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एनआईईपीवीडी में ऑनलाइन हुआ 100 फीसदी एडमिशन
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देश के टॉप स्कूलों में से एक राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कक्षा एक से लेकर नौ तक 100 फीसदी एडमिशन हो गए हैं। इसके बाद ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। दिव्यांग बच्चों को डाक के जरिए ब्रेल लिपि और लार्ज प्रिंट बुक भी पहुंचाई जा रही है।
एनआईईपीवीडी के प्राचार्य अमित कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित किया गया। राजस्थान, हरियाणा, बिहार, पंजाब, मध्यप्रदेश, झारखंड, पटना समेत कई राज्यों के 40 बच्चों ने संस्थान में प्रवेश लिया। लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की गई। बताया कि प्राइमरी कक्षा के लिए अधिक आवेदन आए थे। बच्चों को डाक के जरिए ब्रेल लिपि और लार्ज प्रिंट बुक पहुंचाने के साथ स्मार्ट क्लास के लिए ऑडियो बुक भी मेल पर उपलब्ध कराई जा रही है।
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सीबीएसई की ओर से किया गया सम्मानित
बेहतर शिक्षा व्यवस्था और कोरोनाकाल में देश के कोने-कोने तक दिव्यांग बच्चों के लिए पठन-पाठन की सामग्री पहुंचाने पर केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड (सीबीएसई) के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एनआईईपीवीडी को ए श्रेणी का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया है। जबकि, सीबीएसई के दिल्ली कार्यालय की ओर से एनआईईपीवीडी को देश के टॉप स्कूलों में शामिल किया गया है।
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कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया गया। 100 फीसदी एडमिशन होने के बाद कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है। देशभर के दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए संस्थान की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीबीएसई की ओर से भी दो बार संस्थान को सम्मानित किया जा चुका है।
- डॉ. हिमांग्शु दास, निदेशक, एनआईईपीवीडी
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एनआईईपीवीडी के प्राचार्य अमित कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित किया गया। राजस्थान, हरियाणा, बिहार, पंजाब, मध्यप्रदेश, झारखंड, पटना समेत कई राज्यों के 40 बच्चों ने संस्थान में प्रवेश लिया। लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की गई। बताया कि प्राइमरी कक्षा के लिए अधिक आवेदन आए थे। बच्चों को डाक के जरिए ब्रेल लिपि और लार्ज प्रिंट बुक पहुंचाने के साथ स्मार्ट क्लास के लिए ऑडियो बुक भी मेल पर उपलब्ध कराई जा रही है।
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सीबीएसई की ओर से किया गया सम्मानित
बेहतर शिक्षा व्यवस्था और कोरोनाकाल में देश के कोने-कोने तक दिव्यांग बच्चों के लिए पठन-पाठन की सामग्री पहुंचाने पर केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड (सीबीएसई) के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एनआईईपीवीडी को ए श्रेणी का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया है। जबकि, सीबीएसई के दिल्ली कार्यालय की ओर से एनआईईपीवीडी को देश के टॉप स्कूलों में शामिल किया गया है।
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कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया गया। 100 फीसदी एडमिशन होने के बाद कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है। देशभर के दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए संस्थान की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीबीएसई की ओर से भी दो बार संस्थान को सम्मानित किया जा चुका है।
- डॉ. हिमांग्शु दास, निदेशक, एनआईईपीवीडी