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WC 2023: एमसीसी ने मैथ्यूज को टाइम आउट देने के फैसले को सही बताया, द्रविड़ बोले- किसी को दोषी ठहराना सही नहीं
Sat, 11 Nov 2023 11:20 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sat, 11 Nov 2023 11:20 PM IST
सार
क्रीज पर आने के बाद मैथ्यूज को बाद में पता चला कि उनके हेलमेट का स्ट्रेप टूटा है और उन्होंने नया हेलमेट मंगवाया। इस विलंब से बांग्लादेश ने अपील की और अंपायरों ने टाइम आउट करार दिया।
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एंजेलो मैथ्यूज, राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
क्रिकेट के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने शनिवार को कहा कि अंपायरों ने विश्वकप के मैच में एंजेलो मैथ्यूज को सही ‘टाइम आउट’ करार दिया था। हालांकि, एमसीसी ने यह भी कहा कि नया हेलमेट मांगने से पहले अंपायरों से सलाह लेकर मैथ्यूज आउट होने से बच सकते थे। मैथ्यूज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने जब बांग्लादेश के खिलाफ मैच में वह समय सीमा के भीतर स्ट्राइक लेने से चूक गए। इसे लेकर काफी विवाद पैदा हुआ।
क्रीज पर आने के बाद मैथ्यूज को बाद में पता चला कि उनके हेलमेट का स्ट्रेप टूटा है और उन्होंने नया हेलमेट मंगवाया। इस विलंब से बांग्लादेश ने अपील की और अंपायरों ने टाइम आउट करार दिया। एमसीसी ने एक बयान में कहा, ''जब हेलमेट टूटा तो लगा कि मैथ्यूज ने अंपायरों से मशविरा नहीं किया। एक खिलाड़ी को नया उपकरण मंगवाने से पहले ऐसा करना चाहिए। उन्होंने सीधे ड्रेसिंग रूम में इशारा कर दिया। अगर वह अंपायरों को बताते कि क्या हुआ है और समय मांगते तो उन्हें हेलमेट बदलने की अनुमति मिल जाती। इससे वह टाइम आउट होने से बच जाते।''
एमसीसी ने बयान में कहा गया , ''अपील किए जाने के समय दो मिनट से अधिक निकल चुके थे तो अंपायरों ने उन्हें सही आउट करार दिया। क्रिकेट के नियमों के अनुसार वह इसके अलावा क्या कर सकते थे।’ उस मैच में दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरास्मस और इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ मैदानी अंपायर थे। तनाव इतना बढ़ गया था कि मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया।
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नियमों का पालन करने पर किसी को दोषी ठहराना सही नहीं : द्रविड़
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के मैथ्यूज के टाइम आउट प्रकरण पर कहा है कि सब अलग तरीके से सोच सकते हैं। सबकी राय जुदा हो सकती है। जब कोई नियमों का पालन कर रहा है ईमानदारी की बात तो यह है कि आप उसे दोषी नहीं ठहरा सकते। मैथ्यूज को आउट दिए जाने को लेकर बांग्लादेशी कप्तान शाकिब अल हसन की अपील को लेकर क्रिकेट की भावना का सवाल उठाया जा रहा था।
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क्रीज पर आने के बाद मैथ्यूज को बाद में पता चला कि उनके हेलमेट का स्ट्रेप टूटा है और उन्होंने नया हेलमेट मंगवाया। इस विलंब से बांग्लादेश ने अपील की और अंपायरों ने टाइम आउट करार दिया। एमसीसी ने एक बयान में कहा, ''जब हेलमेट टूटा तो लगा कि मैथ्यूज ने अंपायरों से मशविरा नहीं किया। एक खिलाड़ी को नया उपकरण मंगवाने से पहले ऐसा करना चाहिए। उन्होंने सीधे ड्रेसिंग रूम में इशारा कर दिया। अगर वह अंपायरों को बताते कि क्या हुआ है और समय मांगते तो उन्हें हेलमेट बदलने की अनुमति मिल जाती। इससे वह टाइम आउट होने से बच जाते।''
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एमसीसी ने बयान में कहा गया , ''अपील किए जाने के समय दो मिनट से अधिक निकल चुके थे तो अंपायरों ने उन्हें सही आउट करार दिया। क्रिकेट के नियमों के अनुसार वह इसके अलावा क्या कर सकते थे।’ उस मैच में दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरास्मस और इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ मैदानी अंपायर थे। तनाव इतना बढ़ गया था कि मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया।
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नियमों का पालन करने पर किसी को दोषी ठहराना सही नहीं : द्रविड़
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के मैथ्यूज के टाइम आउट प्रकरण पर कहा है कि सब अलग तरीके से सोच सकते हैं। सबकी राय जुदा हो सकती है। जब कोई नियमों का पालन कर रहा है ईमानदारी की बात तो यह है कि आप उसे दोषी नहीं ठहरा सकते। मैथ्यूज को आउट दिए जाने को लेकर बांग्लादेशी कप्तान शाकिब अल हसन की अपील को लेकर क्रिकेट की भावना का सवाल उठाया जा रहा था।