पांचवें और अंतिम टेस्ट की पहली पारी में एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी। मगर अपना डेब्यू टेस्ट खेल रहे हनुमा विहारी क्रीज पर अंगद की तरह पैर जमाकर खड़े हो गए। न सिर्फ उन्होंने टीम को मुश्किल समय से उबारा बल्कि अर्धशतक लगाकर एक कीर्तिमान भी स्थापित किया।
अब चारों ओर मध्यक्रम के इस बल्लेबाज की तारीफ हो रही है। खुद हनुमा विहारी ने अपनी सफलता का श्रेय इंडिया ए के कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को दिया है। विहारी ने कहा है कि गुरू द्रविड़ की वजह से ही वे इतने अच्छे खिलाड़ी बन पाए।
अपने पहले टेस्ट में उतरने से पहले हनुमा काफी बेचैन थे। इस बारे में खुद विहारी बताते हैं कि मैच से एक दिन पहले मैंने उन्हें फोन किया और बताया कि मैं अपना टेस्ट डेब्यू करने वाला हूं। उन्होंने मुझसे कुछ देर तक बात की और कई अहम सलाह दी। उसकी वजह से मेरे ऊपर जो दबाव था वो कम हो गया।
हनुमा से द्रविड़ ने बोला कि तुम्हारे पास स्किल है और टेंपरामेंट भी। बस तुम्हें वहां जाकर अपने खेल का लुत्फ उठाना। विहारी ने कहा कि इसके लिए मैं उनको काफी सारा श्रेय देना चाहुंगा क्योंकि उनकी वजह से इंडिया ए के लिए मेरा सफर काफी अच्छा रहा। वहां पर अच्छे प्रदर्शन की वजह से ही मेरा चयन भारतीय टेस्ट टीम में हो पाया।
हनुमा ने विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा,‘दूसरे छोर पर विराट के होने से मेरा काम आसान हो गया। उनकी सलाह से मुझे काफी मदद मिली. मैं उन्हें इसका श्रेय देना चाहूंगा’ बताते चले कि इंग्लैंड के खिलाफ पांचवे और आखिरी टेस्ट मैच में हनुमा को भारतीय टीम में शामिल किया गया और अपने डेब्यू मैच में ही शानदार फिफ्टी जड़ खुद को साबित किया।