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श्रीलंका ने नहीं खोई उम्मीद: एसएलसी को महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का भरोसा, सुधारवादी कदम उठाने पर जोर
Mon, 31 Aug 2026 05:13 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:13 PM IST
सार
श्रीलंका क्रिकेट को अब भी भरोसा है कि उसके पास महिला चैंपियंस ट्रॉफी के मेजबानी अधिकार सुरक्षित रहेंगे। छह टीम का यह टी20 टूर्नामेंट फरवरी 2027 में आयोजित होना है, लेकिन ऐसी संभावना है कि एसएलसी के प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप के कारण इसे श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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चामरी अट्टापट्टू
- फोटो : ACC
विस्तार
श्रीलंका के अंतरिम क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि वह खेल प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच अगले साल होने वाली पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी देश में बनाए रखने के लिए बुनियाद से ही सुधारवादी कदम उठाएगा। देश के खेल मंत्री द्वारा नियुक्त अंतरिम समिति के अध्यक्ष एरन विक्रमरत्ने ने कहा कि उनकी समिति श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के प्रशासन में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
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अगले साल फरवरी में होना है टूर्नामेंट
विक्रमरत्ने ने कहा, 'हम बुनियाद से ही सुधार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम पीछे नहीं हट रहे हैं।' हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। छह टीम का यह टी20 टूर्नामेंट फरवरी 2027 में आयोजित होना है, लेकिन ऐसी संभावना है कि एसएलसी के प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप के कारण इसे श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अंतरिम समिति में शामिल अधिकारी प्रकाश शाफ्टर ने कहा कि करीब ढाई महीने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने संकेत दिया था कि वह श्रीलंका के अलावा किसी वैकल्पिक स्थल की तलाश कर रहा है।
विक्रमरत्ने ने कहा, 'हम बुनियाद से ही सुधार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम पीछे नहीं हट रहे हैं।' हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। छह टीम का यह टी20 टूर्नामेंट फरवरी 2027 में आयोजित होना है, लेकिन ऐसी संभावना है कि एसएलसी के प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप के कारण इसे श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अंतरिम समिति में शामिल अधिकारी प्रकाश शाफ्टर ने कहा कि करीब ढाई महीने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने संकेत दिया था कि वह श्रीलंका के अलावा किसी वैकल्पिक स्थल की तलाश कर रहा है।
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कुमार संगकारा
- फोटो : IPL
संगकारा बोले- आईसीसी के साथ काम करने की जरूरत
शाफ्टर ने सोमवार को कहा, 'हालांकि उन्होंने एसएलसी से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों के कारण अपने फैसले के बारे में हमें स्पष्ट रूप से नहीं बताया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम उन्हें अब तक उठाए गए कदमों से अवगत करा पाएंगे और उन्हें यहां टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए मना सकेंगे।' श्रीलंका के पूर्व कप्तान और अंतरिम समिति के सदस्य कुमार संगकारा ने कहा कि आईसीसी के साथ करीबी सहयोग से काम करने की जरूरत है। संगकारा ने कहा, हम नए संविधान को तैयार करने और उसके बाद निर्वाचित निकाय के गठन के चरण से गुजर रहे हैं।
मौजूदा अंतरिम समिति का गठन अप्रैल में किया गया था। इससे पहले तत्कालीन एसएलसी प्रशासन को कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इस्तीफा देने को कहा गया था। इसके बाद खेल मंत्री ने एसएलसी के संविधान और उसकी प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव के उद्देश्य से मौजूदा समिति का गठन किया था। हालांकि आईसीसी सदस्य देशों के क्रिकेट प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं है।
शाफ्टर ने सोमवार को कहा, 'हालांकि उन्होंने एसएलसी से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों के कारण अपने फैसले के बारे में हमें स्पष्ट रूप से नहीं बताया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम उन्हें अब तक उठाए गए कदमों से अवगत करा पाएंगे और उन्हें यहां टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए मना सकेंगे।' श्रीलंका के पूर्व कप्तान और अंतरिम समिति के सदस्य कुमार संगकारा ने कहा कि आईसीसी के साथ करीबी सहयोग से काम करने की जरूरत है। संगकारा ने कहा, हम नए संविधान को तैयार करने और उसके बाद निर्वाचित निकाय के गठन के चरण से गुजर रहे हैं।
मौजूदा अंतरिम समिति का गठन अप्रैल में किया गया था। इससे पहले तत्कालीन एसएलसी प्रशासन को कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इस्तीफा देने को कहा गया था। इसके बाद खेल मंत्री ने एसएलसी के संविधान और उसकी प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव के उद्देश्य से मौजूदा समिति का गठन किया था। हालांकि आईसीसी सदस्य देशों के क्रिकेट प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं है।