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अनशन पर डटे रहे अविमुक्तेश्वरानंद, अफसर हुए बैरंग
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:11 PM IST
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जोशीमठ। पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर चल रहा विवाद थमने को नहीं है। मंदिर परिसर में शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तीसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। बृहस्पतिवार को अनशन स्थल पर पहुंचे सीडीओ और एसडीएम को उन्होंने बैरंग लौटा दिया। अधिकारियों ने उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने मंदिर के व्यवस्थापक और पुजारी को बदलने के बाद ही अनशन समाप्त करने की बात कही। बहरहाल प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर और ज्योर्तिमठ के रास्ते में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विगत मंगलवार को पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना को गए तो उन्हें मंदिर में ताला लगा मिला। उन्होंने मंदिर के पुजारी से ताला खोलने का आग्रह किया, लेकिन पुजारी ने ताला खोलने से इंकार कर दिया। इससे क्षुब्ध हो अविमुक्तेश्वरानंद मंदिर परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गए। तब से वह यहां अनशन पर डटे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब बारह बजे सीडीओ विनोद गोस्वामी और एसडीएम योगेंद्र सिंह अनशनकारी संत अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे। सीडीओ ने उनसे अपनी मांगें लिखित रुप में देने का आग्रह किया, लेकिन पत्र में कुछ बातें छूट गई। उनसे फिर पत्र में संशोधन करवाया गया। इससे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नाराज हो गए। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक मंदिर में योग्य पुजारी और व्यवस्थापक की तैनाती नहीं हो जाती, अनशन जारी रहेगा, साथ ही कहा कि अनशन स्थल पर भी अब वह मुख्यमंत्री या चमोली के जिलाधिकारी के अलावा किसी भी अन्य अधिकारी से वार्ता नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 33 घंटे तक मंदिर का ताला खोला ही नहीं गया। मंदिर में आधी-अधूरी पूजा हो रही है। शासन बीकेटीसी और शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती से वार्ता कर पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना की समुचित व्यवस्था कराएं।
दो शंकराचार्य मठों के बीच का है मामला
मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि यह दो शंकराचार्य मठों के बीच का मामला है। उन्होंने बृहस्पतिवार को पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए 11 वेदपाठियों की व्यवस्था कर अनशन पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी से भी पूजा-अर्चना का अनुरोध किया था, लेकिन वे मंदिर के पुजारी और व्यवस्थापक को हटाने की मांग पर अड़े रहे। यह कार्य उनके स्तर का नहीं है। उनके स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है। डॉक्टर नियमित उनके स्वास्थ्य का परीक्षण कर रहे हैं। तहसील प्रशासन को मंदिर परिसर व आस-पास शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है।
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दो घंटे ज्योर्तिमठ मार्ग पर आवाजाही रोकी
जोशीमठ। पूर्णागिरी मंदिर के इर्द-गिर्द तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से ज्योर्तिमठ के मुख्य मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। यह मार्ग दोपहर एक से तीन बजे तक आम आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन बजे बाद स्थिति सामान्य होने पर रास्ता आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
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बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विगत मंगलवार को पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना को गए तो उन्हें मंदिर में ताला लगा मिला। उन्होंने मंदिर के पुजारी से ताला खोलने का आग्रह किया, लेकिन पुजारी ने ताला खोलने से इंकार कर दिया। इससे क्षुब्ध हो अविमुक्तेश्वरानंद मंदिर परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गए। तब से वह यहां अनशन पर डटे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब बारह बजे सीडीओ विनोद गोस्वामी और एसडीएम योगेंद्र सिंह अनशनकारी संत अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे। सीडीओ ने उनसे अपनी मांगें लिखित रुप में देने का आग्रह किया, लेकिन पत्र में कुछ बातें छूट गई। उनसे फिर पत्र में संशोधन करवाया गया। इससे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नाराज हो गए। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक मंदिर में योग्य पुजारी और व्यवस्थापक की तैनाती नहीं हो जाती, अनशन जारी रहेगा, साथ ही कहा कि अनशन स्थल पर भी अब वह मुख्यमंत्री या चमोली के जिलाधिकारी के अलावा किसी भी अन्य अधिकारी से वार्ता नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 33 घंटे तक मंदिर का ताला खोला ही नहीं गया। मंदिर में आधी-अधूरी पूजा हो रही है। शासन बीकेटीसी और शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती से वार्ता कर पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना की समुचित व्यवस्था कराएं।
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दो शंकराचार्य मठों के बीच का है मामला
मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि यह दो शंकराचार्य मठों के बीच का मामला है। उन्होंने बृहस्पतिवार को पूर्णागिरी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए 11 वेदपाठियों की व्यवस्था कर अनशन पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी से भी पूजा-अर्चना का अनुरोध किया था, लेकिन वे मंदिर के पुजारी और व्यवस्थापक को हटाने की मांग पर अड़े रहे। यह कार्य उनके स्तर का नहीं है। उनके स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है। डॉक्टर नियमित उनके स्वास्थ्य का परीक्षण कर रहे हैं। तहसील प्रशासन को मंदिर परिसर व आस-पास शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है।
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दो घंटे ज्योर्तिमठ मार्ग पर आवाजाही रोकी
जोशीमठ। पूर्णागिरी मंदिर के इर्द-गिर्द तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से ज्योर्तिमठ के मुख्य मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। यह मार्ग दोपहर एक से तीन बजे तक आम आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन बजे बाद स्थिति सामान्य होने पर रास्ता आवाजाही के लिए खोल दिया गया।