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ICC का नया राजस्व मॉडल पास, BCCI अपनी बात पर कायम
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:16 PM IST
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बीसीसीआई
- फोटो : getty
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आईसीसी के नए संवैधानिक मॉडल में 1-9 से और राजस्व मॉडल में 2-8 से मुंह की खाने के बाद बीसीसीआई अपने रुख पर कायम है। बीसीसीआई ने आईसीसी के सबसे ताजा प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। इस नए प्रस्ताव के अनुसार बीसीसीआई को 293 मिलियन डॉलर (करीब 17,781) करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। दुबई में हुई आईसीसी की बैठक में सभी देशों ने बिग-थ्री मॉडल के खिलाफ वोट दिया।
नए राजस्व मॉडल के अनुसार, आईसीसी ने बीसीसीआई को 2015 से 2023 के बीच 293 मिलियन डॉलर देने की पेशकश की थी, जो उसके द्वारा मांगे गए 570 मिलियन डॉलर का आधा ही थी। अब या तो भारतीय बोर्ड मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के तहत सभी द्विपक्षीय सीरीज से हाथ खींचे या फिर नए मॉडल को स्वीकार करे।
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इससे पहले आईसीसी के स्वतंत्र चेयरमैन शशांक मनोहर ने नए बदलावों को मानने के लिए अतिरिक्त 100 मिलियन डॉलर देने का ऑफर दिया, जिससे भारतीय बोर्ड को 400 मिलियन डॉलर मिलते। बीसीसीआई ने इस ऑफर का ठुकरा दिया। अब बीसीसीआई ने अपनी स्पेशल जनरल मीटिंग बुलाई है, जिसके बाद ही उसके पैंतरे का खुलासा होगा।
बीसीसीआई को कुछ सदस्य देशों के वोट मिलने का पूरा भरोसा था जिसमें बांग्लादेश और जिम्बाब्वे शामिल हैं। बीसीसीआई को पूरी उम्मीद थी कि दोनों भारत के पक्ष में रहेंगे लेकिन इनके वोट न मिल पाना हैरानी भरा रहा। इसके अलावा प्रशासकों की समिति (सीओए) के लिए परेशान करने वाली बात यह भी रही कि वह कुछ सदस्य देशों से बातचीत कर रहा था और उसे भरोसा था कि वह भी भारत के पक्ष में रहेंगे। सीओए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन नाजमुल हसन, डेविड पीवर (ऑस्ट्रेलिया) और हारून लोर्गट (दक्षिण अफ्रीका) के वोट पाने में भी असफल रहा जो भारत दौरे पर भी आए थे।
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BCCI will receive $293m across the eight year cycle under ICC's revised financial model passed in Dubai ICC meet. pic.twitter.com/HencaIccc4
— ANI (@ANI_news) April 27, 2017विज्ञापन
नए राजस्व मॉडल के अनुसार, आईसीसी ने बीसीसीआई को 2015 से 2023 के बीच 293 मिलियन डॉलर देने की पेशकश की थी, जो उसके द्वारा मांगे गए 570 मिलियन डॉलर का आधा ही थी। अब या तो भारतीय बोर्ड मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के तहत सभी द्विपक्षीय सीरीज से हाथ खींचे या फिर नए मॉडल को स्वीकार करे।
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इससे पहले आईसीसी के स्वतंत्र चेयरमैन शशांक मनोहर ने नए बदलावों को मानने के लिए अतिरिक्त 100 मिलियन डॉलर देने का ऑफर दिया, जिससे भारतीय बोर्ड को 400 मिलियन डॉलर मिलते। बीसीसीआई ने इस ऑफर का ठुकरा दिया। अब बीसीसीआई ने अपनी स्पेशल जनरल मीटिंग बुलाई है, जिसके बाद ही उसके पैंतरे का खुलासा होगा।
बीसीसीआई को कुछ सदस्य देशों के वोट मिलने का पूरा भरोसा था जिसमें बांग्लादेश और जिम्बाब्वे शामिल हैं। बीसीसीआई को पूरी उम्मीद थी कि दोनों भारत के पक्ष में रहेंगे लेकिन इनके वोट न मिल पाना हैरानी भरा रहा। इसके अलावा प्रशासकों की समिति (सीओए) के लिए परेशान करने वाली बात यह भी रही कि वह कुछ सदस्य देशों से बातचीत कर रहा था और उसे भरोसा था कि वह भी भारत के पक्ष में रहेंगे। सीओए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन नाजमुल हसन, डेविड पीवर (ऑस्ट्रेलिया) और हारून लोर्गट (दक्षिण अफ्रीका) के वोट पाने में भी असफल रहा जो भारत दौरे पर भी आए थे।