{"_id":"cc2a4360-351f-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"second-test-match-between-india-and-england-begins","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ind vs Eng: पहले दिन पुजारा और पनेसर का जलवा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Ind vs Eng: पहले दिन पुजारा और पनेसर का जलवा
मुंबई/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Nov 2012 09:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दूसरे टेस्ट मैच से एक दिन पहले तक भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टर्निंग पिच को लेकर उठी मांग पर बहस जारी थी। वानखेड़े में शुक्रवार को मैच के पहले दिन यदि चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर अड़ न गए होते और आखिरी सत्र में आर. अश्विन का साथ उन्हें नहीं मिला होता तो धोनी को पूरी की गई अपनी इसी मांग के लिए जबरदस्त आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता।
विज्ञापन
क्योंकि शुरुआत से ही टर्न ले रहे विकेट पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम मोंटी पनेसर के चार झटकों के बाद 119 रन पर पांच विकेट खोकर पूरी तरह बैकफुट पर थी। लेकिन दूसरी ही गेंद पर गौतम गंभीर के क्लीन बोल्ड होने के बाद खेलने उतरे पुजारा ने पूरा दिन क्रीज पर गुजारा ( 114) और अश्विन (60) के साथ सातवें विकेट के लिए 97 बेशकीमती रन जोड़ने के साथ टीम को 266 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाकर नाबाद लौटे।
विज्ञापन
पुजारा ने करीब एक हजार मिनट क्रीज पर नाबाद गुजारकर नए रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए हैं। अहमदाबाद की दोनों पारियों में वह इंग्लैंड के गेंदबाजों से आउट नहीं हुए थे। मेहमान टीम के गेंदबाजों ने भारतीयों की शॉर्ट पिच गेंदों पर कमजोरी को देखते हुए पुजारा पर भी शॉर्ट गेंदों से भी हमला किया लेकिन उनके हुक शॉट खेलने की महारत को देखते हुए उन्हें यह रणनीति बदलनी पड़ी।
विज्ञापन
पुजारा ने पहले वीरेंद्र सहवाग (30) के साथ 48 और फिर धोनी (29) के साथ 50 रन की दबाव कम करने वाली साझेदारी निभाई। हालांकि पुजारा को 17 और 60 रन की निजी स्कोर पर दो जीवनदान भी मिले। पुजारा की ये भागीदारियां बेहद निर्णायक होंगी क्योंकि समय बीतने के बाद इस विकेट पर स्पिन को खेलना और भी मुश्किल होता जाएगा। टीम इंडिया ने इसी को देखते हुए तीन स्पेशलिस्ट स्पिनरों को खिलाया है। 25 साल बाद यह पहला मौका है जब एक साथ दो ऑफ स्पिनरों को भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। यदि मेजबान टीम 350 रन से ज्यादा बना लेती है तो दबाव एकबार फिर इंग्लिश टीम पर होगा।
वीरू पर थी निगाहें
पहले दिन का खेल शुरू होने से पहले सभी की निगाहें सौवां टेस्ट मैच खेलने वाले वीरेंद्र सहवाग पर थी। मुंबई क्रिकेट एसोसिशन ने सुबह उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। सहवाग हालांकि शतक के बाद इस दिन को यादगार नहीं बना सके और ब्लॉक होल में पड़ी पनेसर की घूमती गेंद पर गच्चा खा गए।
पनेसर का जलवा
अहमदाबाद टेस्ट से सबक लेते हुए इंग्लैंड ने मोंटी पनेसर को उतारा। मोंटी ने भी 91 रन पर चार विकेट के साथ भारत में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने चयन को सही साबित किया। इससे पहले चेन्नई में 2008 में उन्होंने 65 रन देकर तीन विकेट लिए थे।
सचिन फिर बोल्ड
अपने घर में भी सचिन के बल्ले की खामोशी नहीं टूटी। वह मोंटी पनेसर की घूमती गेंद पर चकमा खा गए और क्लीन बोल्ड हुए। पिछली पांच पारियों में यह चौथा मौका था जब सचिन की गिल्लियां इस तरह बिखरी। युवा विराट कोहली के बाद कमबैक मैन युवराज भी छोटी पारियों के बाद मायूस होकर पेवेलियन लौटे।