राहुल द्रविड़ का 'शिष्य', विपक्षी टीम पर अकेले पड़ गया भारी
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ रिटायरमेंट के बाद अब अंडर-19 क्रिकेट टीम के कोच हैं। उनके एक शिष्य ने मैच ऐसा कारनामा कर दिखाया कि विपक्षी टीम सरेंडर करने पर मजबूर हो गई और जूनियन टीम इंडिया को आसान जीत मिल गई।
हम बात कर रहे हैं अंडर-19 क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अवेश खान की। इनके 4 विकेट की बदौलत टीम त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला के पहले मैच में बांग्लादेश को 82 रन से हराने में सफल रही। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 159 रन बनाए थे।
19वें बसंत पर कदम रख रहे मध्यप्रदेश मूल के इस तेज गेंदबाज ने छह ओवर में मात्र 4 रन देकर 4 विकेट झटके। इन छह ओवरों में भी 3 ओवर मेडन फेंके। भारत के जवाब में बांग्लादेश टीम मात्र 23 ओवर में 73 रन पर ऑलआउट हो गई।
पढ़िए, मैच की पूरी कहानी
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनकर भारतीय टीम भी पूरे 50 ओवर नहीं खेल सकी थी। 46वें ओवर में पूरी टीम 159 रनों पर ऑलआउट हो गई। टीम के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
इतने कम रनों के साथ भारतीय टीम की जीत मुश्किल लग रही थी लेकिन तेज गेंदबाज अवेश खान ने मोर्चा संभाला और शानदार गेंदबाजी की। नपी-तुली गेंदबाजी के साथ अवेश ने 4 विकेट झटके। उनके अलावा टीम में बाएं हाथ के स्पिनर कनिष्क सेठ ने 12 ओवरों में 45 रन देकर 2 विकेट झटके।
अवेश खान ने पहली ही गेंद पर बांग्लादेश के ओपनर मोहम्मद सैफ हसन को पेवेलियन भेजा। इसके बाद मेहमान टीम दबाव से उबर नहीं सकी। नई गेंद से उसने बेहतरीन स्पैल फेंका और बांग्लादेश के शीषर्क्रम की धज्जियां उड़ा दी। अगले ओवर में उसने पिनाक घोष (1) को विकेट के पीछे लपकवाया। बांग्लादेश के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे और कोई भी टिककर नहीं खेल सका। लेग स्पिनर मयंक डागर और जीशान अंसारी ने पुछल्ले बल्लेबाजों को आउट किया।
जीत के बाद यह बोले अवेश
भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के पेसर अवेश खान ने टीम की जीत का श्रेय कोच राहुल द्रविड़ को दिया। उन्होंने कहा कि टीम के कोच और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का अपार अनुभव ही टीम की सफलता का राज है।
खान ने कहा कि कठिन हालात में खुद को खेल के अनुरूप ढालना द्रविड़ से बेहतर कोई और नहीं जानता और बतौर कोच वह यही गुण जूनियर खिलाड़ियों में झोंक रहे हैं। खान ने कहा, 'द्रविड़ खुलकर अपना अनुभव खिलाड़ियों के साथ साझा करते हैं। वह गेंदबाजों को बल्लेबाजों के नजरिए से खेल के गुण समझाते हैं। वह हमेशा हमसे अपना 100 फीसदी देने की अपील करते हैं।'