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फंसे लोगों तक नहीं पहुंच रहा राश्ान

Thu, 04 Jul 2013 09:05 AM IST
अंकित चौधरी
अंकित चौधरी Updated Thu, 04 Jul 2013 09:05 AM IST
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destruction in uttarakhand

आपदा के बाद पहाड़ पर फंसे तीर्थयात्रियों के लिए भंडारा करने वाले स्थानीय ग्रामीण अब फाके कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह है जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों की लापरवाही।

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हर साल बरसात से पहले अनाज का एडवांस कोटा गांवों तक पहुंचा दिया जाता है, लेकिन इस बार नियमित आपूर्ति का कोटा भी नहीं पहुंचाया गया।

अब रास्ते ख्ाराब हैं
रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली जिलों में अप्रैल, मई और जून की तीन चौथाई खाद्य सामग्री मंडल के बेस गोदामों में रखी रह गई। वह भी तब जबकि मंडल स्तर से बराबर आगाह किया जा रहा था। अब आपदा में रास्ते खराब हो जाने के बाद प्रशासन गांवों तक राशन पहुंचा नहीं पा रहा है।
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आपदाग्रस्त जिलों के ग्रामीणों को यदि समय से राशन मिल गया होता तो अब उनके सामने खाली पेट रहने की नौबत नहीं आती।

जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी की
आपदाग्रस्त तीनों जिले में सरकारी राशन की सप्लाई ऋषिकेश, विकासनगर, श्रीनगर और शिमली के गोदामों से होती है। इन गोदामों से राशन (गेहूं, चावल और चीनी) उठवाने की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी की है। यही नहीं पहाड़ी जिलों में हर बार बरसात से पहले राशन का एडवांस कोटा पहुंचाया जाता है। लेकिन इस साल अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की।
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इससे पहले कि अनाज जरूरतमंदों तक पहुंचता आपदा आ गई और अनाज गोदामों में ही रखा रह गया। यह लापरवाही तब की गई जबकि मंडल स्तर से तीनों जिलों के डीएसओ से बार-बार सप्लाई उठाने को कहा जा रहा था।

एक हफ्ते में भेजा 225 ट्रक अनाज

आपदा के बाद पिछले एक सप्ताह से तीनों जिलों के पूर्ति अधिकारी करीब 225 ट्रक खाद्य सामग्री मंगा चुके हैं। इसमें मंगलवार को 70 और बुधवार को 55 ट्रक सामग्री तीनों जिलों में गई है। एक ट्रक से एक बार में करीब 90 टन सामग्री जाती है।

यह भी रहे कोटा उठने में देरी के कारण
देरी से हुआ ट्रांसपोर्टर का टेंडर
सप्लाई के लिए केंद्रीय गोदाम से बेस गोदाम और बेस गोदाम से जिले तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ट्रांसपोर्टर का ठेका होता है। इसे प्रतिवर्ष 31 मार्च तक फाइनल करना होता है। लेकिन इस बार यह ठेका 15 से 30 जून के बीच हुआ। इससे राशन ले जाने के लिए वाहनों की कमी रही और पहले वाले ट्रांसपोर्टर भी रेट बढ़ने के चक्कर में जाने के लिए तैयार नहीं थे।

उत्तरकाशी में नहीं था सप्लाई इंस्पेक्टर
बेस गोदाम से कोटा लेते समय जिले के सप्लाई इंस्पेक्टर की मौके पर मौजूदगी जरूरी है। लेकिन उत्तरकाशी के लिए ऋषिकेश गोदाम से कोटा उठाने वाले सप्लाई इंस्पेक्टर30 अप्रैल को रिटायर हो गए थे। इनकी जगह उत्तरकाशी डीएसओ ने किसी इंस्पेक्टर को नहीं लगाया। इससे उत्तरकाशी का कोटा नहीं उठ पाया। अब आपदा के बाद आनन-फानन में इंस्पेक्टर लगाया गया है।


जिला - गेहूं - चावल
रुद्रप्रयाग-2336-3183
उत्तरकाशी-3148-4993
चमोली-4098-3973
(सभी योजनाओं को मिलाकर एक अप्रैल से 31 जुलाई तक स्वीकृत कोटा, मीट्रिक टन में)

बेस गोदामों में राशन की कोई कमी नहीं रही। हां इतना जरूर है इसे डीएसओ ने समय पर नहीं उठवाया। लेकिन पिछले एक हफ्ते से तीनों जिलों में बड़ी मात्रा में राशन की आपूर्ति जा रही है।
-एके गुप्ता, रीजनल फूड कंट्रोलर

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