Vijay Hazare Trophy: पंजाब को हराकर फाइनल में पहुंचा सौराष्ट्र, विश्वराज जडेजा का शतक; अब विदर्भ से सामना
Karnataka vs Saurashtra Semi Final Highlights: सौराष्ट्र ने सेमीफाइनल मुकाबले में एकरतफा अंदाज में पंजाब को हराया और विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया। सौराष्ट्र के लिए शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया।
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लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र को कप्तान हार्विक देसाई और जडेजा ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 172 रन जोड़कर टीम के लिए जीत की नींव रखी। हार्विक और जडेजा ने पंजाब के गेंदबाजों को काफी परेशान किया और विकेट के लिए तरसा दिया। पंजाब ने सौराष्ट्र के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था, लेकिन हार्विक और जडेजा ने टीम को ऐसी शुरुआत दिलाई जिससे सौराष्ट्र के लिए यह लक्ष्य आसान सा बन गया।
गुरनूर बरार ने हार्विक को आउट कर पंजाब को पहली सफलता दिलाई। हार्विक 63 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 64 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद जडेजा ने प्रेरक मांकड़ के साथ मिलकर पारी आगे बढ़ाई और दोनों बल्लेबाज टीम को जीत दिलाकर ही पवेलियन लौटे। जडेजा और प्रेरक के बीच दूसरे विकेट के लिए 121 रनों की अविजित साझेदारी की। जडेजा ने 127 गेंदों की अपनी पारी में 18 चौके और तीन छक्के लगाए। वहीं, प्रेरक 49 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 52 रन बनाकर नाबाद रहे। सौराष्ट्र के लिए शीर्ष तीनों बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जडेजा के अलावा हार्विक और प्रेरक भी 50+ स्कोर बनाने में सफल रहे।
पंजाब की पारी
पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। हरनूर सिंह और कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी की, लेकिन हरनूर रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह और अनमोलप्रीत सिंह ने पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 109 रन जोड़े। प्रभसिमरन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए लेग साइड पर कई आकर्षक बड़े शॉट लगाए, लेकिन जरूरत से ज्यादा आक्रमण करने के चक्कर में चिराग जानी की गेंद पर डीप में कैच आउट हो गए। अनमोलप्रीत सिंह ने इसके बाद जिम्मेदारी संभाली और 103 गेंदों में शानदार शतक पूरा किया। 36वें ओवर में पंजाब ने नमन धीर और नेहाल वढेरा के विकेट लगातार दो गेंदों पर गंवाए, लेकिन टीम 47वें ओवर में 275 रन तक पहुंच गई थी। यहीं से पंजाब की पारी बिखर गई। चेतन साकरिया ने अनमोलप्रीत को आउट कर मैच का रुख बदल दिया और इसके बाद पंजाब ने महज 16 रनों के भीतर अपने आखिरी पांच विकेट गंवा दिए। अंततः पंजाब की पूरी टीम 291 रनों पर सिमट गई, जो इस पिच पर एक औसत स्कोर साबित हुआ।