'बांग्लादेश के क्रिकेटरों' ने कराई हरभजन की टीम इंडिया में वापसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कभी टीम इंडिया के मैच जीताऊ गेंदबाज रहे हरभजन सिंह पिछले साल से भी ज्यादा समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे और टीम में वापसी के लिए उन्होंने हरसंभव प्रयास भी किया लेकिन उनके लिए बंद दरवाजा खुलने का नाम नहीं ले रहा था।
लेकिन बुधवार को मुंबई में जब राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने बांग्लादेश के दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया का ऐलान किया तो टेस्ट टीम में हरभजन सिंह की वापसी देखकर सभी चौक गए। टर्बनेटर के नाम से मशहूर ऑफ स्पिनर हरभजन ने अपना अंतिम टेस्ट मैच हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-5 मार्च, 2013 में खेला था। इसके बाद वह टीम से दूर होते चले गए। टेस्ट के अलावा वह वनडे (आखिरी वनडे 11 जून, 2011) और ट्वंटी-20 (आखिरी टी-20, 28 सितंबर, 2012) क्रिकेट टीम से पहले ही बाहर थे।
बांग्लादेश के खिलाफ फातुल्लाह में होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए उनकी वापसी हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी इस वापसी के पीछे उनके हालिया प्रदर्शन से ज्यादा बांग्लादेश के क्रिकेटरों का ज्यादा योगदान है।
मुख्य चयनकर्ता ने खोला भज्जी की वापसी का राज
हरभजन सिंह यानी भज्जी ने दो साल से भी ज्यादा के इंतजार के बाद टेस्ट टीम में वापसी की है। उनकी वापसी उस समय हुई जब उन्होंने पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन नहीं किया था। उन्होंने पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी में ज्यादा मुकाबले नहीं खेले और सिर्फ 3 मैच में ही वह मैदान पर उतरे और 6 विकेट हासिल कर सके।
इस लिहाज से उनकी टेस्ट टीम में वापसी संभव नहीं थी लेकिन बांग्लादेश के बल्लेबाजों के कारण उनकी टीम में वापसी हुई। भज्जी के फिर से टीम में लौटने के बारे में मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा करते हुए बताया कि बांग्लादेश टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार के कारण हरभजन सिंह का चयन किया गया है। उनकी बल्लेबाजी की लाइन अप देखते हुए टीम में एक और ऑफ स्पिनर की जरूरत पड़ रही थी इस कारण उन्हें टीम में लिया गया।
पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में उतरी बांग्लादेशी टीम पर निगाह डाली जाए तो इस 15 सदस्यीय टीम में से 7 बल्लेबाज बाएं हाथ से खेलते हैं। ऐसे में उन पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए दो ऑफ स्पिनरों की जरूरत पड़ती। नंबर वन फिरकी गेंदबाज आर अश्विन पहले से ही टीम में है और उनका साथ देने के लिए हरभजन को रखा गया है।
हालांकि ऐसा भी नहीं है कि उन्हें बांग्लादेश की टीम में बाएं हाथ के 7 बल्लेबाज होने के कारण टीम में लिया गया है। जारी आईपीएल-8 में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने गजब का खेल दिखाया और 14 मैचों से 16 विकेट झटक लिए हैं।
आईपीएल-8 में उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन किया है। पहले प्लेऑफ में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ कसी हहुई गेंदबाजी की और 26 रन देकर 2 विकेट निकाले जिसमें विपक्षी कप्तान धोनी का विकेट भी शामिल है। धोनी इस मैच में पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे। गेंदबाजी में उनका जौहर लौट रहा है साथ ही बल्लेबाजी में भी कुछ शानदार पारियां खेली हैं। टूर्नामेंट के इस सत्र में सबसे तेज अर्धतशक (19 गेंद) लगाने का रिकॉर्ड भी हरभजन सिंह के ही नाम दर्ज है।
IPL के सबसे महंगे खिलाड़ी एक फिर टीम इंडिया से दूर
भारतीय चयनकर्ताओं ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए 15-15 सदस्यीय टीम इंडिया की घोषण की। हरभजन की टेस्ट में वापसी देखकर सभी को लगा कि युवराज सिंह का नाम वनडे टीम में होगा लेकिन जब नामों का ऐलान हुआ तो सभी को निराशा हाथ लगी।
युवराज सिंह के नाम पर बोर्ड मीटिंग में कोई चर्चा नहीं हुई। बोर्ड मीटिंग में कहा गया कि युवराज सिंह का प्रदर्शन अभी ऐसा नहीं है कि उन्हें टीम में जगह मिल सके। इससे ये साफ नजर आ रहा है कि युवराज के लिए टीम इंडिया के रास्ते अभी प्रदर्शन के आधार पर तो खुलते नजर नहीं आ रहे।
आईपीएल वर्तमान सत्र में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेलते हुए युवराज सिंह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए जबकि इस सीजन वह सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी रहे।