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MS Dhoni and Virat Kohli: विराट-धोनी ने पांच साल पहले ही बता दी थी यह समस्या, बीसीसीआई अब तक नहीं कर पाई समाधान
Tue, 12 Apr 2022 06:27 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 12 Apr 2022 06:27 PM IST
सार
विनोद राय ने अपनी किताब में बताया है कि 2017 में उन्होंने धोनी और कोहली के साथ बातचीत की थी। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने कई समस्याओं को उजागर किया था। इसमें वर्कलोड मैंनेजमेंट और फीस की समस्या भी शामिल थी।
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विराट कोहली और एमएस धोनी
- फोटो : twitter@RCBTweets
विस्तार
महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे महानतम कप्तानों में शामिल हैं। उन्होंने लंब समय तक टीम इंडिया की कमान संभाली। कप्तानी छोड़ने के बाद भी धोनी भारत के लिए खेले और विराट के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट को संभाला। इन दोनों खिलाड़ियों ने मैदान में भारत को मैच जिताने से लेकर युवा खिलाड़ियों के चयन और बीसीसीआई के सामने खिलाड़ियों की समस्या रखने तक हर मामले में साझेदारी की। ऐसे ही एक मामले के बारे में विनोद राय ने अपनी किताब में खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि धोनी और विराट ने 2017 में ही वर्कलोड की समस्या बता दी थी, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है।
विनोद राय ने अपनी किताब "नॉट जस्ट अ नाइट वॉचमैनः माई इनिंग्स इन द बीसीसीआई" में कई किस्सों का जिक्र किया है। इसमें से एक किस्सा विराट और धोनी के साथ मीटिंग का भी है, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने टीम इंडिया से जुड़ी कई समस्याओं के बारे में बताया था।
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विनोद राय ने अपनी किताब "नॉट जस्ट अ नाइट वॉचमैनः माई इनिंग्स इन द बीसीसीआई" में कई किस्सों का जिक्र किया है। इसमें से एक किस्सा विराट और धोनी के साथ मीटिंग का भी है, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने टीम इंडिया से जुड़ी कई समस्याओं के बारे में बताया था।
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31 अक्तूबर 2017 में हुई थी मीटिंग
विनोद राय ने अपनी किताब में बताया है कि यह मीटिंग 31 अक्तूबर 2017 को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में हुई थी। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने वर्कलोड का मुद्दा उठाया था। 2016 में भारतीय खिलाड़ियों ने 232 दिन मैच खेले थे। इसके बाद आईपीएल में भी दो महीने तक क्रिकेट हुआ था। इसके अलावा खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, मुआवजे और विदेशी दौरे में उनके परिवार के रुकने को लेकर चर्चा हुई थी। विनोद राय ने यह भी बताया है कि भारतीय खिलाड़ियों की सैलरी काफी ज्यादा है, लेकिन कुछ मुद्दों पर समस्या थी, जिनका समाधान किया गया था।
चार भाग में बांटा गया था सालाना अनुबंध
विराट और धोनी के साथ मीटिंग के बाद विनोद राय की अगुवाई में बीसीसीआई ने कई बदलाव किए थे। सालाना अनुबंध को ए+, ए, बी, और सी चार भागों में बांटा गया था। ए+ कैटेगरी में खिलाड़ियों को आठ करोड़, ए कैटेगरी में सात करोड़, बी कैटेगरी में पांच करोड़ और सी कैटेगरी में तीन करोड़ रुपये फीस दिए जाने का प्रस्ताव था। बीसीसीआई वित्त कमेटी के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन प्रस्तावों पर अच्छी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन कुछ चीजें अटकने की वजह से इस बारे में तुरत फैसला नहीं हो पाया था।
इसका फायदा महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भी मिला था और बीसीसीआई ने पूर्व महिला क्रिकेटरों की पेंशन बढ़ा दी थी। पहले यह पेंशन 15 हजार रुपये महीना थी, जिसे बढ़ाकर 22,500 रुपये तक किया गया था।
विनोद राय ने अपनी किताब में बताया है कि यह मीटिंग 31 अक्तूबर 2017 को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में हुई थी। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने वर्कलोड का मुद्दा उठाया था। 2016 में भारतीय खिलाड़ियों ने 232 दिन मैच खेले थे। इसके बाद आईपीएल में भी दो महीने तक क्रिकेट हुआ था। इसके अलावा खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, मुआवजे और विदेशी दौरे में उनके परिवार के रुकने को लेकर चर्चा हुई थी। विनोद राय ने यह भी बताया है कि भारतीय खिलाड़ियों की सैलरी काफी ज्यादा है, लेकिन कुछ मुद्दों पर समस्या थी, जिनका समाधान किया गया था।
चार भाग में बांटा गया था सालाना अनुबंध
विराट और धोनी के साथ मीटिंग के बाद विनोद राय की अगुवाई में बीसीसीआई ने कई बदलाव किए थे। सालाना अनुबंध को ए+, ए, बी, और सी चार भागों में बांटा गया था। ए+ कैटेगरी में खिलाड़ियों को आठ करोड़, ए कैटेगरी में सात करोड़, बी कैटेगरी में पांच करोड़ और सी कैटेगरी में तीन करोड़ रुपये फीस दिए जाने का प्रस्ताव था। बीसीसीआई वित्त कमेटी के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन प्रस्तावों पर अच्छी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन कुछ चीजें अटकने की वजह से इस बारे में तुरत फैसला नहीं हो पाया था।
इसका फायदा महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भी मिला था और बीसीसीआई ने पूर्व महिला क्रिकेटरों की पेंशन बढ़ा दी थी। पहले यह पेंशन 15 हजार रुपये महीना थी, जिसे बढ़ाकर 22,500 रुपये तक किया गया था।