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एनआईओएस छात्रों को मिल सकती है नीट में एंट्री
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मेडिकल दाखिलों की कॉमन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से पाबंदी हटाने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय में एनआईओएस ने अपनी बात रखी तो मंत्रालय ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को पत्र भेजा है। उधर, पाबंदी न हटने पर एनआईओएस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
इस साल सीबीएसई नीट परीक्षा के आवेदन पत्रों से एनआईओएस छात्रों को बाहर कर दिया गया है। बताया गया कि एमसीआई के निर्देशों के तहत यह रोक लगाई गई है। इससे देशभर के एनआईओएस छात्रों को बड़ा झटका लगा। आखिरकार, एनआईओएस अपने छात्रों के हित में खुद सामने आया है। एनआईओएस के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमसीआई को पत्र भेजकर रोक को गलत ठहराया है। इसके अलावा मुख्यालय स्तर से पाबंदी न हटने की सूरत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी भी चल रही है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही एनआईओएस के लिए नीट में एंट्री खुल जाएगी। आपको बता दें कि इस रोक की वजह से उत्तराखंड के भी करीब दो हजार छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना टूट गया है। एनआईओएस, सीबीएसई की तरह ही केंद्र सरकार का बोर्ड है। यहां के छात्र इस पाबंदी के विरोध में लगातार आवाजें उठाते रहे हैं।
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मेडिकल दाखिलों की कॉमन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से पाबंदी हटाने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय में एनआईओएस ने अपनी बात रखी तो मंत्रालय ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को पत्र भेजा है। उधर, पाबंदी न हटने पर एनआईओएस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
इस साल सीबीएसई नीट परीक्षा के आवेदन पत्रों से एनआईओएस छात्रों को बाहर कर दिया गया है। बताया गया कि एमसीआई के निर्देशों के तहत यह रोक लगाई गई है। इससे देशभर के एनआईओएस छात्रों को बड़ा झटका लगा। आखिरकार, एनआईओएस अपने छात्रों के हित में खुद सामने आया है। एनआईओएस के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमसीआई को पत्र भेजकर रोक को गलत ठहराया है। इसके अलावा मुख्यालय स्तर से पाबंदी न हटने की सूरत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी भी चल रही है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही एनआईओएस के लिए नीट में एंट्री खुल जाएगी। आपको बता दें कि इस रोक की वजह से उत्तराखंड के भी करीब दो हजार छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना टूट गया है। एनआईओएस, सीबीएसई की तरह ही केंद्र सरकार का बोर्ड है। यहां के छात्र इस पाबंदी के विरोध में लगातार आवाजें उठाते रहे हैं।
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