{"_id":"677234e2a53149beb4028e5c","slug":"yashasvi-jaiswal-given-out-despite-snicko-meter-third-umpire-controversial-decision-india-vs-australia-test-2024-12-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IND vs AUS 4th Test: विवादों में यशस्वी का आउट होना, फैंस बोले - बेइमानी हुई; स्निको मीटर तकनीक पर उठे सवाल","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
IND vs AUS 4th Test: विवादों में यशस्वी का आउट होना, फैंस बोले - बेइमानी हुई; स्निको मीटर तकनीक पर उठे सवाल
Mon, 30 Dec 2024 11:21 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:21 AM IST
सार
मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी।
विज्ञापन
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : Screen Grab
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में जारी चौथे टेस्ट मैच के दौरान उस वक्त विवाद हो गया जब सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के साथ बेमाइनी हुई। पैट कमिंस 71वां ओवर डालने आए और उस ओवर की पांचवीं गेंद पर यशस्वी ने पीछे की ओर शॉट खेलने का फैसला किया। गेंद विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों में गई और ऑस्ट्रेलिया टीम ने अपील की।
विज्ञापन
यशस्वी-पंत की शानदार साझेदारी
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 340 रनों का लक्ष्य रखा है। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने महज 33 रन के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद यशस्वी और पंत ने मिलकर पारी को संभाला। हालांकि, भारत को 121 के स्कोर पर चौथा झटका लगा। ट्रेविस हेड ने ऋषभ पंत को मिचेल मार्श के हाथों कैच कराया। वह 104 गेंद में 30 रन बना सके। पंत ने यशस्वी के साथ मिलकर दूसरे सत्र में भारत का कोई विकेट नहीं गिरने दिया था, लेकिन तीसरे सत्र में वह एकाग्रता खो बैठे और बड़े शॉट के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। पंत ने यशस्वी के साथ 88 रन की साझेदारी की।
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 340 रनों का लक्ष्य रखा है। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने महज 33 रन के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद यशस्वी और पंत ने मिलकर पारी को संभाला। हालांकि, भारत को 121 के स्कोर पर चौथा झटका लगा। ट्रेविस हेड ने ऋषभ पंत को मिचेल मार्श के हाथों कैच कराया। वह 104 गेंद में 30 रन बना सके। पंत ने यशस्वी के साथ मिलकर दूसरे सत्र में भारत का कोई विकेट नहीं गिरने दिया था, लेकिन तीसरे सत्र में वह एकाग्रता खो बैठे और बड़े शॉट के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। पंत ने यशस्वी के साथ 88 रन की साझेदारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
थर्ड अंपायर ने नियम को अनदेखा किया
कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। वह चूके और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए। इस तरह भारत को 140 के स्कोर पर सातवां झटका लगा। यशस्वी 84 रन बनाकर आउट हुए।
कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। वह चूके और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए। इस तरह भारत को 140 के स्कोर पर सातवां झटका लगा। यशस्वी 84 रन बनाकर आउट हुए।
Is this OUT or NOTOUT?#INDvsAUS #INDvsAUSTest #YashasviJaiswal pic.twitter.com/TRH76iVVVH
— 𝗗𝗥𝗔𝗚𝗢𝗡 𝗡𝗧𝗥🐉 (@NTRfever9999) December 30, 2024
क्या कहता है नियम?
नियम के अनुसार, ऐसे मामलों में थर्ड अंपायर स्निको मीटर को चेक करता है और उसमें हरकत होने पर बल्लेबाज को आउट दिया जाता है। लेकिन यशस्वी के मामले में स्निको मीटर को ही नजरअंदाज कर दिया गया। रिप्ले में जब कुछ स्पष्ट नहीं था तो यशस्वी पर फैसला स्निको मीटर की हरकत के आधार पर दिया जाना चाहिए था। यशस्वी जब शॉट खेल रहे थे, उस वक्त स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी, जिसका स्पष्ट मतलब है कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर कैरी के हाथों में नहीं गई थी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर बांग्लादेश के शरफुदौला ने यशस्वी को आउट करार दिया। यशस्वी भी इस फैसले से खुश नहीं थे और उन्होंने मैदानी अंपायर के साथ इसकी चर्चा की, लेकिन उनके पास पवेलियन लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
नियम के अनुसार, ऐसे मामलों में थर्ड अंपायर स्निको मीटर को चेक करता है और उसमें हरकत होने पर बल्लेबाज को आउट दिया जाता है। लेकिन यशस्वी के मामले में स्निको मीटर को ही नजरअंदाज कर दिया गया। रिप्ले में जब कुछ स्पष्ट नहीं था तो यशस्वी पर फैसला स्निको मीटर की हरकत के आधार पर दिया जाना चाहिए था। यशस्वी जब शॉट खेल रहे थे, उस वक्त स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी, जिसका स्पष्ट मतलब है कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर कैरी के हाथों में नहीं गई थी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर बांग्लादेश के शरफुदौला ने यशस्वी को आउट करार दिया। यशस्वी भी इस फैसले से खुश नहीं थे और उन्होंने मैदानी अंपायर के साथ इसकी चर्चा की, लेकिन उनके पास पवेलियन लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
गावस्कर-पठान ने उठाए सवाल
जब थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलटा तो कमेंट्री कर रहे गावस्कर और इरफान पठान हैरन रह गए और उन्होंने ऑन एयर इस फैसले पर सवाल खड़े किए। गावस्कर ने भी स्निको मीटर का हवाला दिया और कहा कि अगर स्निको मीटर में हरकत नहीं दिखती है तो यह इस बात का सबूत है कि गेंद ने बल्ले का किनारा नहीं लिया है। वहीं, इरफान भी गावस्कर की बात से सहमत दिखे।
जब थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलटा तो कमेंट्री कर रहे गावस्कर और इरफान पठान हैरन रह गए और उन्होंने ऑन एयर इस फैसले पर सवाल खड़े किए। गावस्कर ने भी स्निको मीटर का हवाला दिया और कहा कि अगर स्निको मीटर में हरकत नहीं दिखती है तो यह इस बात का सबूत है कि गेंद ने बल्ले का किनारा नहीं लिया है। वहीं, इरफान भी गावस्कर की बात से सहमत दिखे।
दर्शकों ने लगाए 'चीटिंग-चीटिंग' के नारे
एमसीजी में मौजूदा 30000 से ज्यादा दर्शकों भी अंपायर के इस फैसले से हैरान थे। भारतीय प्रशंसक इससे काफी निराश हुए और उन्होंने चीटिंग-चीटिंग के नारे लगाने शुरू कर दिए। दर्शक यशस्वी के आउट होने के काफी देर तक नारे लगाते रहे और इस बात का अहसास कराते रहे कि किस तरह यशस्वी के साथ बेइमानी की गई है।
एमसीजी में मौजूदा 30000 से ज्यादा दर्शकों भी अंपायर के इस फैसले से हैरान थे। भारतीय प्रशंसक इससे काफी निराश हुए और उन्होंने चीटिंग-चीटिंग के नारे लगाने शुरू कर दिए। दर्शक यशस्वी के आउट होने के काफी देर तक नारे लगाते रहे और इस बात का अहसास कराते रहे कि किस तरह यशस्वी के साथ बेइमानी की गई है।
राहुल के मामले में स्निको मीटर का लिया था सहारा
यह घटना पर्थ में शुरुआती टेस्ट में इसी तरह के विवाद के बाद हुई है, जहां सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के आउट होने पर बहस छिड़ गई थी। ऑस्ट्रेलिया की अपील के बाद मैदानी अंपायर रिचर्ड केटलबोरो ने राहुल के पक्ष में फैसला सुनाया था, घरेलू टीम ने फैसले को चुनौती देने के लिए डीआरएस का इस्तेमाल किया। थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने स्प्लिट-स्क्रीन व्यू का लाभ नहीं मिलने के बावजूद मैदान अंपायर के फैसले को पलट दिया था। स्प्लिट-स्क्रीन व्यू से उन्हें यह स्पष्ट तस्वीर मिल जाती कि क्या मिचेल स्टार्क की गेंद ने वास्तव में बल्ले को छुआ था या स्निको की आवाज गेंद के पैड के टकराने से आई थी।
यह घटना पर्थ में शुरुआती टेस्ट में इसी तरह के विवाद के बाद हुई है, जहां सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के आउट होने पर बहस छिड़ गई थी। ऑस्ट्रेलिया की अपील के बाद मैदानी अंपायर रिचर्ड केटलबोरो ने राहुल के पक्ष में फैसला सुनाया था, घरेलू टीम ने फैसले को चुनौती देने के लिए डीआरएस का इस्तेमाल किया। थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने स्प्लिट-स्क्रीन व्यू का लाभ नहीं मिलने के बावजूद मैदान अंपायर के फैसले को पलट दिया था। स्प्लिट-स्क्रीन व्यू से उन्हें यह स्पष्ट तस्वीर मिल जाती कि क्या मिचेल स्टार्क की गेंद ने वास्तव में बल्ले को छुआ था या स्निको की आवाज गेंद के पैड के टकराने से आई थी।