कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को भले ही मौजूदा सत्र में टी-20 क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम के साथ मौका नहीं मिला हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगले साल होने वाले विश्व कप से पूर्व खेल के सबसे छोटे प्रारूप में इन्हें चुका हुआ मानना जल्दबाजी होगी।
पिछले 24 महीनों में प्रभावी प्रदर्शन से सीमित ओवरों की टीम में जगह पक्की करने वाले कुलदीप और चहल को लगातार दो टी-20 श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा घरेलू श्रृंखला भी शामिल है।
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वाशिंगटन सुंदर (बाएं) और राहुल चहर (दाएं)
- फोटो : सोशल मीडिया
धर्मशाला में पहले टी-20 से पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि वे राहुल चाहर और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों का आजमा रहे हैं क्योंकि वे बल्लेबाजी में अधिक गहराई और लगातार 200 से अधिक का स्कोर बनाना चाहते हैं।
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चहल और कुलदीप
- फोटो : BCCI
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि, 'भारत टी-20 में इसी तरह का आक्रामक रवैया अपनाना चाहता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अब उन्हें लगातार 220 रन बनाने की इच्छाशक्ति दिखानी होगी। अगर बल्लेबाजी में गहराई है तो आप निश्चित तरीके से बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन इस तरह की गहराई के साथ आप पारंपरिक तरीके से नहीं खेल सकते। इंग्लैंड ने ऐसा ही किया। उन्होंने बल्लेबाजी में गहराई पर ध्यान केंद्रित किया क्योंकि वे 400 रन (एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में) बनाना चाहते थे और उन्होंने कई बार इसे हासिल किया।'
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कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल
- फोटो : पीटीआई
चोपड़ा का मानना है कि अगर कोई टीम विकेट चटकाने की अपनी क्षमता के साथ समझौता करना चाहती है तो उसे अधिक रन बनाने होंगे। इस पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज का मानना है कि चहल जल्द ही टी-20 में वापसी करेंगे। चहल फिलहाल सिर्फ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं जबकि कुलदीप 50 ओवर के प्रारूप और टेस्ट मैच दोनों टीमों में शामिल हैं, लेकिन अंतिम एकादश में उनका खेलना तय नहीं है।