टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और अंडर-19 टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि अंडर-19 स्तर का ज्यादा क्रिकेट होना खिलाड़ियों के लिए खतरनाक हो सकता है। गौरतलब है नवंबर में होने वाले एशिया कप के लिए प्रतिभाशाली क्रिकेटर पृथ्वी शॉ को टीम में शामिल नहीं किया गया है। शॉ को एशिया कप की बजाय रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए कहा गया।
राहुल द्रविड़ बोले- अंडर-19 का ज्यादा क्रिकेट होना खिलाड़ियों के लिए है खतरनाक
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वहीं, द्रविड़ ने कहा कि महज 17 साल की उम्र में ही पृथ्वी अपने खेल से सबको प्रभावित कर रहे हैं। अभी उनकी उम्र काफी कम है और सीखने के लिए उनके पास काफी समय है। यदि वो इसी तरह खेलते रहे तो भारत के अगले स्टार बल्लेबाज हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शॉ को एशिया कप से बाहर किए जाने के बाद कई लोग हैरान हुए। द्रविड़ ने कहा कि मुझे लगता है कि ज्यादा अंडर-19 क्रिकेट खतरनाक है। पृथ्वी शॉ इन दिनों बहुत क्रिकेट खेल रहे हैं। वहीं एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी वाशिंगटन सुंदर को प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए कहा गया है।
बता दें कि 17 साल के पृथ्वी शॉ ने 2017 में अपने करियर की शानदार शुरुआत की थी। रणजी ट्रॉफी में मुंबई की तरफ से खेलते हुए उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ 123 रनों की बेहतरीन पारी भी खेली थी। अपनी इस पारी से उन्होंने राहुल द्रविड़ को भी सही साबित किया। जबकि हाल ही में शॉ ने इंडिया रेड की तरफ से खेलते हुए दलीप ट्रॉफी में इंडिया ब्लू के खिलाफ 154 रनों की शानदार पारी खेली थी। वहीं, न्यूजीलैंड बनाम बोर्ड प्रेसीडेंट इलेवन अभ्यास मैच में भी उन्होंने 66 रन बनाए थे।
इसके साथ ही फिक्की महिला संस्था (एफएलओ) द्वारा मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में द्रविड़ ने बल्ले की मोटाई को लेकर भी बयान दिया। 44 वर्षीय द्रविड़ का मानना है कि बल्ले की मोटाई सीमित करने को लेकर आईसीसी के नए नियमों का क्रिकेट पर असर होगा। नए नियमों के तहत बल्ले की मोटाई को सीमित किया गया है। बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने की कवायद के तहत बल्ले की चौड़ाई 108 मिलीमीटर से अधिक नहीं होगी। जबकि किनारों पर इसकी मोटाई 40 मिलीमीटर और बीच में 67 मिलीमीटर से अधिक नहीं होगी।
द्रविड़ ने कहा, 'हां, बल्ले के आकार में बदलाव का असर होगा साथ ही खेल के परिणामों पर भी असर पड़ेगा। हालांकि बदलाव काफी बड़े नहीं हैं क्योंकि कुछ ही खिलाड़ी हैं जो ऐसे बल्लों का इस्तेमाल करते हैं जो नए नियमों के तहत नहीं आते। यह अच्छा फैसला है।' वहीं, दायें हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि बल्ले के आकार के अलावा भी कई ऐसे चीजें है जो खेल को प्रभावित करती है।