राजस्थान के रॉयल्स से हिसाब चुकाने उतरेंगे दिल्ली के डेयरडेविल्स
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टूर्नामेंट की शुरुआत में लड़खड़ाहट भरे प्रदर्शन के बाद अब एकजुट नजर आ रही दिल्ली डेयरडेविल्स रविवार को जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो उसका इरादा इस प्रतिद्वंद्वी से मिली पिछली हार का हिसाब चुकता करने का होगा। इन दोनों के बीच हुई पिछली भिड़ंत में राजस्थान ने 3 विकेट से बाजी मारी थी। दिल्ली की टीम इस मैच में जीत की लय पर सवार होकर उतरेगी। उसने अपने आखिरी मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी थी, जबकि राजस्थान को उसके अंतिम मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने 8 रन से हराया।
अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंची दिल्ली के लिए उसके बल्लेबाजों श्रेयस अय्यर, मयंक अग्रवाल ने बढ़िया प्रदर्शन किया है। जबकि कप्तान जेपी डुमिनी ने भी मोर्चे से अगुआई की है। श्रेयस अब तक कुल 281 और मयंक 202 रन बना चुके हैं। बस युवराज सिंह लय में लौट आएं तो रही सही कसर भी पूरी हो जाएगी। अनुभवी जहीर खान की वापसी के बाद गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत हुआ है। करीब एक साल के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने वाले जहीर ने पंजाब के खिलाफ 4 ओवर में 17 रन देकर दो अहम विकेट चटकाए थे।
वहीं लगातार पांच मैच जीतकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत करने वाली राजस्थान की टीम से मानो तकदीर रूठ गई है। पिछले पांच मुकाबलों में से जहां दो बारिश की भेंट चढ़ गए, वहीं तीन में उसे हार मिली है। ओपनर अजिंक्य रहाणे टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर हैं, जबकि शेन वाटसन और स्टीवन स्मिथ से भी टीम को बड़ी उम्मीदें हैं। गेंदबाजी में टिम साउदी और कोलिन मौरिस ने आशानुरूप प्रदर्शन किया है, लेकिन स्टुअर्ट बिन्नी ऑलराउंडर की भूमिका सही ढंग से नहीं निभा सके हैं। स्पिन विभाग प्रवीण तांबे के सुरक्षित हाथों में है।
फिसड्डी किंग्स पर खिताबी दौड़ से बाहर होने का खतरा
पिछले साल की उपविजेता टीम किंग्स इलेवन पंजाब इस साल अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है। टीम 8 मैचों में से दो में ही जीत दर्ज कर सकी है और अब रविवार को उसे अपने घरेलू मैदान पर लय में लौटती दिख रही मुंबई इंडियंस का सामना करना है। पंजाब के लिए प्लेऑफ की राह वैसे ही काफी मुश्किल हो गई है और अगर इस मैच में भी उसे हार मिलती है तो फिर उसके खिताब की दौड़ से बाहर होना लगभग तय हो जाएगा।
टीम को अपनी उम्मीदें बनाए रखनी हैं तो फिर उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों वीरेंद्र सहवाग, मुरली विजय, शॉन मार्श, मिलर और मैक्सवेल को रन बनाने ही होंगे। जबकि संदीप शर्मा और अक्षर पटेल को छोड़कर उसका कोई अन्य गेंदबाज प्रभाव नहीं डाल सका है। हालांकि पंजाब के लिए मानसिक रूप से यह भी एक सकारात्मक बात हो सकती है कि उसने दोनों टीमों के बीच 12 अप्रैल को हुई पिछली भिड़ंत में मुंबई को मात दी थी।
वहीं मुंबई की टीम लगातार दो मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी हुई है। अपने पिछले मुकाबले में उसने राजस्थान रॉयल्स को करीबी मुकाबले में 8 रन से शिकस्त दी थी। मुंबई के लिए ओपनर लेंडल सिमंस और पार्थिव पटेल अच्छी शुरुआत कर रहे हैं, जबकि मध्य क्रम में अंबाती रायडू भी लय में लौट आए हैं। गेंदबाजी में इस टीम के पास लसिथ मलिंगा और मिचेल मैकक्लेनाघन के रूप में दो बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। मोहाली की तेज और उछालभरी पिच पर तो यह दोनों और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। वहीं स्पिनर हरभजन सिंह भी मोहाली के हालात से अच्छी तरह वाकिफ होंगे।