एडिलेड में खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट में भारतीय टीम ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। गेंदबाजों की शानदार गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया ने 62 रनों की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने सभी की चिंताएं बढ़ा दी है। शॉ पहले टेस्ट की दोनों ही पारियों में फिसड्डी साबित हुए और सस्ते में निपट गए।
VIDEO: आखिर क्यों दोनों पारियों में फेल हुए पृथ्वी शॉ, पोंटिंग ने बताई उनकी कमजोरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले कुछ समय से फॉर्म से जूझ रहे 21 वर्षीय बल्लेबाज को टीम प्रबंधन ने केएल राहुल और शुभमन गिल के ऊपर तवज्जो दी और प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। लेकिन चार मैच खेल चुके शॉ को दोनों पारियों में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने आसानी से शिकार बनाया।
शॉ को पहली पारी में मिचेल स्टार्क ने शून्य पर तो दूसरी पारी में पैट कमिंस ने चार रन पर क्लीन बोल्ड किया। दोनों बार शॉ एक ही अंदाज में आउट हुए, जिसके बाद उनकी तकनीक पर सवाल उठने लगे। वहीं आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के उनके कोच और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया और बताया कि वह कहां चूक रहा है।
"The problem and the worry is his front foot's not planted."@RickyPonting talks Prithvi Shaw's first Test dismissals #AUSvIND pic.twitter.com/7Vo8ukUNyg
पोंटिंग ने पहली पारी से पहले ही शॉ की कमजोरी बताते हुए कहा था कि उसे अंदर आती गेंद को खेलने में परेशानी होती है और बल्लेबाजी करते वक्त उसके बल्ले और पैड के बीच में काफी जगह होती है, जिससे उसके आउट होने के मौके बढ़ जाते हैं। पोंटिंग की बात सही भी निकली जब शॉ स्टार्क की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद दूसरी पारी में भी शॉ लगभग उसी तरह से आउट हुए और कमिंस की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए। इसपर पोंटिंग ने दोबारा से दोनों पारियों में उनके आउट होने के तरीके पर सवाल उठाया और उनकी असली कमजोरी को उजागर किया।