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जूता, चप्पल की दुकान में लगी आग से लाखों की क्षति
santkabirnagar
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:31 PM IST
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अपराध्ा
- फोटो : amar ujala
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संतकबीरनगर। शहर के गोला बाजार में मंगलवार की सुबह अज्ञात कारणों से जूता, चप्पल की दुकान और मकान में लगी आग से कोहराम मच गया। आवास के दूसरी मंजिल पर रसोई में फटे गैंस सिलिंडर से स्थिति और भी भयावह हो गई। संयोग ठीक था कि परिजन सिलेंडर फटने से कुछ ही समय पहले नीचे उतर आए थे। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बस्ती, सहजनवां और गीडा से भी मंगाई गई। फायर ब्रिगेड की 11 गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक आग की घटना में 50 लाख से अधिक की क्षति होने का अनुमान हैं।
गोला बाजार निवासी जुग्गी लाल अग्रहरि का तीन मंजिला मकान हैं। नीचे जूता चप्पल की थोक और फुटकर दुकान हैं। जबकि दूसरी मंजिल पर परिवार रहता है। मंगलवार को उनके बड़े बेटे विनय और बहू लखनऊ दवा कराने अपनी निजी गाड़ी से गए। जुग्गी लाल अग्रहरि के अलावा छोटा बेटा, बहू, पौत्री और घर के अन्य लोग घर पर मौजूद थे। करीब सात बजे अचानक निचले तल में स्थित दुकान में आग लग गई। अभी लोग कुछ समझ पाते कि आग की लपटे बढ़ते हुए दूसरी मंजिल और तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। घटना से मोहल्ले में कोहराम मच गया। लोगों ने घरवालों को सुरक्षित किसी तरह से नीचे उतरा। इस बीच रसोई में रखा गैंस सिलिंडर भी फट गया। आग की लपटे आस-पास के घरों की ओर बढ़ने की आशंका से लोग सहम गए। व्यापारी नेता बनर्जी लाल अग्रहरि ने बताया कि फायर सर्विस और डायल 100 नंबर पर फोन किया गया, लेकिन त्वरित लाभ नहीं मिल पाया। उसके बाद कोतवाल को फोन किया गया, तब जाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जुटनी शुरू हो गई। जिले के अलावा बस्ती मुंडेरवा, सहजनवां, गीडा के अलावा मगहर मेेले से भी फायर की गाड़ियां मंगाई गई। घटना की सूचना पर डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा, एएसपी असित श्रीवास्तव, चेयरमैन श्यामसुंदर वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर विभाग के लोगों ने आग पर काबू पाया। लेकिन इस बीच दुकान और मकान में रखा सब कुछ जल गया। करीब 50 लाख से अधिक की क्षति होने का अनुमान है। शार्ट सर्किट से आग लगने की वजह बताई जा रही है।
इंसेट
युवाओं ने आग बुझाने में मदद की
संतकबीरनगर। आग की घटना के बाद अमर चौहान, अमर कसौधन, अंकुर वर्मा, सोनू वर्मा ,शेरू कसौधन, प्रदीप अग्रहरि आदि सैकड़ों युवाओं ने टोटी, नाले का पानी और हैंडपंप की पानी से आग बुझाने में भरपूर मदद की। दूूसरी तरह सीओ रमेश कुमार और गोला बाजार की चौकी इंचार्ज भाग्यवती पांडेय ने भी आग बुझाने का पूरा प्रयास किया। इसकी सराहना शहर के लोगों ने की।
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शरीर पर सिर्फ कपड़ा बचा, रिश्तेदार के घर शरण ली
संतकबीरनगर। आग की घटना ने व्यवसायी जुग्गी लाल अग्रहरि के परिवार को बर्बाद कर दिया। घरवालों के शरीर पर पहने कपड़े ही बचे, शेष सभी घरेलू सामान और दुकान में रखे जूते, चप्पल जलकर राख हो गए। कभी दूसरों की मदद के लिए आगे आने वाले जुग्गी लाल का परिवार परेशान हाल दिखा। आग की घटना में मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पीड़ित परिजन अपने रिश्तेदार व्यापारी नेता बनार्जी लाल अग्रहरि के घर शरण लेने को विवश हो गए। हर कोई यहीं कह रहा था कि अपनी मेहनत के बूत पर पिछले 30 साल से जूते, चप्पल का कारोबार करते यह परिवार आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुआ था, लेकिन आग ने सब कुछ जला कर राख कर दिया।
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गोला बाजार निवासी जुग्गी लाल अग्रहरि का तीन मंजिला मकान हैं। नीचे जूता चप्पल की थोक और फुटकर दुकान हैं। जबकि दूसरी मंजिल पर परिवार रहता है। मंगलवार को उनके बड़े बेटे विनय और बहू लखनऊ दवा कराने अपनी निजी गाड़ी से गए। जुग्गी लाल अग्रहरि के अलावा छोटा बेटा, बहू, पौत्री और घर के अन्य लोग घर पर मौजूद थे। करीब सात बजे अचानक निचले तल में स्थित दुकान में आग लग गई। अभी लोग कुछ समझ पाते कि आग की लपटे बढ़ते हुए दूसरी मंजिल और तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। घटना से मोहल्ले में कोहराम मच गया। लोगों ने घरवालों को सुरक्षित किसी तरह से नीचे उतरा। इस बीच रसोई में रखा गैंस सिलिंडर भी फट गया। आग की लपटे आस-पास के घरों की ओर बढ़ने की आशंका से लोग सहम गए। व्यापारी नेता बनर्जी लाल अग्रहरि ने बताया कि फायर सर्विस और डायल 100 नंबर पर फोन किया गया, लेकिन त्वरित लाभ नहीं मिल पाया। उसके बाद कोतवाल को फोन किया गया, तब जाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जुटनी शुरू हो गई। जिले के अलावा बस्ती मुंडेरवा, सहजनवां, गीडा के अलावा मगहर मेेले से भी फायर की गाड़ियां मंगाई गई। घटना की सूचना पर डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा, एएसपी असित श्रीवास्तव, चेयरमैन श्यामसुंदर वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर विभाग के लोगों ने आग पर काबू पाया। लेकिन इस बीच दुकान और मकान में रखा सब कुछ जल गया। करीब 50 लाख से अधिक की क्षति होने का अनुमान है। शार्ट सर्किट से आग लगने की वजह बताई जा रही है।
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युवाओं ने आग बुझाने में मदद की
संतकबीरनगर। आग की घटना के बाद अमर चौहान, अमर कसौधन, अंकुर वर्मा, सोनू वर्मा ,शेरू कसौधन, प्रदीप अग्रहरि आदि सैकड़ों युवाओं ने टोटी, नाले का पानी और हैंडपंप की पानी से आग बुझाने में भरपूर मदद की। दूूसरी तरह सीओ रमेश कुमार और गोला बाजार की चौकी इंचार्ज भाग्यवती पांडेय ने भी आग बुझाने का पूरा प्रयास किया। इसकी सराहना शहर के लोगों ने की।
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शरीर पर सिर्फ कपड़ा बचा, रिश्तेदार के घर शरण ली
संतकबीरनगर। आग की घटना ने व्यवसायी जुग्गी लाल अग्रहरि के परिवार को बर्बाद कर दिया। घरवालों के शरीर पर पहने कपड़े ही बचे, शेष सभी घरेलू सामान और दुकान में रखे जूते, चप्पल जलकर राख हो गए। कभी दूसरों की मदद के लिए आगे आने वाले जुग्गी लाल का परिवार परेशान हाल दिखा। आग की घटना में मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पीड़ित परिजन अपने रिश्तेदार व्यापारी नेता बनार्जी लाल अग्रहरि के घर शरण लेने को विवश हो गए। हर कोई यहीं कह रहा था कि अपनी मेहनत के बूत पर पिछले 30 साल से जूते, चप्पल का कारोबार करते यह परिवार आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुआ था, लेकिन आग ने सब कुछ जला कर राख कर दिया।