इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने प्रेस से बात की। इस दौरान कप्तान विराट कोहली भी मौजूद थे। पूरी बातचीत के दौरान रवि शास्त्री ने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के लिए यो-यो टेस्ट कितना अहम है। उन्होंने दो टूक कह दिया, 'आप टेस्ट पास कीजिए और भारत के लिए खेलिए।
यो-यो टेस्ट को लेकर शास्त्री ने कहा कि, ‘आप के अंदर कुछ निश्चित काबिलियत है, लेकिन अगर आप फिट हो तो आप इसमें निखार ला सकते हो। इसलिए हम यो-यो टेस्ट पर जोर देते हैं। अगर किसी को लगता है कि यह बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है, तो यह उनकी भूल है। वह जा सकते हैं।’
शास्त्री का साथ देते हुए कोहली ने भी कहा कि, 'इसे भावुक होने के बजाय ‘कड़े फैसले’ के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे टीम को फायदा ही मिलेगा। इस दौरान कोहली ने उदाहरण के तौर पर जसप्रीत बुमराह का भी जिक्र किया। बकौल कोहली, बुमराह तेज गेंदबाज के दमखम और सहनशक्ति को दर्शाने का सबूत है।
उन्होंने कहा , ‘जसप्रीत बुमराह अंतिम टेस्ट के दौरान अपने आखिरी स्पेल में 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे और यहीं फिटनेस की असली परीक्षा होती है। जब आपके पास ऐसे लोग होते हैं जो फिट हैं, अच्छे प्रदर्शन के भूखे हैं और तैयार हैं, तो आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं करते, बल्कि आप मैचों में जीत हासिल करते हो।'
बता दें कि इसके पहले पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने टीम चयन में यो-यो टेस्ट को पैमाने बनाने का विरोध किया था। आईपीएल 11 के सुपरस्टार रहे अंबाती रायुडू के यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद उन्हें टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखाया गया था, जिसके बाद चयन समिति के इस पूर्व अध्यक्ष ने बीसीसीआई के नीतियों पर सवाल उठाए थे।