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फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ जालसाज को पकड़ा
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:29 PM IST
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जालसाज के बारे में जानकारी लेते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नेवेली थर्मल पावर में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर न्याय किशोर बोर्ड में संविदा पर कंप्यूटर आपरेटर की ज्वाइनिंग कराने आए एक जालसाज को एसडीएम सदर ने पकड़वा लिया। आरोपी ने युवक से 20 हजार रुपये नियुक्ति पत्र जारी करने के नाम पर ठगे थे।
मुख्यालय के गौरादेवी कालपी चौराहा निवासी प्रदीप कुमार सोनकर पुत्र रामसेवक ने नेवेली थर्मल पावर प्लांट लहुरीमऊ में कार्यरत सुपरवाइजर रामशरण निवासी पारा रैपरा थाना सुमेरपुर को सदर तहसील स्थित न्याय किशोर बोर्ड में 14 हजार रुपये के मानदेय पर कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे 20 हजार रुपये ठग लिए।
इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रदीप कुमार ने उसे न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद का नियुक्ति पत्र दे दिया। सोमवार को वह एसडीएम सदर राहुल यादव के पास रामशरण को ज्वाइनिंग कराने पहुंचा। नियुक्ति पत्र फर्जी देख एसडीएम ने उसे बैठा लिया। इसी बीच आरोपी ने भागने की कोशिश की। जिस पर एसडीएम ने सुरक्षा कर्मियों से उसे पकड़वा लिया। एसडीएम के सामने जालसाज ने स्वीकार किया कि उसी ने न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने संबंधी नियुक्ति पत्र जारी किया है।
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बताया कि सुपरवाइजर रामशरण नेवेली थर्मल पावर प्लांट में मात्र 12 हजार रुपये मिलने से परेशान था। जिसका उसने फायदा उठाया। जालसाज ने यह भी बताया कि इससे पहले नगर के गनेश कुमार, विशाल वर्मा, अतुल पांडेय, मोहनलाल व अनिल कुमार को भी फर्जी नियुक्ति पत्र दे चुका है। नौकरी न मिलने पर इनके पैसे भी वापस करने की बात कही। एसडीएम ने बताया प्रदीप कुमार सोनकर मुख्यालय का रहने वाला है। उसका करीब सात-आठ लोगों का गैंग है। जो लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता है। एसडीएम ने बताया आरोपी को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया है। मामले की जांच के बाद इस अपराध में शामिल गैंग के अन्य सदस्य भी पकड़े जाएंगे।
जालसाज के चक्कर में प्लांट की नौकरी भी गई
रामशरण ने बताया जालसाज के चक्कर में नेवेली थर्मल पावर प्लांट की नौकरी भी हाथ से चली गई। पारा रैपुरा से रोज वह नौकरी करने जाता था। तहसील में न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी मिलने से कुछ आस जगी थी, लेकिन उसे पाने में अपनी पूंजी भी चली गई।
डीएम के अर्दली पद का भी दे चुका है फर्जी पत्र
रामशरण ने बताया कि प्रदीप कुमार ने यमुना पुल पार लहुरीमऊ के विशाल नामक युवक को हमीरपुर डीएम का अर्दली बनाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र दे चुका है। विशाल नियुक्ति पत्र लेकर कलक्ट्रेट में कई दिनों तक चक्कर लगाता रहा। अब विशाल गांव में रोजी रोटी के लिए अन्य काम कर रहा है। इसी तरह जालसाज ने आधा दर्जन लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है।
एम कॉम है जालसाज
पुलिस हिरासत में जालसाज प्रदीप कुमार ने बताया कि उसने इलाहाबाद से एम कॉम तक की पढ़ाई की है। पढ़ने के बाद नौकरी के लिए काफी समय तक भटकने के बाद बेरोजगारी से परेशान होकर वह ये काम करने लगा।
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मुख्यालय के गौरादेवी कालपी चौराहा निवासी प्रदीप कुमार सोनकर पुत्र रामसेवक ने नेवेली थर्मल पावर प्लांट लहुरीमऊ में कार्यरत सुपरवाइजर रामशरण निवासी पारा रैपरा थाना सुमेरपुर को सदर तहसील स्थित न्याय किशोर बोर्ड में 14 हजार रुपये के मानदेय पर कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे 20 हजार रुपये ठग लिए।
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इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रदीप कुमार ने उसे न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद का नियुक्ति पत्र दे दिया। सोमवार को वह एसडीएम सदर राहुल यादव के पास रामशरण को ज्वाइनिंग कराने पहुंचा। नियुक्ति पत्र फर्जी देख एसडीएम ने उसे बैठा लिया। इसी बीच आरोपी ने भागने की कोशिश की। जिस पर एसडीएम ने सुरक्षा कर्मियों से उसे पकड़वा लिया। एसडीएम के सामने जालसाज ने स्वीकार किया कि उसी ने न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने संबंधी नियुक्ति पत्र जारी किया है।
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बताया कि सुपरवाइजर रामशरण नेवेली थर्मल पावर प्लांट में मात्र 12 हजार रुपये मिलने से परेशान था। जिसका उसने फायदा उठाया। जालसाज ने यह भी बताया कि इससे पहले नगर के गनेश कुमार, विशाल वर्मा, अतुल पांडेय, मोहनलाल व अनिल कुमार को भी फर्जी नियुक्ति पत्र दे चुका है। नौकरी न मिलने पर इनके पैसे भी वापस करने की बात कही। एसडीएम ने बताया प्रदीप कुमार सोनकर मुख्यालय का रहने वाला है। उसका करीब सात-आठ लोगों का गैंग है। जो लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता है। एसडीएम ने बताया आरोपी को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया है। मामले की जांच के बाद इस अपराध में शामिल गैंग के अन्य सदस्य भी पकड़े जाएंगे।
जालसाज के चक्कर में प्लांट की नौकरी भी गई
रामशरण ने बताया जालसाज के चक्कर में नेवेली थर्मल पावर प्लांट की नौकरी भी हाथ से चली गई। पारा रैपुरा से रोज वह नौकरी करने जाता था। तहसील में न्याय किशोर बोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी मिलने से कुछ आस जगी थी, लेकिन उसे पाने में अपनी पूंजी भी चली गई।
डीएम के अर्दली पद का भी दे चुका है फर्जी पत्र
रामशरण ने बताया कि प्रदीप कुमार ने यमुना पुल पार लहुरीमऊ के विशाल नामक युवक को हमीरपुर डीएम का अर्दली बनाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र दे चुका है। विशाल नियुक्ति पत्र लेकर कलक्ट्रेट में कई दिनों तक चक्कर लगाता रहा। अब विशाल गांव में रोजी रोटी के लिए अन्य काम कर रहा है। इसी तरह जालसाज ने आधा दर्जन लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है।
एम कॉम है जालसाज
पुलिस हिरासत में जालसाज प्रदीप कुमार ने बताया कि उसने इलाहाबाद से एम कॉम तक की पढ़ाई की है। पढ़ने के बाद नौकरी के लिए काफी समय तक भटकने के बाद बेरोजगारी से परेशान होकर वह ये काम करने लगा।