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एमसीसी को वित्तीय संकट का मुद्दा जल्द सुलझने की उम्मीद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 05 Nov 2018 09:46 PM IST
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mumbai cricket association
- फोटो : mumbai cricket association
मुंबई क्रिकेट संघ को उम्मीद है कि उसे जिस वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वह मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा। बंबई उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने 14 सितंबर को प्रभार छोड़ दिया था।
इसके बाद से एमसीए में किसी को भी बैंक खातों के संचालन का अधिकार नहीं है। एमसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई से कहा, 'शु्क्रवार को हमने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। लेकिन हमें इसे अवकाशकालीन पीठ के समक्ष रखने को कहा गया है। इस मुद्दे पर जल्द ही सुनवाई की उम्मीद है।'
अधिकारी के अनुसार एमसीए ने अदालत के समक्ष प्रार्थना की कि एमसीए अधिकारी उनमेश खानविलकर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीएस नाईक को बैंक खातों के संचालन का संयुक्त अधिकार दिया जाए।
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अधिकारी ने कहा, 'हमें विभिन्न लोगों को भुगतान करना होता है। हमें स्टाफ का वेतन देने के लिए पैसे उधार लेने पड़े और इसे वापस करने की जरूरत है।' एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एमसीए को उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा।
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इसके बाद से एमसीए में किसी को भी बैंक खातों के संचालन का अधिकार नहीं है। एमसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई से कहा, 'शु्क्रवार को हमने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। लेकिन हमें इसे अवकाशकालीन पीठ के समक्ष रखने को कहा गया है। इस मुद्दे पर जल्द ही सुनवाई की उम्मीद है।'
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अधिकारी के अनुसार एमसीए ने अदालत के समक्ष प्रार्थना की कि एमसीए अधिकारी उनमेश खानविलकर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीएस नाईक को बैंक खातों के संचालन का संयुक्त अधिकार दिया जाए।
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अधिकारी ने कहा, 'हमें विभिन्न लोगों को भुगतान करना होता है। हमें स्टाफ का वेतन देने के लिए पैसे उधार लेने पड़े और इसे वापस करने की जरूरत है।' एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एमसीए को उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा।