साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में युवाओं से सजी टीम इंडिया ने पहला टी-20 विश्व कप अपने नाम किया था। उस टीम में बतौर मैनेजेर अपनी सेवाएं देने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत अब टीम इंडिया का हेड कोच बनना चाहते हैं।
2 of 5
लालचंद राजपूत
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय टीम के कोच पद समेत बाकी सपोर्ट स्टाफ के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 जुलाई थी। इस डेडलाइन से ठीक पहले लालचंद राजपूत ने भी अपना नाम बीसीसीआई तक पहुंचा दिया। वर्तमान में बतौर जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के हेड कोच काम करने वाले राजपूत की किस्मत का फैसला अब कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की कमेटी को करना है।
3 of 5
लालचंद राजपूत
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्रों की मानें तो लालचंद राजपूत ने बीसीसीआई से ये भी गुजारिश की है कि अगर टीम का हेड कोच के लिए उनका आवेदन अस्वीकार किया जाता है तो बैटिंग कोच के लिए उनका आवेदन स्वीकार किया जाए। चूंकि, अब आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड पर बैन लगा दिया है तो ऐसे में लालचंद राजपूत का भविष्य भी अधर में ही लटका नजर आ रहा है।
भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके मुंबई के सलामी बल्लेबाज लालचंद राजपूत विभिन्न स्तरों पर 20 साल तक कोचिंग का अनुभव रखने वाले राजपूत जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसी अंतरराष्ट्रीय टीमों को कोचिंग दे चुके हैं। राजपूत नेशनल क्रिकेट अकादमी, बेंगलुरु से सर्टिफाइड लेवल 3 कोच हैं। 2008 में ऑस्ट्रेलिया में ट्राएंगुलर सीबी सीरीज जीती, तब भी राजपूत टीम के मैनेजर थे।
इसके अलावा भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर रॉबिन सिंह ने भी इस पद के लिए खुद को दावेदार के तौर पर पेश किया है।