ये 5 फैक्टर दिलाएंगे टीम इंडिया को पाक पर जीत!
वर्ल्ड क्रिकेट के इतिहास में भारत और पाकिस्तान की टीमें अब तक 6 बार भिड़ चुकी हैं जिसमें 5 बार वनडे वर्ल्ड कप में और एक बार ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में। इस सभी 6 मुकाबलों में टीम इंडिया ने पाक को हराया है।
क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें कट्टर प्रतिद्वंद्वी नजर आती हैं और दोनों के बीच मैच के दौरान न सिर्फ खिलाड़ियों की बल्कि प्रशंसकों के दिलों की धड़कन भी बढ़ जाती है। वैश्विक स्तर पर भी इस महामुकाबले पर सभी की नजर रहती है। कई बार तो इन दोनों टीमों के बीच मुकाबले का महत्व टूर्नामेंट के फाइनल मैच से भी ज्यादा हो जाता है।
2015 के वर्ल्ड कप में सबसे दिलचस्प बात यह है कि चैंपियन टीम इंडिया खिताब बचाने के अभियान में अपना सबसे पहला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाक से ही खेलेगी। पाक का भी इस टूर्नामेंट उसका पहला मुकाबला होगा। भारत अपने अजेय अभियान को आगे बढ़ाने की भरपूर कोशिश करेगा तो पाक टीम हार का सिलसिले को यहीं पर खत्म करना चाहेगी क्योंकि हार की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में ही हुई थी।
हालांकि आज हम आपको वो 5 कारण बताने जा रहे हैं जो टीम इंडिया की चुनौती को पाक पर मजबूत दिखाती है जो उसकी वर्ल्ड कप में लगातार सातवीं जीत बन सकती है।
ये रहे टीम इंडिया की जीत के 2 बड़े कारण
11वें वर्ल्ड कप में सभी की निगाहें भारत और पाक के बीच होने वाले मुकाबले पर लगी हुई हैं। दोनों टीमों का प्रदर्शन वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अच्छा नहीं रहा है क्योंकि एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरते ही खिलाड़ियों में गजब का जोश आ जाता है जो मैच के रोमांच को बढ़ा देता है।
भारत इस मैच को भी पिछले 6 दफा की तरह इस बार भी आसानी से जीत सकता है, कैसे, हम आपको 5 कारण बता रहे हैं।
इतिहास: वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का इतिहास पाकिस्तान के खिलाफ बेहद मजबूत और अजेय टीम वाली स्थिति है। 1992 में दोनों टीमें पहली बार आपस में भिड़ी थीं जिसमें भारत ने बाजी मार ली। इसके बाद 1996, 1999, 2003, 2007 (टी-20 वर्ल्ड कप) और 2011 के वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया ने पाक को पराजित किया। अगर हम इतिहास पर जाएं तो पलड़ा टीम इंडिया का भारी दिखता है। इन पिछले 6 मुकाबलों में 4 बार टीमों की भिड़ंत विदेशी धरती पर हुई है। जबकि वर्ल्ड कप में सिर्फ 2 बार 1996 और 2011 में दोनों टीमों के बीच मैच भारत की धरती पर खेला गया था।
भुवी-शमी की जोड़ीः वर्ल्ड कप में इस बार भारत की ओर से तेज गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की गजब की जोड़ी है। इन दोनों ही गेंदबाजों ने इसी टीम के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी। दोनों ने ही अपनी स्विंग और चतुराईभरी गेंदबाजी से पाक बल्लेबाजों को खूब छकाया। भुवी ने दिसंबर-जनवरी 2012 में पाक के भारत दौरे के दौरान पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी सीरीज के दौरान ही शमी ने भी वनडे करियर का आगाज किया। और अपने पहले ही वनडे मैच के शुरुआती 4 ओवर में से 3 मेडन डाल दिए जो किसी भी गेंदबाज का अपने पहले ही मैच में यह सबसे शानदार प्रदर्शन है। ये दोनों ही गेंदबाज पाक के खिलाफ रन देने में बेहद कंजूस गेंदबाज हैं और इस मैच में भी वे कंजूस साबित हुए तो पाक के लिए यह बड़ी मुसीबत हो जाएगी।
R और X फैक्टर के आगे मुश्किल में होगा पाक
वर्ल्ड कप में भारत और पाक के बीच होने वाले इस महामुकाबले में 5 कारणों में से 2 बड़े अहम कारण के बाद शेष 3 कारणों के बारे में भी जानते हैं।
कोहली की बल्लेबाजीः टीम इंडिया के उपकप्तान विराट कोहली भले ही इस समय अपने फॉर्म में न हों लेकिन उन्हें लय हासिल करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता है। एक बात और वह पाकिस्तान के खिलाफ ज्यादा रन भी नहीं बना सके हैं। उन्होंने अपने 150 वनडे मैचों में 9 मैच पाक के खिलाफ खेले जिसमें वह सिर्फ एक शतक लगा ही सके। हालांकि एक बात जो उनके पक्ष में जाती है और वह है उनकी वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी। उन्होंने पाक के खिलाफ 18 मार्च, 2012 को ढाका में 183 रनों की लाजवाब पारी खेली थी। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी भी है। अपना दूसरा वर्ल्ड कप खेलने जा रहे कोहली इस शुरुआती मैच में ही बड़ी पारी खेलकर धमाकेदार शुरुआत करना चाहेंगे।
R फैक्टर बनेगी मुसीबतः पाकिस्तान के लिए चौथी बड़ी मुसीबत बन सकता है टीम इंडिया का 'आर फैक्टर'। इस 'आर फैक्टर' का मतलब है रोहित (शर्मा), रहाणे (अंजिक्य) और रायडू (अंबाती)। दाएं हाथ के ये तीनों बल्लेबाज इस समय टीम इंडिया की बल्लेबाजी की जान हैं। तीनों बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई धरती पर रन भी बना रहे हैं। रहाणे इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की नई उम्मीद की किरण के रूप में देखे जा रहे हैं। उन्होंने पिछले 3 मैचों में 73, 66 और नाबाद 88 रन बनाकर अपने फॉर्म का मुजायहरा किया है। जबकि वनडे में दो बार दोहरा शतक लगाने वाले रोहित तो बड़ी पारियां खेलने के एक्सपर्ट बनते जा रहे हैं। टीम के अंतिम वॉर्मअप मैच में उन्होंने 150 रन बनाए थे। रायडू ऑस्ट्रेलियाई धरती पर इतने रन तो जरूर बना रहे हैं कि टीम संकट से बाहर निकल जाए।
X फैक्टर के जाल में फंस सकती है पाक टीमः मैच को टीम इंडिया के पक्ष में पहुंचाने वाला पांचवां फैक्टर है अक्षर पटेल की फिरकी। दाएं हाथ के इस फिरकी गेंदबाज को वर्ल्ड कप में नए सितारे के रूप में देख जा रहा है। 21 साल का युवा गेंदबाज अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी के लिए जाना जाता है। त्रिकोणीय सीरीज में भले ही टीम इंडिया एक भी मैच नहीं जीत सकी हो लेकिन इस युवा गेंदबाज ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित जरूर कर दिया था। अक्षर टीम में आलराउंडर की भी भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि वह निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी कर लेते हैं।
अगर इन 5 में से 3 फैक्टर भी काम कर गए तो टीम इंडिया को इस महामुकाबले में जीत से कोई नहीं रोक सकता। इसके साथ ही टीम इंडिया वर्ल्ड कप में जीत के सातवें आसमान पर पहुंच जाएगी।