{"_id":"654f14a3b84cf96f39067975","slug":"sushil-doshi-analysis-on-india-vs-new-zealand-world-cup-2023-match-rashid-khan-afghanistan-semifinal-scenario-2023-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुशील दोशी की कलम से: राशिद खान फिलहाल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर; भारत को न्यूजीलैंड से बचकर रहना होगा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
सुशील दोशी की कलम से: राशिद खान फिलहाल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर; भारत को न्यूजीलैंड से बचकर रहना होगा
सार
अफगानिस्तान की टीम हार के साथ विश्व कप से विदा हुई। वहीं, अब सेमीफाइनल की असली जंग शुरू होगी। मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं...
विज्ञापन
सुशील दोशी की कलम से
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं। विश्व कप के मुकाबले बिल्कुल अंतिम चरण की तरफ बढ़ गए हैं और चारों सेमीफाइनलिस्ट लगभग तय हो गए हैं। कल जो मुकाबला हुआ न दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच, उसमें अफगानिस्तान की टीम को उम्मीद थी कि वह फिर से एक उलटफेर करके दिखा देगा, फिर से एक चमत्कार करके दिखा देगा, क्योंकि उसने पहले बड़ी-बड़ी टीमों को पराजित किया था। उन्होंने इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका को भी पराजित किया था। ये तीनों टीमें पहले विश्व कप जीत चुकी थीं और ऐसी टीमों को अगर आप हरा देते हैं न तो आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और आपको लगने लगता है कि आप बड़ी-बड़ी टीमों को पराजित कर सकते हैं।
इसलिए जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अफगानिस्तान पराजित हुआ तो उसके तमाम खिलाड़ियों के आंखों में से आंसू आ गए। इसका मतलब है कि उन्हें लगता था कि वह दक्षिण अफ्रीका को भी पराजित कर सकते हैं। एक समय उन्होंने दबाव भी डाल दिया था, लेकिन सबसे बड़ी बात उनके बल्लेबाज बहुत बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। आप 300 रन अगर भारतीय पिच पर नहीं बना पाते हैं तो फिर जीत की कल्पना बहुत मुश्किल है। यही काम अफगानिस्तान नहीं कर पाया और अब दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इतना बेहतर था, इतना संतुलित था कि उसने आखिरकार अफगानिस्तान को हरा दिया।
दक्षिण अफ्रीका तो पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन इस मैच दिलचस्पी यही थी कि क्या अफगानिस्तान बड़ा उलटफेर करेगा, लेकिन वैसा नहीं हो पाया। एक बात तो तय हो गई है कि उनके जो राशिद खान हैं, वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ राइट आर्म लेग ब्रेक गुगली बॉलर हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है। उनकी गुगली कोई पढ़ ही नहीं पार रहा है। इस विश्व कप में हमने देखा कि अधिकांश बल्लेबाजी उनकी गेंदबाजी के सामने परेशान दिखाई दिए।
विज्ञापन
उनकी गुगली और टॉप स्पिन और लेग ब्रेक, ये तमाम फ्लिपर्स बल्लेबाजों को समझ नहीं आ रही थी। जो हाथ से गुगली पढ़ने की कला अन्य स्पिनरों के सामने तो बल्लेबाज दिखा पा रहे थे, लेकिन राशिद खान के सामने वो नहीं दिखा पाए। तो इस मामले में ये तो कहना पड़ेगा कि अफगानिस्तान की टीम विश्व क्रिकेट की दुनिया में अब आगे बढ़ रही है। लोग अब उनको गंभीरता से ले रहे हैं।
बड़ी-बड़ी टीमें उनके सामने काफी एकाग्रता से खेल रही हैं और वह मान रहे हैं कि अफगानिस्तान बड़ी टीम हो गई है। उसमें सभी तरह के गुण हैं। उनके बल्लेबाज आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं और उनके गेंदबाज तो विकेट चटका ही रहे हैं। खासतौर पर अफगानिस्तान के स्पिनर्स काफी अच्छे हैं।
अब सेमीफाइनल के लिए पाकिस्तान के लिए सैद्धांतिक तौर पर कह सकते हैं कि अभी भी मौका है, लेकिन वास्तव में देखा जाए तो उनके पास कोई मौका नहीं है। वह टीम इसी की हकदार भी थी। पाकिस्तान की टीम जितना खराब खेली इस पूरे टूर्नामेंट में, सिर्फ फखर जमान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बढ़िया बैटिंग की थी और अपनी टीम को जीत दिलाई थी। उसके अलावा उनके खिलाड़ियों में सीमित ओवर क्रिकेट को लेकर फायरपावर दिखाई नहीं दिया। यही कारण है कि पाकिस्तान सेमीफाइनल खेलने से वंचित रह जाएगा, ऐसा मैं कह रहा हूं।
दूसरी टीमों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका की टीम भी दबाव की स्थिति में छिटक जाती है। यूं तो काफी अच्छे लगता हैं उनके बल्लेबाज, जब सबकुछ ठीक रहता है, लेकिन परिस्थितियां विपरीत हुईं, थोड़ा बहुत दबाव पड़ा तो यह टीम बिखर जाने की उनकी प्रवृत्ति एक बार फिर से दिखाई दी। हालांकि, उनको यह राहत है कि उनका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा और भारत का सामना चौथे नंबर की टीम यानी कि न्यूजीलैंड से होगा।
न्यूजीलैंड से हमें बचकर चलना होगा। न्यूजीलैंड मुझे बहुत ही खतरनाक टीम लग रही है, क्योंकि उनके बल्लेबाज यहां खेलते रहे हैं। आईपीएल का उनको अभ्यास है और वह भारतीय टीम का सामना भी बहुत अच्छे तरीके से करते हैं। आपको याद होगा कि 2019 का जो विश्व कप था उसमें न्यूजीलैंड ने भारत को सेमीफाइनल में हरा दिया था। भारत वह टूर्नामेंट जीतने से वंचित रह गया था। अब एक बार फिर से उसी न्यूजीलैंड से मुकाबला होगा। आपको यह भी याद होगा कि लीग स्टेज के मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को हरा दिया था, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने कड़ा संघर्ष किया था। उसके कई प्रमुख बल्लेबाज उसमें नहीं खेल रहे थे, लेकिन अब जो उनकी टीम है वह बहुत ताकतवर नजर आ रही है।
हालांकि, अभी भी उनके कुछ खिलाड़ी घायल पड़े हैं। हेनरी चोटिल हैं। कप्तान विलियम्सन पूरी तरह फिट है या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। इसके अलावा ऑलराउंडर नीशम उनकी महत्वपूर्ण कड़ी है। वह भी पिछला मैच नहीं खेले थे। क्या वह अगले मैच में खेलेंगे? यह तमाम चीजें सामने आने वाली है, लेकिन अगर फिर भी आप जीतने चाहते हैं, अगर आप विश्व कप पर अपना अधिकार करना चाहते हैं, तो आपको हर टीम को हराना ही होता है, तभी तो आप जीतेंगे न। हमें तो यही सोचना चाहिए कि भारतीय टीम जीत की राह पर है, जीत का सिलसिला या जीत का जो क्रम है वह भारतीय टीम ने बनाए रखा है। ऐसी आशा है कि भारतीय टीम वही क्रम, जीत की लय या आदत बनाए रखेगी और यह विश्व कप जीतकर दीपावली का बहुत बड़ा उपहार भारतीय दर्शकों को देगी। धन्यवाद।
विज्ञापन
इसलिए जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अफगानिस्तान पराजित हुआ तो उसके तमाम खिलाड़ियों के आंखों में से आंसू आ गए। इसका मतलब है कि उन्हें लगता था कि वह दक्षिण अफ्रीका को भी पराजित कर सकते हैं। एक समय उन्होंने दबाव भी डाल दिया था, लेकिन सबसे बड़ी बात उनके बल्लेबाज बहुत बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। आप 300 रन अगर भारतीय पिच पर नहीं बना पाते हैं तो फिर जीत की कल्पना बहुत मुश्किल है। यही काम अफगानिस्तान नहीं कर पाया और अब दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इतना बेहतर था, इतना संतुलित था कि उसने आखिरकार अफगानिस्तान को हरा दिया।
विज्ञापन
दक्षिण अफ्रीका तो पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन इस मैच दिलचस्पी यही थी कि क्या अफगानिस्तान बड़ा उलटफेर करेगा, लेकिन वैसा नहीं हो पाया। एक बात तो तय हो गई है कि उनके जो राशिद खान हैं, वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ राइट आर्म लेग ब्रेक गुगली बॉलर हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है। उनकी गुगली कोई पढ़ ही नहीं पार रहा है। इस विश्व कप में हमने देखा कि अधिकांश बल्लेबाजी उनकी गेंदबाजी के सामने परेशान दिखाई दिए।
विज्ञापन
उनकी गुगली और टॉप स्पिन और लेग ब्रेक, ये तमाम फ्लिपर्स बल्लेबाजों को समझ नहीं आ रही थी। जो हाथ से गुगली पढ़ने की कला अन्य स्पिनरों के सामने तो बल्लेबाज दिखा पा रहे थे, लेकिन राशिद खान के सामने वो नहीं दिखा पाए। तो इस मामले में ये तो कहना पड़ेगा कि अफगानिस्तान की टीम विश्व क्रिकेट की दुनिया में अब आगे बढ़ रही है। लोग अब उनको गंभीरता से ले रहे हैं।
बड़ी-बड़ी टीमें उनके सामने काफी एकाग्रता से खेल रही हैं और वह मान रहे हैं कि अफगानिस्तान बड़ी टीम हो गई है। उसमें सभी तरह के गुण हैं। उनके बल्लेबाज आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं और उनके गेंदबाज तो विकेट चटका ही रहे हैं। खासतौर पर अफगानिस्तान के स्पिनर्स काफी अच्छे हैं।
अब सेमीफाइनल के लिए पाकिस्तान के लिए सैद्धांतिक तौर पर कह सकते हैं कि अभी भी मौका है, लेकिन वास्तव में देखा जाए तो उनके पास कोई मौका नहीं है। वह टीम इसी की हकदार भी थी। पाकिस्तान की टीम जितना खराब खेली इस पूरे टूर्नामेंट में, सिर्फ फखर जमान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बढ़िया बैटिंग की थी और अपनी टीम को जीत दिलाई थी। उसके अलावा उनके खिलाड़ियों में सीमित ओवर क्रिकेट को लेकर फायरपावर दिखाई नहीं दिया। यही कारण है कि पाकिस्तान सेमीफाइनल खेलने से वंचित रह जाएगा, ऐसा मैं कह रहा हूं।
दूसरी टीमों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका की टीम भी दबाव की स्थिति में छिटक जाती है। यूं तो काफी अच्छे लगता हैं उनके बल्लेबाज, जब सबकुछ ठीक रहता है, लेकिन परिस्थितियां विपरीत हुईं, थोड़ा बहुत दबाव पड़ा तो यह टीम बिखर जाने की उनकी प्रवृत्ति एक बार फिर से दिखाई दी। हालांकि, उनको यह राहत है कि उनका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा और भारत का सामना चौथे नंबर की टीम यानी कि न्यूजीलैंड से होगा।
न्यूजीलैंड से हमें बचकर चलना होगा। न्यूजीलैंड मुझे बहुत ही खतरनाक टीम लग रही है, क्योंकि उनके बल्लेबाज यहां खेलते रहे हैं। आईपीएल का उनको अभ्यास है और वह भारतीय टीम का सामना भी बहुत अच्छे तरीके से करते हैं। आपको याद होगा कि 2019 का जो विश्व कप था उसमें न्यूजीलैंड ने भारत को सेमीफाइनल में हरा दिया था। भारत वह टूर्नामेंट जीतने से वंचित रह गया था। अब एक बार फिर से उसी न्यूजीलैंड से मुकाबला होगा। आपको यह भी याद होगा कि लीग स्टेज के मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को हरा दिया था, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने कड़ा संघर्ष किया था। उसके कई प्रमुख बल्लेबाज उसमें नहीं खेल रहे थे, लेकिन अब जो उनकी टीम है वह बहुत ताकतवर नजर आ रही है।
हालांकि, अभी भी उनके कुछ खिलाड़ी घायल पड़े हैं। हेनरी चोटिल हैं। कप्तान विलियम्सन पूरी तरह फिट है या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। इसके अलावा ऑलराउंडर नीशम उनकी महत्वपूर्ण कड़ी है। वह भी पिछला मैच नहीं खेले थे। क्या वह अगले मैच में खेलेंगे? यह तमाम चीजें सामने आने वाली है, लेकिन अगर फिर भी आप जीतने चाहते हैं, अगर आप विश्व कप पर अपना अधिकार करना चाहते हैं, तो आपको हर टीम को हराना ही होता है, तभी तो आप जीतेंगे न। हमें तो यही सोचना चाहिए कि भारतीय टीम जीत की राह पर है, जीत का सिलसिला या जीत का जो क्रम है वह भारतीय टीम ने बनाए रखा है। ऐसी आशा है कि भारतीय टीम वही क्रम, जीत की लय या आदत बनाए रखेगी और यह विश्व कप जीतकर दीपावली का बहुत बड़ा उपहार भारतीय दर्शकों को देगी। धन्यवाद।