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चेचक रोग से कम रेट पर बिकेगा आलू
Sun, 03 Mar 2019 11:16 PM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:16 PM IST
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चेचक लगे आलू की छटाई करते किसान
- फोटो : amarujala
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किसान आलू की बंपर पैदावार से खुश थे। किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें फसल की अच्छी कीमत मिलेगी, लेकिन चेचक रोग ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
जिले में बड़े पैमाने पर किसान आलू की फसल का उत्पादन करते हैं। फरवरी माह में किसान आलू की फसल की खुदाई शुरू करते हैं। जिसे कानपुर, आगरा, लखनऊ की मंडियों में बेंचते है। इस बार गुगरापुर क्षेत्र के कुछ खेतों में आलू की फसल में चेचक का रोग लग गया। चेचक रोग से आलू की पैदावार में तो कोई असर नहीं पड़ा लेकिन चेचक के कारण आलू की फसल का दाम कम मिलेगा। किसानों की माने आलू में लगने वाले धब्बे को चेचक कहते हैं।
आलू किसान ब्रह्मा का कहना था कि इस बार आलू की फसल की अच्छी पैदावार हुई है। उम्मीद थी कि इस बार आलू की फसल में अच्छी कीमत मिलेगी लेकिन चेचक ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आलू की कीमत कम हो गई। किसान शिव कुमार ने बताया कि बड़ी मेहनत के बाद आलू की फसल तैयार की थी लेकिन चेचक ने उनके सपनों को तोड़ दिया। किसान महेंद्र फौजी का कहना है कि चेचक लगने के बाद आलू की कीमत कम हो गई है। मार्केट में इसकी वजह से कीमत कम मिलेगी। आलू व्यापारी इलियास का कहना है कि अच्छे आलू की कीमत अलग होती है, चेचक रोग से प्रभावित आलू की कीमत मंडी में कम मिलती हैं। 350 रुपये प्रति क्विंटल आलू की खरीद चल रही है। जबकि चेचक लगा आलू 250 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया ने बताया कि जिले में लगभग रिकॉर्डेड 80 प्रतिशत आलू की पैदावार होती है। चेचक रोग आलू के साथ, मिट्टी के चलते होता है, आलू की खुदाई के बाद इस रोग का कोई उपचार नहीं होता है। किसानों द्वारा सावधानी बरतने से अगली पैदावार में आलू से चेचक का बचाव हो सकता है।
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जिले में बड़े पैमाने पर किसान आलू की फसल का उत्पादन करते हैं। फरवरी माह में किसान आलू की फसल की खुदाई शुरू करते हैं। जिसे कानपुर, आगरा, लखनऊ की मंडियों में बेंचते है। इस बार गुगरापुर क्षेत्र के कुछ खेतों में आलू की फसल में चेचक का रोग लग गया। चेचक रोग से आलू की पैदावार में तो कोई असर नहीं पड़ा लेकिन चेचक के कारण आलू की फसल का दाम कम मिलेगा। किसानों की माने आलू में लगने वाले धब्बे को चेचक कहते हैं।
आलू किसान ब्रह्मा का कहना था कि इस बार आलू की फसल की अच्छी पैदावार हुई है। उम्मीद थी कि इस बार आलू की फसल में अच्छी कीमत मिलेगी लेकिन चेचक ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आलू की कीमत कम हो गई। किसान शिव कुमार ने बताया कि बड़ी मेहनत के बाद आलू की फसल तैयार की थी लेकिन चेचक ने उनके सपनों को तोड़ दिया। किसान महेंद्र फौजी का कहना है कि चेचक लगने के बाद आलू की कीमत कम हो गई है। मार्केट में इसकी वजह से कीमत कम मिलेगी। आलू व्यापारी इलियास का कहना है कि अच्छे आलू की कीमत अलग होती है, चेचक रोग से प्रभावित आलू की कीमत मंडी में कम मिलती हैं। 350 रुपये प्रति क्विंटल आलू की खरीद चल रही है। जबकि चेचक लगा आलू 250 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया ने बताया कि जिले में लगभग रिकॉर्डेड 80 प्रतिशत आलू की पैदावार होती है। चेचक रोग आलू के साथ, मिट्टी के चलते होता है, आलू की खुदाई के बाद इस रोग का कोई उपचार नहीं होता है। किसानों द्वारा सावधानी बरतने से अगली पैदावार में आलू से चेचक का बचाव हो सकता है।
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