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Women's World Cup 2022: महिला विश्व कप में सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ खेल सकेंगी टीमें, आईसीसी ने बदला नियम
Thu, 24 Feb 2022 01:20 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, क्राइस्टचर्च
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, क्राइस्टचर्च
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:20 PM IST
सार
आईसीसी ने महिला विश्व कप के लिए नियमों में बदलाव करते हुए कहा कि अब खिलाड़ियों के कोरोना संक्रमित होने पर सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ भी टीम मैच खेल सकती है। आमतौर पर एक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं।
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आईसीसी महिला विश्वकप
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महिला विश्व कप 2022 के लिए आईसीसी ने नियमों में बदलाव किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने कहा है कि खिलाड़ियों के कोरोना संक्रमित होने पर एक टीम सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ भी मैदान में उतर सकती है। आईसीसी ने नियमों में यह बदलाव इसलिए किए हैं ताकि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को कोरोना होने पर भी मैच न रुके और आसानी से टूर्नामेंट चलता रहे। इसके साथ ही आईसीस ने तय किया है कि किसी मैच के टाई होने पर सुपर ओवर के जरिए उसका नतीजा निकाला जाएगा। अगर सुपर ओवर भी टाई होता तो दूसरा सुपर ओवर होगा और तब तक सुपर ओवर होते रहेंगे, जब तक मैच का नतीजा नहीं आ जाता।
इससे पहले अंडर-19 विश्व कप के दौरान भारत की आधी टीम कोरोना संक्रमित हो गई थी। इस स्थिति में बड़ी मुश्किल से भारत ने मैदान में अपनी टीम उतारी थी। हालांकि, इस दौरान टीम इंडिया को युगांडा और आयरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ खेलना था। इस वजह से टीम इंडिया ने आसानी से दोनों मैच जीत लिए थे, लेकिन महिला विश्व कप में ऐसा नहीं होगा। इस स्थिति से बचने के लिए आईसीसी ने सभी टीमों के लिए नया नियम जारी किया है। महिला विश्व कप चार मार्च से तीन अप्रैल के बीच न्यूजीलैंड में खेला जाएगा।
आईसीसी इवेंट के हेड क्रिस टेटली ने इस पर बात करते हुए कहा "कोरोना के नजरिए से हमें ज्यादा छूट देने की जरूरत है। खासकर जब तक हम इन मुश्किल हालातों में मैच खेल रहे हैं।"
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ज्यादा खिलाड़ियों के साथ विश्व कप में पहुंचेंगी टीमें
क्रिस टेटली ने बताया कि इस विश्व कप में आधिकारिक तौर पर टीम में खिलाड़ियों की संख्या 15 ही है, लेकिन रिजर्व के तौर पर टीमें कई अतिरिक्त खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ सकती हैं। ऐसे में अगर किसी टीम में कोरोना के मामले सामने आते हैं तो रिजर्व खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जा सकेगा। लीग मैचों में सभी टीमें आपस में एक-एक मैच खेलेंगी और इसके बाद शुरुआती चार टीमों का फैसला किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर मैचों में बदलाव होगा
अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं और किन्हीं दो टीमों के बीच मैच का आयोजन मुश्किल हो जाता है तो उन मैचों का आयोजन बाद में किया जाएगा। हालांकि, हर टीम से उम्मीद की जाती है कि वे पूरी तरह से लचीलापन दिखाएं। इस टूर्नामेंट में बाउंड्री की संख्या के आधार पर विजेता का फैसला नहीं होगा, जैसा कि 2019 विश्व कप में हुआ था। किसी भी मैच में जब तक नतीजा नहीं आ जाता तब तक सुपर ओवर होते रहेंगे।
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इससे पहले अंडर-19 विश्व कप के दौरान भारत की आधी टीम कोरोना संक्रमित हो गई थी। इस स्थिति में बड़ी मुश्किल से भारत ने मैदान में अपनी टीम उतारी थी। हालांकि, इस दौरान टीम इंडिया को युगांडा और आयरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ खेलना था। इस वजह से टीम इंडिया ने आसानी से दोनों मैच जीत लिए थे, लेकिन महिला विश्व कप में ऐसा नहीं होगा। इस स्थिति से बचने के लिए आईसीसी ने सभी टीमों के लिए नया नियम जारी किया है। महिला विश्व कप चार मार्च से तीन अप्रैल के बीच न्यूजीलैंड में खेला जाएगा।
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आईसीसी इवेंट के हेड क्रिस टेटली ने इस पर बात करते हुए कहा "कोरोना के नजरिए से हमें ज्यादा छूट देने की जरूरत है। खासकर जब तक हम इन मुश्किल हालातों में मैच खेल रहे हैं।"
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ज्यादा खिलाड़ियों के साथ विश्व कप में पहुंचेंगी टीमें
क्रिस टेटली ने बताया कि इस विश्व कप में आधिकारिक तौर पर टीम में खिलाड़ियों की संख्या 15 ही है, लेकिन रिजर्व के तौर पर टीमें कई अतिरिक्त खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ सकती हैं। ऐसे में अगर किसी टीम में कोरोना के मामले सामने आते हैं तो रिजर्व खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जा सकेगा। लीग मैचों में सभी टीमें आपस में एक-एक मैच खेलेंगी और इसके बाद शुरुआती चार टीमों का फैसला किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर मैचों में बदलाव होगा
अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं और किन्हीं दो टीमों के बीच मैच का आयोजन मुश्किल हो जाता है तो उन मैचों का आयोजन बाद में किया जाएगा। हालांकि, हर टीम से उम्मीद की जाती है कि वे पूरी तरह से लचीलापन दिखाएं। इस टूर्नामेंट में बाउंड्री की संख्या के आधार पर विजेता का फैसला नहीं होगा, जैसा कि 2019 विश्व कप में हुआ था। किसी भी मैच में जब तक नतीजा नहीं आ जाता तब तक सुपर ओवर होते रहेंगे।