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गावस्कर बीसीसीआई के लिए क्या अब इस भूमिका में नजर आएंगे?
amarujala.com-presented by: शरद मिश्र
Updated Thu, 07 Sep 2017 04:57 PM IST
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सुनील गावस्कर
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श्रीलंका का दौरा समाप्त हो गया है। करीब दस दिनों बाद ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा शुरू होने वाला है। ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे के समय बीसीसीआई पैनल के सदस्य मैचों की कमेंट्री करेंगे। लेकिन सुनील गावस्कर अब बीसीसीआई की कमेंट्री बॉक्स में आपको शायद ही दिखे।
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बीसीसीआई में सुधार देखने को मिल रहे हैं
सुनील गावस्कर
दरअसल लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के धीरे धीरे लागू होने के बाद बीसीसीआई में प्रशासनिक सुधार देखने को मिल रहे हैं। इसी सुधार के तहत गावस्कर का हितों के टकराव के चलते अब बीसीसीआई की तरफ कमेंट्री करना मुश्किल होता जा रहा है। श्रीलंका में गावस्कर सोनी-टेन स्पोर्ट्स की तरफ से कमेंट्री कर रहे थे।
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गावस्कर एक स्पोर्ट्स कंपनी के संचालक हैं
सुनील गावस्कर
गावस्कर खिलाड़ियों के प्रबंधन से संबंधित अपनी एक स्पोर्ट्स कंपनी चलाते हैं। कंपनी प्रमुख बने रहने की वजह से हितों के टकराव का नियम गावस्कर भी लागू होता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति के नए दिशा निर्देश के तहत किसी भी कमेंटेटर को हितों के टकराव से जुड़ा हुआ हलफनामा देना होगा। इसके बाद ही बोर्ड के साथ उनका करार आगे बढ़ सकेगा।
गावस्कर का कमेंट्री करना संभव नहीं
बीसीसीआई
गावस्कर की स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी प्रोफेशन मैनेजमेंट ग्रुप कई क्रिकेटरों को मैनेज करती है। इसमें शिखर धवन भी शामिल है। ऐसे में गावस्कर का कमेंट्री करना हितों के टकराव का मामला बनता है। 68 वर्षीय गावस्कर इस कंपनी से 1985 से जुड़े हुए हैं।
रामचंद्र गुहा के इस्तीफे का असर गहरा है
ऑस्ट्रेलिया
उल्लेखनीय है कि प्रशासकों की समिति से इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपना इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के दौरान उन्होंने ऐसे टकराव का उल्लेख किया था। गावस्कर ने हालांकि कमेंट्री करने की इच्छा जाहिर की है। लिहाजा उन्होंने कंपनी में अपना हिस्सा किसी परिवार वाले के नाम करने का प्रस्ताव किया है। समिति को यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया है। बीसीसीआई ने गावस्कर से साफ कहा है कि कंपनी का अपना हिस्सा परिजनों की बजाय वह किसी बाहरी व्यक्ति के नाम करें तभी कमेंट्री के लिए योग्य हो सकेंगे। अब यह देखना रोचक होगा कि गावस्कर इस संकट से किसी तरह निपटते हैं।