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Ravi Shastri: टीम में लोकेश राहुल की जगह पर बोले शास्त्री, मैं हमेशा घरेलू सीरीज में उपकप्तान चुनने के खिलाफ

Sun, 26 Feb 2023 02:15 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Sun, 26 Feb 2023 02:15 PM IST
सार

भारतीय टीम में लोकेश राहुल की जगह को लेकर रवि शास्त्री ने कहा है कि घरेलू सीरीज में उपकप्तान चुनने से हमेशा परेशानी बढ़ती है। इसलिए भारतीय चयनकर्ताओं को ऐसा नहीं करना चाहिए।
 

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Ravi Shastri says appointing vice-captain at home complicates selection on KL Rahul Place in Team
केएल राहुल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के शुरुआत दो मुकाबलों में लोकेश राहुल पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं। उन्होंने तीन पारियों में निराश किया है और अब टीम में उनकी जगह पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वेंकटेश प्रसाद सहित कई दिग्गजों ने राहुल की जगह शुभमन गिल को मौका देने की बात कही है, क्योंकि गिल इस शानदार फॉर्म में हैं। 
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भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि घरेलू सीरीज में उप-कप्तान चुनने से टीम चयन मुश्किल होता है। शास्त्री ने यह भी संकेत दिया कि शुभमन गिल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाकी बचे दो टेस्ट में केएल राहुल की जगह मौका दिया जाना चाहिए। 
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भारत के उप-कप्तान राहुल के लंबे समय से बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। सलामी बल्लेबाज ने अपनी पिछली सात पारियों में 22, 23, 10, 2, 20, 17 और 1 का स्कोर बनाया है। सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद शुभमन गिल बेंच पर इंतजार कर रहे हैं और राहुल पर दबाव बढ़ रहा है।
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शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू पोडकास्ट में कहा, "टीम प्रबंधन उनकी फॉर्म को जानता है, वे उनकी मानसिक स्थिति को जानते हैं। वे जानते हैं कि उन्हें गिल जैसे व्यक्ति को किस तरह से देखना चाहिए। मेरा हमेशा से मानना था कि भारत के लिए कभी भी उप-कप्तान नियुक्त नहीं करना चाहिए। मैं इसके बजाय सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ जाऊंगा और अगर कप्तान को मैदान छोड़ना पड़ता है, तो आप एक ऐसे खिलाड़ी पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो टीम की कमान संभाल सके। इसलिए आपको मुश्किल पैदा करने की जरूरत नहीं है।"

राहुल को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले दो टेस्ट के लिए टीम का उप-कप्तान बनाया गया था। हालांकि, बाकी दो मैच के लिए वह उपकप्तान नहीं होंगे। ऐसे में वह टीम से बाहर जो सकते हैं। शास्त्री ने कहा "यदि उप-कप्तान प्रदर्शन नहीं करता है, तो कोई उसकी जगह ले सकता है। मैं कुंद और क्रूर हो रहा हूं, मुझे घरेलू स्थिति में उप-कप्तान पसंद नहीं है। विदेशी जमीन में यह अलग बात है। यहां, आप शीर्ष फॉर्म चाहते हैं, आप गिल जैसा कोई चाहते हैं, जो लय में हो। वह चुनौती देगा। अब, वह उप-कप्तान नहीं है तो टीम से बाहर जा सकते हैं, यह टीम प्रबंधन का निर्णय होगा।" 

शास्त्री ने कहा "उन्हें फॉर्म, उसकी मनःस्थिति को देखना होगा। वह एक जबरदस्त खिलाड़ी है, लेकिन प्रतिभा केवल इतनी ही है। आपको इसे परिणामों में बदलना होगा और लगातार बने रहना होगा। भारत में इतनी प्रतिभा है जो दरवाजे पर दस्तक दे रही है। यह सिर्फ राहुल ही नहीं है, मध्य क्रम और गेंदबाजी लाइनअप में भी कई हैं, बहुत सारे विभाग हैं। कभी-कभी उन परिस्थितियों में खिलाड़ी के लिए एक ब्रेक बेहतर होता है क्योंकि वह अपने खेल पर काम कर सकता है और मजबूत होकर वापस आ सकता है। मेरे कार्यकाल में, पुजारा को बाहर कर दिया गया था। सैकड़ों के साथ वापस आ गया, केएल राहुल को हटा दिया गया, मजबूती से वापस आया। आप टी 20 फॉर्म को टेस्ट क्रिकेट में नहीं ले जा सकते।"

चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की बढ़त लेने के बाद भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी है। एक और जीत टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में उनके स्थान पक्का करेगी, जहां उनके ऑस्ट्रेलिया का खेलना लगभग तय है। शास्त्री ने कहा, 'प्रभाव होगा लेकिन परिस्थितियां अलग होंगी, ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पूरी तरह से फिट होकर वापस आएंगे तो अलग मैच होगा। लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से भारत को विश्वास हो जाएगा कि उन परिस्थितियों में भी ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ सकता है, उम्मीद है कि जसप्रीत बुमराह वापस आ जाएंगे, शमी वहां हैं और सिराज सुंदर गेंदबाजी कर रहे हैं। यहां 4-0 की जीत मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूती देगी।"

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों को खेलने में संघर्ष किया है। उन्हें दूसरे टेस्ट में कंगारू टीम ने 90 मिनट में 52 रन पर नौ विकेट गंवा दिए थे। इस पर शास्त्री ने कहा, "मुझे लगता है कि वह अपने प्लान के अनुसार नहीं खेल पाए। यह उनकी सबसे बड़ी परेशानी है। अपने डिफेंस में विश्वास की कमी। आवेदन की कमी और अनुशासन की कमी थी और ऑस्ट्रेलिया ने इसके लिए बड़ी कीमत चुकाई।

उन्होंने कहा "ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाएं। यदि आप अपने डिफेंस पर भरोसा नहीं करते हैं, तो आपके पास कोई मौका नहीं है क्योंकि जब आप मुक्त होने के विचारों का मनोरंजन करते हैं, तो आप सामान्य रूप से बहुत तेज होते हैं। कभी-कभी आपको क्रीज पर कुछ समय देना पड़ता है। लेकिन अगर आप अपने डिफेंस पर भरोसा नहीं करते हैं तो आप इसे कैसे करेंगे?  मैंने एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को ऐसा करते हुए नहीं देखा। मुझे आश्चर्य हुआ कि उनके कुछ सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी वहां आए और सामान्य से हटकर चीजें करते दिखे, कुछ ऐसा जो वे बाद में बहुत तेज करने के आदी नहीं थे। खासकर उन परिस्थितियों में जो भारतीयों के अनुकूल हों। तो मुझे लगता है कि यह धैर्य है, यह अनुशासन है और अपने डिफेंस पर भरोसा है।"
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