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द्रविड़ ने खोला राज़, कैसे बने टीम इंडिया के ‘द वॉल’
Updated Tue, 19 Jul 2016 05:10 PM IST
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राहुल द्रविड़
- फोटो : PTI
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भारतीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ का अपना एक अलग ही कद है। ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने हाल ही में एक शो के दौरान अपने इस नाम का खुलासा किया। द्रविड़ ने बताया कब उन्हें पहली बार वॉल कहा गया।
अपनी सॉलिड तकनीक और अटूट सब्र के लिए मशहूर द्रविड़ क्रीज पर घंटो बिता सकते थे। पूरे करियर के दौरान भारतीय क्रिकेट की ‘दीवार’ सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रही। द्रविड़ को आउट करना बेहद मुश्किल था, क्योंकि वो अच्छे गेंदों को पूर सम्मान देते थे।
शो के दौरान द्रविड़ ने बताया कि यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि एक चतुराई भरा नाम था। 43 वर्षीय द्रिवड़ ने बताया कि पहली बार उन्हें यह नाम कह दिया, यह कह पाना मुश्किल है। लेकिन उन्हें यह मालूम है कि यह नाम कहां से आया।
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अपनी सॉलिड तकनीक और अटूट सब्र के लिए मशहूर द्रविड़ क्रीज पर घंटो बिता सकते थे। पूरे करियर के दौरान भारतीय क्रिकेट की ‘दीवार’ सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रही। द्रविड़ को आउट करना बेहद मुश्किल था, क्योंकि वो अच्छे गेंदों को पूर सम्मान देते थे।
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शो के दौरान द्रविड़ ने बताया कि यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि एक चतुराई भरा नाम था। 43 वर्षीय द्रिवड़ ने बताया कि पहली बार उन्हें यह नाम कह दिया, यह कह पाना मुश्किल है। लेकिन उन्हें यह मालूम है कि यह नाम कहां से आया।
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क्यों कहा गया 'द वॉल'
राहुल द्रविड़
- फोटो : getty
उन्होंने बताया कि यह नाम उनकी एक लंबी और तथाकथित ‘बोरिंग’ पारी के बाद आया, जब उन्होंने हेडलाइन नें इस नाम को पढ़ा – ‘द वॉल’
उन्होंने कहा कि यह मीडिया की एक चतुराई थी। द्रविड़ ने का किसी अखबार में काम करने वाले की पत्रकार की चतुराई ही थी कि उन्होंने मुझे ‘द वॉल’ का नाम दिया। मेरी बल्लेबाजी के अनुसार यह साकारात्मक नाम है।
हालांकि द्रविड़ ने कहा कि बुरे दौर में उन्हें इस नाम के साथ कई खराब खबरों का भी सामना करना पड़ा। द्रविड़ के अनुसार अखबार वालों के लिए यह नाम एक ‘अच्छा’ तोहफा था, जिसे वो दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते थे। काफी मेहनत और वक्त लगाने के बाद उन्हें यह नाम दिया होगा।
टेस्ट क्रिकेट में 13,000 से ज्यादा रन और एकदिवसीय मैचों में 10,000 से ज्यादा रन बनाना कोई छोटी बात नहीं। द्रविड़ के करियर और रिकॉर्ड देख कर लगता है कि यह नाम उन्हें पूरी तरह सूट करता है।
उन्होंने कहा कि यह मीडिया की एक चतुराई थी। द्रविड़ ने का किसी अखबार में काम करने वाले की पत्रकार की चतुराई ही थी कि उन्होंने मुझे ‘द वॉल’ का नाम दिया। मेरी बल्लेबाजी के अनुसार यह साकारात्मक नाम है।
हालांकि द्रविड़ ने कहा कि बुरे दौर में उन्हें इस नाम के साथ कई खराब खबरों का भी सामना करना पड़ा। द्रविड़ के अनुसार अखबार वालों के लिए यह नाम एक ‘अच्छा’ तोहफा था, जिसे वो दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते थे। काफी मेहनत और वक्त लगाने के बाद उन्हें यह नाम दिया होगा।
टेस्ट क्रिकेट में 13,000 से ज्यादा रन और एकदिवसीय मैचों में 10,000 से ज्यादा रन बनाना कोई छोटी बात नहीं। द्रविड़ के करियर और रिकॉर्ड देख कर लगता है कि यह नाम उन्हें पूरी तरह सूट करता है।