{"_id":"5922cf8c4f1c1b4273536a3f","slug":"ravi-shastri-has-no-talent-says-kapil-dev","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपिल देव ने कहा टेलेंट न होने के बाद भी लंबा खेल गए रवि शास्त्री","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
कपिल देव ने कहा टेलेंट न होने के बाद भी लंबा खेल गए रवि शास्त्री
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Mon, 22 May 2017 09:11 PM IST
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रवि शास्त्री
- फोटो : BCCI
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भारत को पहला विश्व कप दिलाने वाले कप्तान और महान ऑलराउंडर कपिल देव ने पूर्व टीम इंडिया के डायरेक्टर रवि शास्त्री को लेकर बड़ा बयान दिया है। कपिल देव का कहना है कि रवि शास्त्री के पास कोई प्रतिभा नहीं थी। मगर फिर भी वो बड़े स्तर पर काफी समय तक क्रिकेट खेल गए। आकाश चोपड़ा की किताब की लॉन्चिंग पर पहुंचे कपिल ने कहा कि शास्त्री नैचुरल क्रिकेटर नहीं थे, मगर फिर भी लंबे समय तक क्रिकेट में बने रहे।
कपिल ने कहा, "रवि शास्त्री में कोई खास प्रतिभा नहीं थी। फिर भी वे आगे तक क्रिकेट खेल गया। इसका श्रेय उन्हे मिलना ही चाहिए। वो सिर्फ अपने द़ृढ़ निश्चय के जरिए ही आगे बढ़े। क्रिकेट 2 प्रकार के होते हैं। पहले तो वे जिनमें प्रतिभा होती है, मगर वो उसका फायदा नहीं उठा पाते। दूसरे वो जिनमें प्रतिभा नहीं होती, मगर फिर भी आगे तक जाते है। रवि शास्त्री में बहुत दृढ़ संकल्प था और हम इसकी काफी वैल्यू करते थे।"
रवि शास्त्री ने 1981 से 1992 के बीच 80 टेस्ट और 150 वनडे मैच खेले हैं। रवि शास्त्री एक शानदार बल्लेबाज तो थे ही, साथ ही बाएं हाथ के स्पिनर भी थे। कपिल ने कहा कि कुंबले भी नैचुरल एथलीट नहीं थे, मगर उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन ने उन्हें सबसे सफल भारतीय गेंदबाज बनाया। वहीं, उन्होंने माना कि लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन से बेहतर प्रतिभा अब तक नहीं दिखी। हालांकि, लेग स्पिनर लक्ष्मण अपनी गिफ्टेड क्षमता का फायदा नहीं उठा सके और सिर्फ 9 टेस्ट खेल सके।
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कपिल ने कहा, "रवि शास्त्री में कोई खास प्रतिभा नहीं थी। फिर भी वे आगे तक क्रिकेट खेल गया। इसका श्रेय उन्हे मिलना ही चाहिए। वो सिर्फ अपने द़ृढ़ निश्चय के जरिए ही आगे बढ़े। क्रिकेट 2 प्रकार के होते हैं। पहले तो वे जिनमें प्रतिभा होती है, मगर वो उसका फायदा नहीं उठा पाते। दूसरे वो जिनमें प्रतिभा नहीं होती, मगर फिर भी आगे तक जाते है। रवि शास्त्री में बहुत दृढ़ संकल्प था और हम इसकी काफी वैल्यू करते थे।"
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रवि शास्त्री ने 1981 से 1992 के बीच 80 टेस्ट और 150 वनडे मैच खेले हैं। रवि शास्त्री एक शानदार बल्लेबाज तो थे ही, साथ ही बाएं हाथ के स्पिनर भी थे। कपिल ने कहा कि कुंबले भी नैचुरल एथलीट नहीं थे, मगर उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन ने उन्हें सबसे सफल भारतीय गेंदबाज बनाया। वहीं, उन्होंने माना कि लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन से बेहतर प्रतिभा अब तक नहीं दिखी। हालांकि, लेग स्पिनर लक्ष्मण अपनी गिफ्टेड क्षमता का फायदा नहीं उठा सके और सिर्फ 9 टेस्ट खेल सके।
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