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Sri Lanka Economic Crisis: कंगाल श्रीलंका का हुआ बुरा हाल, नहीं कर पा रहा आईपीएल का भी कवरेज
Tue, 05 Apr 2022 07:03 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Tue, 05 Apr 2022 07:03 PM IST
सार
श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेट खिलाड़ी मुखर हो चुके हैं। पूर्व कप्तान कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने और भानुका राजपक्षे ने सोशल मीडिया पर इस बारे में पोस्ट किया था।
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श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं।
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
श्रीलंका गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस कारण टीवी चैनलों और समाचार पत्रों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी भी की है। इसका असर क्रिकेट पर दिखने लगा है। श्रीलंका में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की कवरेज बुरी तरह प्रभावित हुई है। दो प्रमुख समाचार पत्र टूर्नामेंट के बारे में कहानियां प्रकाशित नहीं कर रहे हैं। इसकी जगह वे आर्थिक संकट की कहानियों को जगह दे रहे हैं। इस बीच, टूर्नामेंट का प्रसारण करने वाले चैनलों को भी लोगों की छंटनी करनी पड़ी है। इस कारण उन्होंने आईपीएल के प्रसारण को रोक दिया है।
श्रीलंका के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में कई क्रिकेट प्रशंसक टीवी पर आईपीएल को देखना चाहते हैं। स्थानीय चैनल पर भी मैचों को दिखाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक संकट के कारण उन्हें आईपीएल के प्रसारण को रोकना पड़ा है। देश की सरकार ने स्कूल में होने वाली परीक्षाओं को भी कागज की कमी के कारण टाल दिया है।
श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेट खिलाड़ी मुखर हो चुके हैं। पूर्व कप्तान कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने सोशल मीडिया पर इस बारे में पोस्ट किया था। इनदोनों के बाद पंजाब किंग्स की ओर से आईपीएल में खेलने वाले भानुका राजपक्षे ने भी अपनी बात रखी थी। श्रीलंका में जरूरी सामानों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि के साथ थोक बाजार में दाल की कीमत बढ़कर 375 से 380 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इस कारण देश में दंगे-फसाद हो रहे हैं।
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जयवर्धने ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाले कुछ लोगों ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसे लोगों को इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, संगकारा ने कहा था कि लोगों की निराशा और उनके संघर्ष को देखकर उनके लिए दिल टूट रहा है। देश और उसके लोगों के हित में निर्णय लिया जाना चाहिए। सरकार को श्रीलंका के भविष्य की रक्षा के लिए तेजी से काम करना चाहिए। वहीं, भानुका ने कहा था कि लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। श्रीलंका के लोगों की आवाज को सुनना चाहिए और उनके लिए काम करना चाहिए।
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श्रीलंका के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में कई क्रिकेट प्रशंसक टीवी पर आईपीएल को देखना चाहते हैं। स्थानीय चैनल पर भी मैचों को दिखाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक संकट के कारण उन्हें आईपीएल के प्रसारण को रोकना पड़ा है। देश की सरकार ने स्कूल में होने वाली परीक्षाओं को भी कागज की कमी के कारण टाल दिया है।
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श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेट खिलाड़ी मुखर हो चुके हैं। पूर्व कप्तान कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने सोशल मीडिया पर इस बारे में पोस्ट किया था। इनदोनों के बाद पंजाब किंग्स की ओर से आईपीएल में खेलने वाले भानुका राजपक्षे ने भी अपनी बात रखी थी। श्रीलंका में जरूरी सामानों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि के साथ थोक बाजार में दाल की कीमत बढ़कर 375 से 380 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इस कारण देश में दंगे-फसाद हो रहे हैं।
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जयवर्धने ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाले कुछ लोगों ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसे लोगों को इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, संगकारा ने कहा था कि लोगों की निराशा और उनके संघर्ष को देखकर उनके लिए दिल टूट रहा है। देश और उसके लोगों के हित में निर्णय लिया जाना चाहिए। सरकार को श्रीलंका के भविष्य की रक्षा के लिए तेजी से काम करना चाहिए। वहीं, भानुका ने कहा था कि लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। श्रीलंका के लोगों की आवाज को सुनना चाहिए और उनके लिए काम करना चाहिए।