पाक ने जोरदार जीत के साथ खत्म किया 9 साल का सूखा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए कप्तान के साथ हार से शुरुआत करने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम अपने रंग में लौट आई है और लगातार दूसरी वनडे सीरीज अपने नाम कर लिया है। वर्ल्ड कप के बाद मिस्बाह उल हक के संन्यास लेने के बाद पाक वनडे टीम की कमान अजहर अली को सौंप दी गई।
अजहर की कप्तानी में पाक को बांग्लादेश के हाथों शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद टीम ने अपनी पिछली नाकामी को पीछे छोड़ते हुए लगातार दो वनडे सीरीज जीत लिया है। पिछले दिनों पाक ने जिम्बाब्वे को अपने घर में वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप कर हराया था, और अब इस टीम ने श्रीलंका को उसके घर में जाकर हरा दिया।
श्रीलंका दौरे पर गई पाकिस्तान टीम ने टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाने के बाद पांच मैचों की वनडे सीरीज में 4 में से 3 मैच जीतकर 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है। सीरीज में पाक को सिर्फ दूसरे मैच में ही हार मिली थी।
पाक की यह जीत इस मायने में बेहद खास है क्योंकि उसे 9 साल बाद ऐसी जीत मिली है। इस सीरीज से पहले पाक ने श्रीलंका में आखिरी बार 2006 में वनडे सीरीज अपने नाम किया था। उस समय उन्होंने 2-0 से सीरीज जीती थी। लेकिन इसके बाद उन्हें 3 सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा।
ओपनर्स के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से 55 गेंद के अंतर से जीता पाक
पांच मैचों की वनडे सीरीज जीतने के लिए चौथे मैच में पाकिस्तान को 257 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के दम पर 41वें ओवर में ही हासिल कर लिया। पाक ने 40.5 ओवर में 3 विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
उसकी ओर से अहमद शहजाद ने 95 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन वह महज 5 रनों से अपने शतक से चूक गए। उनके अलावा मोहम्मद हफीज ने 70 और कप्तान अजहर अली ने 33 रनों की पारी खेली।
श्रीलंका का कोई भी गेंदबाज पाक बल्लेबाजों पर अंकुश नहीं लगा सका और 41वें ओवर में ही मैच गंवा बैठे। गेंदबाज सचिता पाथिराना ने 10 ओवर में बिना किसी सफलता के 81 रन दे डाले।
पाक ने यह मैच 55 गेंदों के अंतर से जीत लिया जो उसकी गेंद के लिहाज से श्रीलंका के खिलाफ वनडे में चौथी सबसे बड़ी जीत है। उसकी श्रीलंका पर गेंद के लिहाज से सबसे बड़ी जीत 2012 में दुबई में मिली थी जब उसने 169 गेंद शेष रहते हराया था।
पाक की ओर से इस साल सलामी बल्लेबाजों ने 9 बार पचास से ज्यादा का स्कोर किया है, जो किसी भी टीम की ओर से यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पाक के ओपनर्स ने 19 पारियों में से 1088 रन बनाए हैं। इस दौरान 4 शतक और 5 अर्धशतक शामिल है।
कप्तान हुआ फ्लॉप, थिरिमाने बने 'नर्वस नाइंटीज'
इससे पहले लाहिरू थिरिमाने (90) और तिलकरत्ने दिलशान (50) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत श्रीलंका ने पांच मैचों की सीरीज के चौथे वनडे मैच में 50 ओवर में 9 विकेट पर 256 रन बनाए।
श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और उसका पहला ही विकेट मैच के पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर गिर गया था। उस समय मेजबान टीम का खाता भी नहीं खुला था। उसके सलामी बल्लेबाज कुशल परेरा को तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने इमाद वासिम के हाथों कैच कराकर श्रीलंका को तगड़ा झटका दिया।
परेरा खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद दिलशान और थिरिमाने ने पारी को संभालने की कोशिश की और दोनों इसमें सफल भी रहे। दोनों बल्लेबाजों ने संयम से बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की कुल रन संख्या को 100 के पार पहुंचाया। दिलशान के रूप में श्रीलंका को दूसरा झटका लगा। उन्हें स्लो लेफ्ट आर्म अर्थोडॉक्स इमाद वासिम ने बोल्ड किया।
आउट होने से पहले दिलशान, थिरिमाने के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 109 रनों की साझेदारी कर चुके थे। इसके बाद श्रीलंका की ओर से कोई बड़ी साझेदारी नहीं हो सकी और नियमित अंतराल पर उसके विकेट गिरते रहे।
श्रीलंका का तीसरा विकेट कप्तान एंजेलो मैथ्यूज के रूप में गिरा। मैथ्यूज टीम के लिए कुछ खास योगदान नहीं दे सके और उन्हें 12 रन के निजी योग पर राहत अली ने यासिर शाह के हाथों कैच कराया। श्रीलंका की ओर से दिनेश चांदीमल ने 20 जबकि मिलिंडा श्रीवर्धना ने 19 रन बनाए। अशन प्रियरंजन 18 जबकि लसिथ मलिंगा 17 रन बनाकर आउट हुए। सचिथ पथिराना 14 रन बनाकर रनआउट हुए।
पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद इरफान ने तीन जबकि अनवर अली ने दो विकेट झटके। राहत अली, यासिर शाह और इमाद वसीम ने एक-एक विकेट चटकाए।