक एकता रहे। इससे सामाजिक संघर्ष होता है, जिन्हें रोकना सबकी जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन की अपनी सीमा है। सरकारी तंत्र के साथ जन सहयोग की आवश्यकता होती है। लिहाजा आज हर व्यक्ति आंबेडकर बनना होगा। आंबेडकर दर्शन और उनकी विचारधारा से समाज की रक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नियंत्रण जरूरी है। सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसकी कमान आम जनता के पास है। वहीं, राजपुर विधायक खजान दास ने कहा कि देश की एकता और अखंडता महत्वपूर्ण है।
डॉ. आंबेडकर के बताए रास्तो पर चलकर ही समाज की विकृतियों को दूर किया जा सकता है। डॉ. अर्चना पाल ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने दलितों को जगाने के साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि डॉ. आंबेडकर सामाजिक स्वतंत्रता आंदोलन के नायक थे। देश को आगे ले जाना है तो डॉ. आंबेडकर के सामाजिक समरसता के सिद्धांतों को आत्मसात करना होगा। गोष्ठी में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, निदेशक समाज कल्याण मेजर योगेंद्र यादव, निदेशक वीआर टमटा समेत कई गणमान्य उपस्थित थे। संचालन योगेंद्र अग्रवाल ने किया। मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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पांच मई तक चलेगा ग्राम स्वराज अभियान
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल से पांच मई तक ग्राम स्वराज अभियान चलाया जा रहा है। इसके मुख्य उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, गरीबों तक योजनाओं की पहुंच, ग्रामीणों को सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी देना, किसानों की आय दोगुनी करने पर फोकस, आजीविका के अवसरों में वृद्धि, स्वच्छता व पंचायतीराज संस्थाओं की मजबूती पर जोर देना है।
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देश के नौजवान ही हमारी शक्ति हैं और उन्हें देश के लिए संघर्ष करने वालों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को व्यक्ति नहीं, बल्कि विचारधारा के रूप में देखना चाहिए। यह बात शनिवार को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने आंबेडकर जयंती पर समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में कही। इससे पहले गोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब अंबेडकर को नमन कर उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि कहा कि समाज के अनेक वर्ग नहीं चाहते हैं कि देश में सामाजिक एकता रहे। इससे सामाजिक संघर्ष होता है, जिन्हें रोकना सबकी जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन की अपनी सीमा है। सरकारी तंत्र के साथ जन सहयोग की आवश्यकता होती है। लिहाजा आज हर व्यक्ति आंबेडकर बनना होगा। आंबेडकर दर्शन और उनकी विचारधारा से समाज की रक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नियंत्रण जरूरी है। सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसकी कमान आम जनता के पास है। वहीं, राजपुर विधायक खजान दास ने कहा कि देश की एकता और अखंडता महत्वपूर्ण है।
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डॉ. आंबेडकर के बताए रास्तो पर चलकर ही समाज की विकृतियों को दूर किया जा सकता है। डॉ. अर्चना पाल ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने दलितों को जगाने के साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि डॉ. आंबेडकर सामाजिक स्वतंत्रता आंदोलन के नायक थे। देश को आगे ले जाना है तो डॉ. आंबेडकर के सामाजिक समरसता के सिद्धांतों को आत्मसात करना होगा। गोष्ठी में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, निदेशक समाज कल्याण मेजर योगेंद्र यादव, निदेशक वीआर टमटा समेत कई गणमान्य उपस्थित थे। संचालन योगेंद्र अग्रवाल ने किया। मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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पांच मई तक चलेगा ग्राम स्वराज अभियान
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल से पांच मई तक ग्राम स्वराज अभियान चलाया जा रहा है। इसके मुख्य उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, गरीबों तक योजनाओं की पहुंच, ग्रामीणों को सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी देना, किसानों की आय दोगुनी करने पर फोकस, आजीविका के अवसरों में वृद्धि, स्वच्छता व पंचायतीराज संस्थाओं की मजबूती पर जोर देना है।