ओली रॉबिन्सन: शानदार डेब्यू के बाद निलंबन की सजा, जानें किसने क्या कहा
- रविचंद्रन अश्विन ने ओली रॉबिन्सन के प्रति सहानुभूति जताई है
- ब्रिटेन के खेल सचिव ने कहा, ईसीबी ने ओली रॉबिन्सन को बेहद कड़ी सजा दी
- रूट ने कहा- मैदान के बाहर जो भी हुआ वह कहीं से हमारे खेल में मान्य नहीं है
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विस्तार
टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने नस्लवादी और लिंगभेद से जुड़े ट्वीट के कारण निलंबन झेलने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के प्रति सहानुभूति जताई है। उन्होंने कहा कि इस सजा को सोशल मीडिया की मौजूदा पीढ़ी को भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत के रूप में देखना चाहिए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पदार्पण करने वाले रॉबिन्सन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित करते हुए इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने रविवार को कहा कि वह गुरुवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। इस 27 साल के खिलाड़ी को 2012-13 में किए गए भेदभावपूर्ण ट्वीट की जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया है।
अश्विन ने अपने ट्विटर पर लिखा, 'मैं उन नकारात्मक भावनाओं को समझ सकता हूं जो ओली रॉबिन्सन ने वर्षों पहले व्यक्त की थी, लेकिन मुझे उसके टेस्ट करियर की प्रभावशाली शुरुआत के बाद निलंबित किए जाने के लिए वास्तव में खेद है।' उन्होंने कहा, 'यह निलंबन इस बात का एक मजबूत संकेत है कि इस सोशल मीडिया की पीढी का भविष्य क्या है।'
I can understand the negative sentiments towards what #OllieRobinson did years ago, but I do feel genuinely sorry for him being suspended after an impressive start to his test career. This suspension is a strong indication of what the future holds in this social media Gen.
— Mask up and take your vaccine🙏🙏🇮🇳 (@ashwinravi99) June 7, 2021
रॉबिन्सन ने मैच में सात विकेट लिये तथा इंग्लैंड की पहली पारी में 42 रन का अहम योगदान दिया था। बता दें कि रॉबिन्सन ने ये ट्वीट तब किये थे जब वह 18-19 साल के थे। ये ट्वीट नस्लवादी और लिंगभेद से जुड़े थे। मैच के पहले दिन इन ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही जिसके बाद रॉबिन्सन ने माफी मांगी थी। वहीं, भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने भी अश्विन के पोस्ट पर चुटकी लेते हुए कहा, 'मुझे इस बात की खुशी है कि मैं संन्यास लेने के बाद ट्विटर से जुड़ा।'
रॉबिन्सन को पछतावा- रूट
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने देश की क्रिकेट प्रणाली में समावेशिता पर जोर देते हुए कहा कि टीम के नए तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के आठ साल पुराने नस्लवादी और लैंगिक ट्वीट पूरी तरह से अस्वीकार्य है, लेकिन इस नए खिलाड़ी को वास्तव में इसका पछतावा है।
रूट ने पहले टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद कहा, 'मैदान के बाहर जो भी हुआ वह कहीं से हमारे खेल में मान्य नहीं है। हम सभी को यह पता है। उन्होंने ड्रेसिंग रूम में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उसने आप लोगों और मीडिया से भी बात की और अपने किए पर पछतावा जताया।' कप्तान ने कहा, 'उस समय से उन्होंने बहुत पश्चाताप दिखाया। आप देख सकते हैं कि वह समूह और टीम के आसपास कैसा रहा है, यह बहुत वास्तविक है।'
उन्होंने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से उन ट्वीट पर विश्वास नहीं कर सका। मैं वास्तव में नहीं जानता था कि इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी जाए। मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ओली इस ड्रेसिंग रूम का हिस्सा है और हमें उसका समर्थन करना था। हमें उसे सीखने और समझने का मौका देने की कोशिश करनी चाहिए। रूट ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह हमारे खेल के भीतर सभी के लिए एक बड़ा सबक है।'
ईसीबी ने बेहद कड़ी सजा दी- खेल सचिव
ब्रिटेन सरकार ने संस्कृति एवं खेल सचिव ओलिवन डोडेन ने सोमवार को कहा कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने 2012 में पोस्ट नस्लवादी और लिंगभेदी ट्वीट के लिए ओली रॉबिन्सन को निलंबित करके बेहद कड़ी सजा दी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज रोबिनसन को किशोरावस्था में भेदभावपूर्ण ट्वीट करने के लिए जांच लंबित रहने तक रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया।
डोडेन ने कहा, 'ओली रोबिनसन के ट्वीट आपत्तिजनक और गलत थे।' उन्होंने कहा, 'साथ ही वे एक दशक पुराने हैं और उसने किशोरावस्था में लिखे थे। वह किशोर अब पुरुष बन चुका है और सही कदम उठाते हुए उसने माफी भी मांग ली। ईसीबी ने उसे निलंबित करके हद पार कर दी और उन्हें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।' बता दें कि डोडेन ब्रिटेन सरकार में संस्कृति, खेल, मीडिया एवं डिजिटल सचिव हैं। वह 2015 से हर्ट्समेयर से संसद के सदस्य हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने की ईसीबी की आलोचना
वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री संस्कृति एवं खेल सचिव के इस विचार के सहमत हैं। प्रवक्ता ने कहा कि पीएमका कहना है कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड को तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री संस्कृति एवं खेल सचिव के इस विचार के सहमत हैं कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड को 2012 में नस्लवादी और लिंगभेदी ट्वीट पोस्ट करने के लिए तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन के निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए। जॉनसन के आधिकारिक प्रवक्ता ने इसके बाद सोमवार को कहा, 'प्रधानमंत्री ओलिवर डोडेन की टिप्पणियों का समर्थन करते हैं जो उन्होंने आज सुबह ट्वीट के माध्यम से की।'
उन्होंने कहा, 'जैसा कि डोडेन ने कहा, यह बातें लगभग एक दशक पहले किशोरावस्था में की गई थी, उसके लिए उसने माफी मांग ली।' बता दें कि पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 27 साल के रॉबिन्सन ने माफी मांगते हुए कहा था कि 18 साल की उम्र में जब उन्होंने ये नस्लवादी ट्वीट किए थे तो वह जीवन में मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। उनकी माफी के बावजूद हालांकि ईसीबी ने पहले टेस्ट के बाद उन्हें निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू की। रॉबिनसन न्यूजीलैंड के खिलाफ एजबस्टन में गुरुवार से होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।