साल 2018 के समाप्त होने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। ऐसे में फैंस को फील्ड पर हुए बड़े उतार-चढ़ाव काफी याद आ रहे हैं। इस साल किसी खिलाड़ी को उम्मीद से ज्यादा सफलता मिली, तो किसी के लिए यह करियर का सबसे खराब दौर बनकर सामने आया।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरून बेनक्राफ्ट के लिए यह साल सबसे खराब रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीजन की पहली टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले पर तीनों खिलाड़ी बॉल टेंपरिंग के मामले में दोषी पाए गए। इसके बाद आईसीसी ने वॉर्नर-स्मिथ पर एक-एक साल का बैन लगया था, जबकि बैनक्राफ्ट को नौ महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया।
इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान जो रूट के लिए भी यह वर्ष शानदार रहा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज में शर्मनाक हार के बाद उनके नेतृत्व में टीम ने एक के बाद एक लगातार कई सफलता हासिल की। रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 17 साल बाद 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
इसके अलावा इंग्लैंड ने रूट की कप्तानी में भी विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम इंडिया को भी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-1 से मात दी। इसी बीच उनके सबसे अनुभवी बल्लेबाज एलिस्टर कुक ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। टीम इंडिया के खिलाफ अपने आखिरी मुकाबले में कुक ने शतक जड़ा।
टीम इंडिया को विश्व कप में दो बार चैंपियन बनाने वाले ओपनर बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी इसी साल क्रिकेट से संन्यास लिया। गंभीर 2011 विश्व कप और 2007 टी-20 विश्व कप के फाइनल में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर करने वाले बल्लेबाज थे।