अफरीदी की तरह मिस्बाह भी लेंगे वर्ल्ड कप के बाद संन्यास
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क्रिकेट का महासंग्राम यानी वर्ल्ड कप के शुरू होने में महज एक महीने का वक्त रह गया है। हर बार की तरह इस बार भी वर्ल्ड कप के बाद दुनिया के कई बड़े सितारों का करियर खत्म होने वाला है। लेकिन अभी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उसे झटके लगने लगे हैं।
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज शाहिद अफरीदी ने पिछले महीने ने ही वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। उनके बाद अब उन्हीं की टीम के कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने भी इस टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद क्रिकेट के सीमित ओवरों (वनडे और टी-20) के मुकाबले छोड़ने की बात कह डाली है। हालांकि उनका कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलते रहेंगे।
उन्होंने क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो से कहा, "सात दिन पहले ही मैंने पीसीबी को बता दिया था कि यह वनडे और टी-20 क्रिकेट छोड़ने का सही वक्त है, लेकिन मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा। मैंने इसके बारे में काफी कुछ सोचा। वर्ल्ड कप एक खास टूर्नामेंट है और मैं इसमें अच्छा खेलना चाहता हूं और इसके बाद छोड़ना।" वर्ल्ड कप के बाद अफरीदी और मिस्बाह के संन्यास ले लेने से पाक टीम के सामने एक नए कप्तान की समस्या फिर उठ खड़ी होगी।
अफरीदी के संन्यास लेने पर कप्तान बने थे मिस्बाह
पीसीबी चेयरमैन शहरयार खान ने मिस्बाह के बयान की पुष्टि की है। उनके अनुसार बोर्ड ने मिस्बाह के फैसले को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने टीम में उत्साह का संचार करने के लिए मिस्बाह की जमकर तारीफ भी की।
उन्होंने कहा, "स्पॉट फिक्सिंग घोटाले के बाद से वह पाक टीम के लिए एक तरह से प्रेरणास्रोत रहे हैं और वर्ल्ड कप के बाद वनडे से संन्यास लेने का फैसला उनका खुद का है।" उन्होंने अप्रैल 2002 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था।
40 क्रिकेट के पाक कप्तान ने अब तक 153 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 42.83 की औसत से 37 अर्धशतकों के साथ 4669 रन बनाए। हालांकि वह अपने वनडे करियर में एक भी शतक नहीं लगा सके हैं। उनके नाम एक भी शतक के बगैर सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्हें अक्टूबर 2004 में वनडे टीम से निकाल दिया गया था।
इसके 3 साल बाद वह फिर से अक्टूबर 2007 में टीम में वापसी करने में सफल रहे। वह 2009 और 2010 में भी टीम से अंदर-बाहर होते रहे। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने मई 2011 में शाहिद अफरीदी से वनडे टीम की कप्तानी हासिल की। अफरीदी ने तत्कालीन चेयरमैन एजाज बट के साथ मतभेद के चलते वनडे से संन्यास ले लिया था जिस कारण मिस्बाह को कप्तानी मिल गई। उन्होंने 78 वनडे में कप्तानी की और 41 में टीम को जीत दिलाई।
वनडे के अलावा मिस्बाह ने 39 टी-20 मैच भी खेले हैं जिसमें 8 मैचों में कप्तानी भी की। हालांकि वह फरवरी 2012 से टी-20 टीम से बाहर हैं।