धवल कुलकर्णी की घातक गेंदबाजी से बल्लेबाजों के छूटे छक्के
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कमबैक मैन पेसर धवल कुलकर्णी की घातक गेंदबाजी की बदौलत मुंबई ने पांच दिवसीय रणजी ट्रॉफी फाइनल मुकाबले के पहले दिन सौराष्ट्र के बल्लेबाजों को झकझोर कर रख दिया। नतीजतन सौराष्ट्र बुधवार को स्टंप्स तक अपनी पहली पारी में आठ विकेट पर 192 रन ही बना सका। प्रेरक मांकड 55 रन पर नाबाद लौटे।
ग्रोइन इंजुरी की वजह से सेमीफाइनल में नहीं खेलने वाले कुलकर्णी ने घसियाली विकेट का जमकर लाभ उठाया और अपने कप्तान आदित्य तारे के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही ठहराया।
कुलकर्णी ने सटीक लाइन लेंग्थ से गेंदबाजी कर सौराष्ट्र के शीर्ष चार बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई जिनमें ओपनर अवि बरोट, चेतेश्वर पुजारा, अर्पित वासवादा और कप्तान जयदेव शाह के विकेट शामिल थे। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने वाली सौराष्ट्र की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर बरोट (14) और सागर जोगियानी (08) टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे सके।
पुजारा ने भी किया निराश
सौराष्ट्र के दोनों ओपनर 22 के कुल योग पर पवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा से काफी उम्मीदें थी लेकिन उन्होंने भी निराश किया। पुजारा चार रन बनाकर आउट हो गए।
वासवादा एक छोर पर खड़े रहे और दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। शेल्डन जैक्सन खाता भी नहीं खोल पाए जबकि जयदेव और चिराग जानी ने 13-13 रन बनाए।
इसके बाद वासवादा (77) ने मांकड (नाबाद 55) के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी कर कुल स्कोर को दो सौ के करीब पहुंचाया। मुंबई की ओर से शर्दुल ठाकुर ने दो जबकि अभिषेक नायर और बलविंदर संधू ने एक-एक विकेट झटके।